Lucknow Desk: भारत और आयरलैंड के बीच खेला गया टी20 मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक साबित हुआ। यह मैच 26 जून 2026 को बेलफास्ट में आयोजित किया गया था। दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन अंत में आयरलैंड ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए भारत को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस मुकाबले ने साबित कर दिया कि क्रिकेट में किसी भी टीम को कमजोर नहीं माना जा सकता।
आयरलैंड की शानदार बल्लेबाजी
मैच की शुरुआत आयरलैंड की बल्लेबाजी से हुई। आयरलैंड के ओपनर बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही तेज रन बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया। शुरुआती विकेट जल्दी नहीं गिरने के कारण आयरलैंड की टीम मजबूत स्थिति में पहुंच गई।
मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने भी जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी की। उन्होंने बड़े शॉट लगाए और रन गति को लगातार बढ़ाते रहे। भारतीय गेंदबाज विकेट लेने के लिए संघर्ष करते दिखाई दिए। आयरलैंड की टीम ने पूरे 20 ओवरों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
भारतीय गेंदबाजों का संघर्ष
भारतीय गेंदबाजों ने मैच में अच्छी शुरुआत करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली। तेज गेंदबाजों ने शुरुआत में नियंत्रित गेंदबाजी की, लेकिन आयरलैंड के बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज अपनाकर रन बनाए।
स्पिन गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में रन रोकने की कोशिश की, लेकिन आयरलैंड के बल्लेबाजों ने समझदारी से खेलते हुए तेजी से रन बनाए। भारतीय टीम की फील्डिंग भी उम्मीद के अनुसार नहीं रही। कुछ कैच छूटे और मैदान पर छोटी-छोटी गलतियों का नुकसान टीम को उठाना पड़ा।
भारत की बल्लेबाजी की शुरुआत
जब भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करने मैदान में उतरी, तब दर्शकों को उम्मीद थी कि भारत आसानी से मैच जीत जाएगा। भारतीय ओपनरों ने शुरुआत अच्छी की, लेकिन जल्दी विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई।
आयरलैंड के गेंदबाजों ने शानदार लाइन और लेंथ से गेंदबाजी की। उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। हर ओवर में दबाव बढ़ता गया और रन बनाना मुश्किल होता गया।
मध्यक्रम की असफलता
भारतीय टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। कुछ बल्लेबाज अच्छी शुरुआत के बाद आउट हो गए। टीम को एक बड़े साझेदारी की जरूरत थी, लेकिन लगातार विकेट गिरते रहे।
आयरलैंड के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजों को बांधकर रखा। स्पिनरों और तेज गेंदबाजों ने मिलकर शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय बल्लेबाज आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाने की कोशिश करते रहे, लेकिन लक्ष्य काफी कठिन हो चुका था।
आयरलैंड की ऐतिहासिक जीत
आयरलैंड ने इस मैच में आत्मविश्वास और शानदार टीमवर्क का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने हर विभाग में बेहतरीन खेल दिखाया। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों में टीम ने भारत पर दबाव बनाए रखा।
यह जीत आयरलैंड क्रिकेट इतिहास की बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है। खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने इस जीत का जोरदार जश्न मनाया। क्रिकेट विशेषज्ञों ने भी आयरलैंड की टीम की खूब प्रशंसा की।
भारत के लिए सीख
भारतीय टीम के लिए यह हार एक महत्वपूर्ण सीख साबित हुई। टीम को अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में सुधार करने की जरूरत महसूस हुई। कप्तान और कोचिंग स्टाफ ने माना कि कुछ मौकों पर टीम से गलतियां हुईं।
हालांकि भारतीय टीम मजबूत है और आने वाले मैचों में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता रखती है। खिलाड़ियों को अपनी कमजोरियों पर काम करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी गलतियों से बचा जा सके।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
