भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बातचीत तेज हो गई है। दोनों देश व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को जल्द अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ाना है। 14 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने व्यापार समझौते की वार्ता को जल्द पूरा करने और द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक प्रगति बनाए रखने पर सहमति जताई।
2030 तक व्यापार बढ़ाने की योजना
भारत और कनाडा ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 70 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कनाडा के अनुसार, वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का कुल व्यापार लगभग 30.4 अरब डॉलर रहा था। प्रस्तावित समझौते से इस कारोबार को दोगुने से अधिक करने की उम्मीद है।
इस समझौते के तहत दोनों देश बाजार तक पहुंच आसान बनाने, व्यापारिक बाधाओं को कम करने और कंपनियों के लिए नए अवसर तैयार करने जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, समझौते की शर्तों पर बातचीत जारी है और इसे अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।
मंत्रियों की बैठक में व्यापार पर चर्चा
भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने भी व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की है। दोनों मंत्रियों की मुलाकात नई दिल्ली में हुई। इसमें व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते की वार्ता, निवेश और कारोबार के नए अवसरों पर विचार किया गया।
कनाडा का एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। इस प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य भारतीय कंपनियों के साथ व्यावसायिक साझेदारी विकसित करना और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशना है। प्रतिनिधिमंडल के मुंबई और बेंगलुरु में भी कारोबारी संपर्क कार्यक्रमों में शामिल होने की योजना है।
ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग
भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक बातचीत केवल वस्तुओं के आयात-निर्यात तक सीमित नहीं है। दोनों देश ऊर्जा, कृषि, तकनीक, शिक्षा और निवेश जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने के अवसर तलाश रहे हैं।
कनाडा के पास ऊर्जा संसाधनों और महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता है, जबकि भारत के पास बड़ा बाजार, कुशल कार्यबल और विनिर्माण क्षमता है। दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ने से कंपनियों को नए बाजार मिल सकते हैं और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।
संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश
पिछले कुछ वर्षों में भारत और कनाडा के संबंधों में कूटनीतिक तनाव देखने को मिला था। अब दोनों सरकारें नियमित बातचीत और आर्थिक सहयोग के जरिए संबंधों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। प्रस्तावित व्यापार समझौते को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कनाडा की ओर से समझौते को 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, अंतिम समयसीमा वार्ता की प्रगति और दोनों पक्षों की सहमति पर निर्भर करेगी।
यदि समझौता तय शर्तों के साथ लागू होता है, तो इससे व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और आगे की प्रगति पर नजर बनी हुई है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बातचीत तेज हो गई है। दोनों देश व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को जल्द अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ाना है। 14 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने व्यापार समझौते की वार्ता को जल्द पूरा करने और द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक प्रगति बनाए रखने पर सहमति जताई। 2030 तक व्यापार बढ़ाने की योजना भारत और कनाडा ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 70 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कनाडा के अनुसार, वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का कुल व्यापार लगभग 30.4 अरब डॉलर रहा था। प्रस्तावित समझौते से इस कारोबार को दोगुने से अधिक करने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत दोनों देश बाजार तक पहुंच आसान बनाने, व्यापारिक बाधाओं को कम करने और कंपनियों के लिए नए अवसर तैयार करने जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, समझौते की शर्तों पर बातचीत जारी है और इसे अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। मंत्रियों की बैठक में व्यापार पर चर्चा भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने भी व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की है। दोनों मंत्रियों की मुलाकात नई दिल्ली में हुई। इसमें व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते की वार्ता, निवेश और कारोबार के नए अवसरों पर विचार किया गया। कनाडा का एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। इस प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य भारतीय कंपनियों के साथ व्यावसायिक साझेदारी विकसित करना और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशना है। प्रतिनिधिमंडल के मुंबई और बेंगलुरु में भी कारोबारी संपर्क कार्यक्रमों में शामिल होने की योजना है। ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक बातचीत केवल वस्तुओं के आयात-निर्यात तक सीमित नहीं है। दोनों देश ऊर्जा, कृषि, तकनीक, शिक्षा और निवेश जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने के अवसर तलाश रहे हैं। कनाडा के पास ऊर्जा संसाधनों और महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता है, जबकि भारत के पास बड़ा बाजार, कुशल कार्यबल और विनिर्माण क्षमता है। दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ने से कंपनियों को नए बाजार मिल सकते हैं और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है। संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश पिछले कुछ वर्षों में भारत और कनाडा के संबंधों में कूटनीतिक तनाव देखने को मिला था। अब दोनों सरकारें नियमित बातचीत और आर्थिक सहयोग के जरिए संबंधों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। प्रस्तावित व्यापार समझौते को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कनाडा की ओर से समझौते को 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, अंतिम समयसीमा वार्ता की प्रगति और दोनों पक्षों की सहमति पर निर्भर करेगी। यदि समझौता तय शर्तों के साथ लागू होता है, तो इससे व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और आगे की प्रगति पर नजर बनी हुई है।
