Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे को पूरी तरह बैन कर दिया गया है। इसके अलावा यूपी सरकार ने कहा कि चाइनीज मांझे से मौत को हत्या माना जाएगा। प्रदेश में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह फैसला लिया है। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने पुलिस अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि चाइनीज़ मांझे की बिक्री और उपलब्धता को रोकने के लिए प्रदेश में सघन छापेमारी अभियान चलाया जाए।
सीएम ने यह स्पष्ट किया है कि चाइनीज़ मांझे की वजह से किसी की जान जाती है, तो उसे हत्या की श्रेणी में माना जाएगा। हत्या के अनुसार, सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा सीएम योगी ने अधिकारियों को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि लोग इस खतरनाक मांझे के इस्तेमाल से बचें और सुरक्षित विकल्प अपनाएं।
बता दें, सीएम योगी आदित्यनाथ चाइनीज मांझे की वजह से रही लगातार मौतों को लेकर बेहद नाराज हैं। उन्होंने अधिकारियों से सीधे सवाल किया कि प्रतिबंध लागू होने के बावजूद बाजार में चाइनीज़ मांझा आखिर कैसे पहुंच रहा है और इसकी बिक्री कौन कर रहा है? इसको पता करें और रोक लगाए।
दरअसल, 4 फरवरी को लखनऊ में चाइनीस मांझे से गर्दन कटने की वजह से एमआर की मौत हो गई थी। वह बाइक से जा रहे थे। तभी उनके गले में चाइनीज मांझा फंस गया। खून से लथपथ होकर वह बाइक समेत गिर गए और करीब 10 मिनट तक तड़पते रहे। राहगीरों ने उनको ट्रामा सेंटर पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जिसके बाद यूपी सरकार ने चाइनीज मांझे पर सख्त रुख अपनाते हुए इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
जम्मू-कश्मीर में भारतीय रेलवे ने 2 अक्टूबर 2026 को एक अहम उपलब्धि दर्ज की। जम्मू-श्रीनगर रूट पर चलने वाली Vande Bharat Express ने पहली बार Chenab Railway Bridge और Anji Bridge को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पार किया। यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब Katra-Banihal रेल सेक्शन पर ट्रेनों की अधिकतम अनुमत गति को बढ़ाकर 100 kmph किया गया है। Katra-Banihal सेक्शन पर बढ़ी स्पीड रेलवे ने 111 किलोमीटर लंबे Shri Mata Vaishno Devi Katra-Banihal सेक्शन पर अधिकतम अनुमत गति को 75 kmph से बढ़ाकर 100 kmph कर दिया है। इससे पहले अलग-अलग हिस्सों में ट्रेनों की अधिकतम गति 75 और 85 kmph तक निर्धारित थी। गति बढ़ाने से पहले रेलवे की ओर से जरूरी सुरक्षा जांच और तकनीकी मानकों को पूरा किया गया। Chenab Bridge पर 100 kmph की रफ्तार Vande Bharat की इस यात्रा का सबसे खास हिस्सा Chenab Railway Bridge रहा। करीब 359 मीटर की ऊंचाई पर बना यह पुल Chenab नदी के ऊपर स्थित है और इसे दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज माना जाता है। ट्रेन ने इस चुनौतीपूर्ण रेल संरचना को 100 kmph की रफ्तार से पार किया। यह पहला मौका बताया जा रहा है जब इस पुल पर Vande Bharat ने संशोधित अधिकतम अनुमत गति के साथ परिचालन किया। Anji Bridge भी 100 kmph की गति से पार इसी दौरान Vande Bharat Express ने Anji Bridge को भी 100 kmph की रफ्तार से पार किया। Anji Bridge भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज है। पहाड़ी और कठिन भौगोलिक क्षेत्र में बने इन दोनों पुलों से होकर गुजरने वाला यह रेल मार्ग आधुनिक इंजीनियरिंग का महत्वपूर्ण उदाहरण है। यात्रियों को मिलेगा फायदा Katra-Banihal सेक्शन पर स्पीड बढ़ने से ट्रेन संचालन में तेजी आने की उम्मीद है। इससे इस मार्ग पर यात्रा के समय में कमी आ सकती है और जम्मू क्षेत्र से कश्मीर घाटी तक रेल कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। यह सेक्शन Udhampur-Srinagar-Baramulla Rail Link (USBRL) का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह रेल परियोजना जम्मू क्षेत्र को कश्मीर घाटी से जोड़ने के लिए बनाई गई है। कठिन पहाड़ी क्षेत्र में आधुनिक रेल कनेक्टिविटी Katra-Banihal रेल लाइन पहाड़ों, गहरी घाटियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से होकर गुजरती है। इस मार्ग पर कई सुरंगों और बड़े पुलों का निर्माण किया गया है। Chenab और Anji Bridge इसी परियोजना की प्रमुख संरचनाओं में शामिल हैं। 2 अक्टूबर की 100 kmph की यात्रा के साथ जम्मू-कश्मीर के इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर तेज ट्रेन संचालन की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा है। रेलवे के लिए यह उपलब्धि न केवल नई गति से जुड़ी है, बल्कि कठिन पहाड़ी इलाके में सुरक्षित और आधुनिक रेल परिचालन की क्षमता को भी दर्शाती है।
उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को राजनीति में प्रवेश करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वह अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत उत्तर प्रदेश से करेंगी और किसी राजनीतिक दल से जुड़ने के बजाय नागरिकों के साथ मिलकर एक स्वतंत्र राजनीतिक मंच तैयार करने की दिशा में काम करेंगी। दिव्या मित्तल ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपने राजनीतिक कदम की जानकारी दी। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी “कर्मभूमि” बताते हुए कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनने का प्रयास करेंगी, जिनकी समस्याएं अक्सर सरकारी कार्यालयों तक पहुंच नहीं पातीं। उनके अनुसार, राजनीति के माध्यम से लोगों की समस्याओं को सामने लाने और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर काम करने की कोशिश की जाएगी। 13 साल की IAS सेवा के बाद राजनीति का फैसला दिव्या मित्तल ने करीब 13 वर्षों तक भारतीय प्रशासनिक सेवा में काम किया। वह उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की अधिकारी रही हैं। उन्होंने 30 अगस्त 2026 को IAS से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। इसके बाद उनके अगले कदम को लेकर कई तरह की चर्चाएं थीं। अब उन्होंने स्वतंत्र रूप से राजनीति में आने की घोषणा कर दी है। अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिम्मेदारियां संभालीं। वह मेरठ, गोंडा, कानपुर नगर, बरेली, संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया समेत कई स्थानों पर प्रशासनिक पदों पर रहीं। वह मिर्जापुर की जिलाधिकारी भी रह चुकी हैं। मिर्जापुर में जल परियोजना से मिली पहचान मिर्जापुर में जिलाधिकारी के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान लहुरियादह गांव में पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने का काम काफी चर्चा में रहा था। इससे पहले गांव के लोगों को पेयजल के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता था। इस काम के कारण उन्हें सार्वजनिक स्तर पर काफी पहचान मिली। स्वतंत्र राजनीतिक मंच बनाने की तैयारी दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया है कि उनका राजनीतिक सफर किसी मौजूदा राजनीतिक दल के साथ जुड़कर शुरू नहीं होगा। वह नागरिकों के साथ मिलकर एक स्वतंत्र राजनीतिक मंच बनाने की बात कर रही हैं। उन्होंने प्रशासनिक अनुभव के दौरान सामने आए सार्वजनिक मुद्दों को राजनीति के माध्यम से उठाने की बात कही है। उन्होंने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, सार्वजनिक संसाधनों के प्रबंधन, आधारभूत ढांचे और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विद्यार्थियों की समस्याओं जैसे मुद्दों का उल्लेख किया है। उनका कहना है कि राजनीति के जरिए लोगों की समस्याओं को सीधे सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। हालांकि, उन्होंने अपने वर्तमान ऐलान में किसी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन या चुनाव लड़ने की किसी विशेष सीट की घोषणा नहीं की है।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुवायां थाना क्षेत्र के नत्थापुर गांव में अंतिम संस्कार के बाद जलती चिता पर कथित तौर पर मीट पकाने का मामला सामने आया। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, नत्थापुर गांव निवासी छोटेलाल का बीमारी के चलते 19 सितंबर को निधन हो गया था। 20 सितंबर की दोपहर गांव के पास स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के बाद परिवार के लोग घर लौट गए। शाम को मृतक के बेटे वीरपाल अपने परिजनों के साथ दोबारा चिता देखने के लिए श्मशान घाट पहुंचे। वहां उन्होंने कथित तौर पर तीन लोगों को चिता की आग पर एक बर्तन रखकर मीट पकाते हुए देखा। मृतक के परिजनों ने जब इसका विरोध किया तो मौके पर विवाद की स्थिति बन गई। वीरपाल ने एक आरोपी को मौके पर पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद यूपी-112 की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लिया गया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। शुरुआती जानकारी में दो आरोपी मौके से फरार बताए गए थे। बाद में पुलिस ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मामले में नत्थापुर झंझटपुर निवासी रामचरन, राजेंद्र और सुरेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। क्षेत्राधिकारी पुवायां प्रवीण मलिक ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। घटना का एक वीडियो भी सामने आने की बात रिपोर्टों में कही गई है। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी श्मशान घाट पर शराब पी रहे थे और इसी दौरान उन्होंने चिता की आग पर मीट पकाने का फैसला किया। वहीं, दूसरी रिपोर्ट में आरोपियों पर तंत्र-मंत्र से जुड़ी गतिविधि का आरोप लगाए जाने की बात कही गई है। हालांकि इन दावों को लेकर पुलिस की जांच और दर्ज मामले की जानकारी को ही अंतिम आधार माना जाना चाहिए। घटना सामने आने के बाद मृतक के परिवार और स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। लोगों ने इस घटना को लेकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।