हॉकी प्रेमियों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। FIH Hockey World Cup 2026 की शुरुआत शनिवार, 15 अगस्त 2026 से होने जा रही है। इस बार पुरुष और महिला दोनों विश्व कप एक साथ Belgium और Netherlands में आयोजित किए जाएंगे। टूर्नामेंट 15 अगस्त से शुरू होकर 30 अगस्त 2026 तक चलेगा। कुल 32 टीमें इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी, जिनमें 16 पुरुष और 16 महिला टीमें शामिल हैं। Belgium और Netherlands करेंगे मेजबानी FIH Hockey World Cup 2026 की मेजबानी दो यूरोपीय देश मिलकर कर रहे हैं। मुकाबले Belgium के Wavre और Netherlands के Amsterdam/Amstelveen क्षेत्र में खेले जाएंगे। FIH के अनुसार टूर्नामेंट के लगभग आधे मुकाबले Belgium और बाकी Netherlands में आयोजित किए जाएंगे। यह खास मौका है क्योंकि पुरुष और महिला हॉकी विश्व कप एक ही समय और एक ही मेजबान व्यवस्था के तहत आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पहले भी ऐसा सीमित अवसरों पर ही हुआ है। भारत की पुरुष टीम पर रहेंगी निगाहें भारत की पुरुष हॉकी टीम भी विश्व कप में चुनौती पेश करने के लिए तैयार है। भारतीय टीम की कप्तानी अनुभवी ड्रैग-फ्लिकर Harmanpreet Singh करेंगे। भारत ने विश्व कप के लिए 20 सदस्यीय टीम घोषित की है और टीम का लक्ष्य टूर्नामेंट में मजबूत प्रदर्शन करना होगा। पुरुष प्रतियोगिता में भारत के अलावा Belgium, Netherlands, Australia, Germany, Argentina, Spain, New Zealand, Pakistan, England, Japan और अन्य मजबूत टीमें हिस्सा ले रही हैं। ऐसे में भारतीय टीम के लिए हर मुकाबला अहम रहने वाला है। भारतीय महिला टीम भी मैदान में भारत की महिला टीम भी इस World Cup का हिस्सा है। भारतीय महिला टीम की कमान Salima Tete के हाथों में है। टीम में अनुभवी गोलकीपर Savita और Navneet Kaur जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं। महिला टूर्नामेंट में Netherlands, Belgium, Germany, Argentina, Australia, China, England, Spain, USA और New Zealand जैसी मजबूत टीमें भारत को चुनौती देंगी। चार पूल में बांटी गई हैं टीमें पुरुष और महिला दोनों प्रतियोगिताओं में 16-16 टीमें हिस्सा लेंगी। टीमों को चार-चार के चार पूल में बांटा गया है। पूल मुकाबलों के बाद आगे के चरण खेले जाएंगे, जहां खिताब की दौड़ और अधिक रोमांचक हो जाएगी। FIH की आधिकारिक वेबसाइट पर 15 अगस्त से शुरू होने वाले मुकाबलों का पूरा कार्यक्रम जारी किया गया है। उद्घाटन दिन से ही पुरुष और महिला दोनों वर्गों के मुकाबले शुरू हो जाएंगे। 30 अगस्त को होगा टूर्नामेंट का समापन विश्व कप करीब दो सप्ताह तक चलेगा और इसका समापन 30 अगस्त 2026 को होगा। दुनिया की शीर्ष हॉकी टीमों के बीच खिताब के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिलने की उम्मीद है। भारत के लिए यह टूर्नामेंट विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा। पुरुष टीम से जहां लंबे समय बाद विश्व कप में बड़ी उपलब्धि की उम्मीद रहेगी, वहीं महिला टीम भी दुनिया की शीर्ष टीमों को चुनौती देने की कोशिश करेगी। फिलहाल सभी की निगाहें 15 अगस्त पर टिकी हैं, जब Belgium और Netherlands में हॉकी का यह बड़ा वैश्विक मुकाबला शुरू होगा। भारतीय प्रशंसकों के लिए स्वतंत्रता दिवस के दिन विश्व कप की शुरुआत उत्साह को और बढ़ाने वाली है।
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा एक बार फिर खेल जगत में चर्चा का विषय बने हुए हैं। 11 अगस्त 2026 को उनके टेस्ट करियर, लंबे सफर और भारतीय टीम में लगातार बनी हुई अहमियत को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा तेज रही। जडेजा पिछले कई वर्षों से भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं और उन्होंने गेंदबाजी, बल्लेबाजी तथा फील्डिंग तीनों विभागों में टीम को कई बार मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला है। लंबे समय से टीम इंडिया का अहम हिस्सा रविंद्र जडेजा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में खुद को एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है, जो किसी भी परिस्थिति में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखता है। बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। टेस्ट क्रिकेट में खासतौर पर जडेजा की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। भारतीय परिस्थितियों में उनकी सटीक गेंदबाजी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए हमेशा चुनौती बनी है। इसके अलावा विदेशों में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण पारियां खेलकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता साबित की है। चोट के बाद हुई टीम में वापसी जडेजा कुछ समय तक tennis elbow की समस्या के कारण क्रिकेट से दूर रहे थे। इसके बाद जुलाई 2026 के अंत में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए उन्हें भारतीय टीम में दोबारा शामिल किया गया। उनकी वापसी को भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि जडेजा का अनुभव टीम के संतुलन को मजबूत बनाता है। वह एक ही खिलाड़ी के रूप में टीम को गेंदबाजी, बल्लेबाजी और बेहतरीन फील्डिंग का विकल्प देते हैं। कई बार कर चुके हैं शानदार वापसी