मध्य प्रदेश में सरकारी विमान को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राज्य सरकार के लिए लगभग ₹234 करोड़ की लागत से खरीदा गया बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 विमान जल्द भारत पहुंचने वाला है। विमान के दिल्ली पहुंचने के बाद जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी और इसके बाद इसे मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल लाया जा सकता है। यह खबर 13 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों के बाद सामने आई है। हालांकि, विमान के पहुंचने की वास्तविक तारीख और प्रक्रिया की स्थिति की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से की जानी चाहिए। ₹234 करोड़ की लागत से खरीदा गया विमान रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार ने बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 श्रेणी का विमान खरीदा है। इसकी कीमत करीब ₹234 करोड़ बताई गई है। यह एक बिजनेस जेट श्रेणी का विमान है, जिसका इस्तेमाल सरकारी यात्राओं और अन्य अधिकृत हवाई यात्राओं के लिए किया जा सकता है। विमान की खरीद से राज्य सरकार की हवाई यात्रा संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। दिल्ली में पूरी होंगी जरूरी औपचारिकताएं मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि विमान के भारत पहुंचने के बाद दिल्ली में कस्टम क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस प्रक्रिया में जरूरी दस्तावेजों और संबंधित औपचारिकताओं का निपटारा किया जाता है। इसके बाद विमान को भोपाल लाने की योजना है। हालांकि, इन प्रक्रियाओं के पूरा होने और विमान की उड़ान संबंधी कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी जरूरी है। क्या हैं बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 की खासियतें? बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 एक आधुनिक बिजनेस जेट है। इस श्रेणी के विमानों को लंबी दूरी की यात्रा, आरामदायक केबिन और व्यावसायिक विमानन सुविधाओं के लिए जाना जाता है। हालांकि, मध्य प्रदेश सरकार को मिले विमान के विशिष्ट कॉन्फिगरेशन, सीटों की संख्या और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी आधिकारिक दस्तावेजों से सत्यापित की जानी चाहिए। सरकारी विमान को लेकर क्यों है चर्चा? सरकारी विमान का इस्तेमाल मुख्यमंत्री, अन्य अधिकृत सरकारी प्रतिनिधियों और प्रशासनिक जरूरतों के लिए किया जा सकता है। इससे विभिन्न शहरों के बीच यात्रा करने में सुविधा मिल सकती है। दूसरी ओर, लगभग ₹234 करोड़ की लागत के कारण विमान की खरीद पर सरकारी खर्च, उपयोग और रखरखाव को लेकर भी लोगों की रुचि स्वाभाविक है। विमान के वास्तविक इस्तेमाल और इससे होने वाले लाभ का आकलन संबंधित सरकारी जानकारी के आधार पर किया जा सकेगा। मध्य प्रदेश सरकार का लगभग ₹234 करोड़ का बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 विमान इन दिनों चर्चा में है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसे भोपाल लाए जाने की उम्मीद है। विमान के आगमन, सुविधाओं और इस्तेमाल से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर से प्रदेश के 9,18,091 किसानों के लिए ₹493 करोड़ की कृषि निवेश अनुदान राशि जारी की। यह सहायता उन किसानों के लिए है, जिनकी फसलों को बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान पहुंचा है। सरकार का उद्देश्य प्रभावित किसानों को आर्थिक मदद देकर खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करने में सहयोग करना है। 9 लाख से अधिक किसानों को मिली राहत राहत आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में 9 अक्टूबर तक प्रदेश में 9 लाख से अधिक प्रभावित किसानों की पहचान की गई थी। इनमें वे किसान शामिल हैं, जिनकी फसलों को प्रतिकूल मौसम के कारण नुकसान हुआ है। सरकार ने इन किसानों तक राहत पहुंचाने के लिए सहायता राशि जारी की है। डीबीटी के जरिए खातों में पहुंची रकम किसानों को अनुदान का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से किया जा रहा है। इस व्यवस्था में सरकारी सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और बिचौलियों की भूमिका कम करने में मदद मिलती है। प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को नुकसान प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ और लगातार बारिश के कारण खेती प्रभावित हुई है। खेतों में पानी भरने, फसलें गिरने और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। ऐसे में कृषि निवेश अनुदान से प्रभावित किसानों को बीज, खाद और अन्य कृषि जरूरतों के लिए आर्थिक मदद मिल सकती है। पहले भी वितरित की गई थी सहायता राहत आयुक्त कार्यालय से जुड़ी जानकारी के अनुसार, शुरुआती आकलन के आधार पर जिलों को ₹169 करोड़ अग्रिम कृषि निवेश अनुदान के रूप में जारी किए गए थे। इसके तहत 1,29,326 किसानों को ₹78.75 करोड़ की सहायता वितरित की जा चुकी थी। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति झेलने वाले परिवारों को भी सहायता दी गई थी। किसान कैसे जांचें भुगतान की स्थिति? प्रभावित किसानों को अपने बैंक खाते और संबंधित सरकारी रिकॉर्ड की जांच करनी चाहिए। भुगतान की जानकारी के लिए किसान अपने जिले के राजस्व विभाग, कृषि विभाग या स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं। सहायता की पात्रता फसल क्षति के आकलन और निर्धारित सरकारी नियमों के आधार पर तय होती है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी ₹493 करोड़ की सहायता प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे पात्र किसानों को नुकसान की भरपाई करने और अगली फसल की तैयारी में मदद मिल सकती है। किसानों को अपने खाते में भुगतान की पुष्टि अवश्य करनी चाहिए।