Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) आज, 23 अप्रैल 2026 को हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) के रिजल्ट जारी करने जा रहा है। बोर्ड शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए नतीजों की घोषणा करेगा। इस साल करीब 52 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
रिजल्ट जारी होते ही वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक आ सकता है, इसलिए छात्र अलग-अलग तरीकों से अपना परिणाम देख सकते हैं।
वेबसाइट से ऐसे करें चेक
सबसे पहले upmsp.edu.in या upresults.nic.in वेबसाइट पर जाएं
होमपेज पर “High School Result 2026” या “Intermediate Result 2026” लिंक पर क्लिक करें
अपना रोल नंबर दर्ज करें
12वीं के छात्र स्कूल कोड भी भरें (एडमिट कार्ड में दिया होता है)
कैप्चा भरकर Submit करें
आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिसे आप डाउनलोड या सेव कर सकते हैं
SMS से भी देख सकते हैं रिजल्ट
अगर वेबसाइट स्लो हो या खुल नहीं रही हो, तो SMS के जरिए भी रिजल्ट चेक किया जा सकता है:
10वीं के लिए: टाइप करें UP10
12वीं के लिए: टाइप करें UP12
इसे भेजें 56263 पर
कुछ ही सेकंड में आपका रिजल्ट मोबाइल पर मैसेज के रूप में आ जाएगा।
डिजिलॉकर से रिजल्ट देखें
छात्र डिजिलॉकर (results.digilocker.gov.in) पर भी अपनी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं।
इस तरह छात्र बिना किसी परेशानी के अपना UP बोर्ड रिजल्ट आसानी से चेक कर सकते हैं।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में करीब 46.88 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। लगातार बारिश और नदियों में बढ़ते जलस्तर के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। 15 जिलों के लाखों लोग प्रभावित बाढ़ का असर बिहार के कई जिलों में देखने को मिल रहा है। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। इन जिलों के कई गांवों और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बाढ़ के कारण कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई नदियों का जलस्तर बढ़ा राज्य में गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बताया जा रहा है। नदियों में पानी बढ़ने से आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा लगातार बना हुआ है। प्रशासन की ओर से नदियों के जलस्तर और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। संवेदनशील इलाकों में अधिकारियों और बचाव दलों को सतर्क रखा गया है। राहत शिविर और सामुदायिक रसोई शुरू बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में राहत शिविर और सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन स्थानों पर प्रभावित परिवारों को भोजन और रहने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जरूरतमंद लोगों तक सूखा राशन और अन्य जरूरी सामान भी पहुंचाया जा रहा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं और जरूरी दवाओं की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया जा रहा है। NDRF और SDRF की टीमें तैनात बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए NDRF और SDRF की टीमें प्रभावित जिलों में तैनात हैं। बचाव दल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। मौसम में बदलाव और आने वाले दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन की चिंता बनी हुई है। अगर बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ता है तो बाढ़ का असर कुछ अन्य इलाकों में भी बढ़ सकता है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना, राहत सामग्री उपलब्ध कराना और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखना है। आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर और मौसम की स्थिति के आधार पर बिहार में बाढ़ की स्थिति में बदलाव देखने को मिल सकता है।
राजधानी दिल्ली के ओखला फेज-1 इलाके में बुधवार, 9 सितंबर की सुबह ऑक्सीजन सिलेंडर में हुए जोरदार धमाके से हड़कंप मच गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल बताए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। गोदाम में हुआ हादसा प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह घटना ओखला फेज-1 स्थित एक गोदाम में हुई, जहां व्यावसायिक उपयोग के ऑक्सीजन सिलेंडर रखे गए थे। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर एक Tata 407 वाहन भी मौजूद था, जिसमें कमर्शियल ऑक्सीजन सिलेंडर लदे हुए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वाहन परिसर में मौजूद रहने के दौरान इनमें से एक सिलेंडर में विस्फोट हुआ। धमाके की सूचना पुलिस को सुबह करीब 10:43 बजे मिली। वहीं, दिल्ली फायर सर्विस को भी करीब 10:47 बजे घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। एक की मौत, चार घायल इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए। घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। दमकल कर्मियों और पुलिस टीमों ने मौके को सुरक्षित किया और यह सुनिश्चित किया कि आसपास रखे अन्य सिलेंडरों से कोई अतिरिक्त खतरा पैदा न हो। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया। धमाके की वजह अभी साफ नहीं पुलिस के मुताबिक, ऑक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट किस वजह से हुआ, इसकी जांच अभी जारी है। फिलहाल हादसे के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच में सिलेंडरों के रखरखाव, परिवहन और सुरक्षा मानकों समेत कई पहलुओं को देखा जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया है और हादसे से जुड़े लोगों तथा सिलेंडरों की एजेंसी और स्वामित्व से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही, धमाके से हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऑक्सीजन जैसे उच्च दबाव वाले गैस सिलेंडरों को रखने और ले जाने के दौरान निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी माना जाता है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसा किस कारण हुआ और इसमें किसी तरह की लापरवाही सामने आती है या नहीं। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद हादसे के कारण और जिम्मेदार लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट होगी।
नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार, 6 सितंबर 2026 को एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल होती थी इमारत बताया जा रहा है कि यह इमारत छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट (PG) आवास के तौर पर इस्तेमाल की जा रही थी। सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय इलाका है। यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और निजी हॉस्टलों में रहते हैं। दोपहर में अचानक भरभराकर गिरी बिल्डिंग जानकारी के मुताबिक हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। अचानक इमारत का एक हिस्सा गिरने लगा और देखते ही देखते पूरी संरचना मलबे में बदल गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभियान घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस, NDRF और अन्य राहत एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को देखते हुए काफी देर तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया बचाव अभियान के दौरान कई लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य को प्राथमिकता देते हुए घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी। इमारत की हालत और निर्माण कार्य पर सवाल हादसे के बाद इमारत की संरचनात्मक स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शुरुआती जानकारी में इमारत में मरम्मत या निर्माण से जुड़ा काम चलने की बात सामने आई है। हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों और अधिकारियों की जांच के बाद ही कारण सामने आएगा। सरकार ने दिए जांच के आदेश हादसे के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से इमारत की उम्र, निर्माण कार्य, मरम्मत और सुरक्षा मानकों समेत कई पहलुओं की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही गई है। पुराने भवनों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल दिल्ली में इस घटना ने पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर उन इलाकों में जहां बड़ी संख्या में छात्र और किरायेदार रहते हैं, वहां भवनों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। हादसे ने परिवारों को गहरे सदमे में डाला इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों में मातम का माहौल है। राहत और बचाव अभियान के साथ-साथ प्रशासन के सामने पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की चुनौती भी है। घटना ने राजधानी में भवन सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।