रविंद्र जडेजा के करियर की खास बात यह रही है कि उन्होंने कई मौकों पर कठिन परिस्थितियों के बाद मजबूत वापसी की है। चोट हो या टीम संयोजन में बदलाव, जडेजा ने अक्सर अपने प्रदर्शन से आलोचकों को जवाब दिया है। उनका करियर यह भी दिखाता है कि लगातार फिटनेस बनाए रखना और बदलती परिस्थितियों के अनुसार खेल में सुधार करना कितना जरूरी है। समय के साथ जडेजा की बल्लेबाजी में भी काफी सुधार देखने को मिला है। फील्डिंग में भी अलग पहचान जडेजा को दुनिया के बेहतरीन फील्डरों में गिना जाता है। तेज थ्रो, शानदार कैच और मैदान पर उनकी फुर्ती कई बार भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है। वह अक्सर ऐसे रन आउट करते नजर आए हैं, जो मैच का पूरा रुख बदल देते हैं। यही वजह है कि टीम में उनकी मौजूदगी केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि मैदान पर उनका प्रभाव कई स्तरों पर दिखाई देता है। युवा खिलाड़ियों के लिए अनुभव महत्वपूर्ण भारतीय टीम में नए और युवा खिलाड़ियों की संख्या बढ़ने के बीच जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों को कठिन परिस्थितियों में सही फैसले लेने में मदद कर सकता है। आगे भी जडेजा पर रहेंगी नजरें अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि आगामी मुकाबलों में रविंद्र जडेजा कैसा प्रदर्शन करते हैं। उनकी फिटनेस और फॉर्म भारतीय टीम के लिए आने वाले टेस्ट मैचों में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। कुल मिलाकर रविंद्र जडेजा का नाम भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में शामिल है। लगातार शानदार प्रदर्शन, मुश्किल समय में वापसी और तीनों विभागों में योगदान ने उन्हें टीम इंडिया का खास खिलाड़ी बनाया है। आने वाले मुकाबलों में भी उनसे टीम को अहम योगदान की उम्मीद रहेगी।
स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के आठवें दिन भारत ने दो और पदक अपने नाम किए। वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने पुरुषों के 110 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में रजत पदक जीता, जबकि सीमा कलिरमणा ने महिला डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक हासिल किया। इन सफलताओं से भारत की पदक तालिका और मजबूत हुई। स्वर्ण से सिर्फ एक किलोग्राम दूर रहे लवप्रीत लवप्रीत सिंह ने वेटलिफ्टिंग फाइनल में दमदार प्रदर्शन करते हुए कुल 388 किलोग्राम भार उठाया। स्नैच प्रतियोगिता के बाद वह मजबूत स्थिति में थे और स्वर्ण पदक के प्रमुख दावेदार दिखाई दे रहे थे। हालांकि, न्यूजीलैंड के डेविड लिटी ने क्लीन एंड जर्क में 223 किलोग्राम का शानदार भार उठाकर मुकाबले का परिणाम बदल दिया। डेविड लिटी ने कुल 389 किलोग्राम भार उठाते हुए स्वर्ण पदक जीता। इस तरह लवप्रीत केवल एक किलोग्राम के अंतर से शीर्ष स्थान हासिल नहीं कर सके। इसके बावजूद उनका रजत पदक भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम के लिए बड़ी उपलब्धि रहा। इसके साथ भारत का वेटलिफ्टिंग अभियान भी एक और महत्वपूर्ण पदक के साथ समाप्त हुआ। सीमा कलिरमणा ने डिस्कस थ्रो में दिखाया दम महिला डिस्कस थ्रो में सीमा कलिरमणा ने 58.65 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए कांस्य पदक जीता। कठिन मुकाबले में सीमा ने संयम बनाए रखा और पोडियम पर जगह बनाने में सफल रहीं। उनकी यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स दल के लिए विशेष मानी जा रही है। इसी स्पर्धा में भारत की निधि रानी भी पदक के करीब पहुंचीं, लेकिन उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। सीमा का कांस्य पदक इस बात का प्रमाण है कि भारतीय खिलाड़ी ट्रैक और फील्ड प्रतियोगिताओं में भी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत के कुल पदकों की संख्या हुई 17 आठवें दिन के मुकाबले समाप्त होने के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 17 बताई गई। इनमें तीन स्वर्ण, 10 रजत और चार कांस्य पदक शामिल थे। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में 10वें स्थान पर था। कुछ शुरुआती समाचार अपडेट में कुल संख्या 16 दिखाई गई थी, लेकिन दिन के अंत की तालिका में इसे 17 बताया गया। भारतीय खिलाड़ियों से और पदकों की उम्मीद भारत की पदक उम्मीदें अभी समाप्त नहीं हुई हैं। नीरज चोपड़ा सहित भारत के तीन भाला फेंक खिलाड़ियों ने फाइनल में जगह बनाई है। लंबी कूद, ट्रिपल जंप और अन्य एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में भी भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। लवप्रीत और सीमा की सफलता ने भारतीय दल का उत्साह बढ़ाया है। आने वाले मुकाबलों में खिलाड़ियों से और पदक जीतने की उम्मीद की जा रही है।