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World Sight Day : इस उम्र में होते हैं शरीर में कई बदलाव , लक्षणों को न करें अनदेखा
Saturday, 07 Oct 2023 17:00 pm
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Lucknow Desk : हमारे शरीर के बाकी हिस्सों की तरह, आंखों को भी विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है, दुर्भाग्य से लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण इस अंग पर कई प्रकार का नकारात्मक असर देखा जा रहा है। इस उम्र में आंख की रोशनी कमजोर होने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में आपको अपना खास ख्याल रखना चाहिए।  चलिए हम यहां आपको बताएंगे कि 40 की उम्र के बाद किन बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। चलिए जानते हैं। 

40 साल की उम्र के बाद खानपान और लाइफस्टाइल से जुड़े कारणों की वजह से आपकी नजरें कमजोरी हो सकती हैं। आंख की रोशनी कम होना आपके शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ा भी हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याओं की वजह से आपकी आंख की रोशनी कमजोर हो सकती हैं। वहीं अगर आप समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसकी वजह से आपको गंभीर समस्या भी हो सकती है। 

मोतियाबिंद-
आंख में मोतियाबिंद की समस्या बढ़ती उम्र में सबसे आम है। इस बीमारी की वजह से आंख में मौजूद लेंस से आपको धुंधला नजर आने लगता है। शुरुआती समय में मोतियाबिंद के लक्षण डॉक्टर की सलाह लेक इलाज करना फायदेमंद होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह बीमारि लंबे समय तक बनी रहती है तो इसकी वजह से आपकी आंखे हमेशा के लिए खराब भी हो सकती हैं। 
आंख से पानी आना-
आंख से पानी आना बढ़ती उम्र से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। इस समस्या में आपकी आंख में दर्द, बहुत ज्यादा आंसू आना आदि समस्याएं हो सकती हैं। इस समस्या से बचने के लिए आपको आंखों को ढककर रखना होता है। इसके लिए आपको चश्मा जरूर पहनना चाहिए। 


ग्लूकोमा का बढ़ता खतरा

ग्लूकोमा उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या है, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इस रोग का जोखिम कम उम्र के लोगों यहां तक कि बच्चों में देखी जा रही है। ग्लूकोमा आंखों की बीमारियों का एक समूह है, जो आंख के पीछे स्थित ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाकर दृष्टि हानि और अंधापन का कारण बन सकती है। इस रोग के लक्षण इतने धीरे-धीरे शुरू होते हैं कि शुरुआत में इसपर ध्यान भी नहीं जाता है।

ग्लूकोमा के कारण कम दिखाई देने के साथ आंखों-सिर में तेज दर्द, मतली या उल्टी लगना,  रोशनी के चारों ओर रंगीन छल्ले दिखने और आंखों के लाल होने की समस्या हो सकती है।