उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सरयू नदी की कटान ने नदी किनारे बसे ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। बैरिया क्षेत्र के उत्तरी दियारा इलाके में नदी के तेज कटाव के कारण तीन मकान नदी में समा गए। इसके अलावा लगभग 100 बीघा कृषि भूमि के कटान की खबर सामने आई है। इस घटना से प्रभावित परिवारों के सामने आवास और आजीविका को लेकर मुश्किलें बढ़ गई हैं। नदी के किनारे रहने वाले ग्रामीण लगातार कटान की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
कटान से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
सरयू नदी के किनारे बसे गांवों में कटान लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। नदी के बहाव में बदलाव और किनारों की मिट्टी के लगातार कटने से घरों तथा खेती की जमीन को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। इस बार भी कटान के कारण कई परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा है।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, गोपालनगर टांडी, शिवाल मठिया और आसपास के दियारा क्षेत्र में नदी का कटाव ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। तीन मकानों के नदी में समाने की घटना ने प्रभावित परिवारों की चिंता और बढ़ा दी है। जिन लोगों के घर नदी में समा गए, उनके सामने रहने की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन सकता है।
कृषि भूमि के कटने से आजीविका पर असर
ग्रामीण इलाकों में कृषि भूमि लोगों की आय का प्रमुख साधन होती है। ऐसे में नदी की कटान से जमीन का नुकसान केवल संपत्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ता है। लगभग 100 बीघा जमीन के कटान की खबर से क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है।
खेती की जमीन नदी में समाने से किसानों को भविष्य में फसल उत्पादन और आय से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जिन परिवारों की जमीन कटान की चपेट में आई है, उनके लिए नुकसान की भरपाई करना आसान नहीं होगा। हालांकि, प्रभावित किसानों की संख्या और कुल आर्थिक नुकसान का आधिकारिक आकलन अलग से सामने आना बाकी है।
नदी किनारे बसे परिवारों में चिंता
कटान प्रभावित इलाकों में रहने वाले परिवारों को लगातार सतर्क रहने की जरूरत होती है। नदी का किनारा कमजोर होने पर घरों और खेतों के लिए खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में ग्रामीणों की मांग रहती है कि संवेदनशील स्थानों पर कटान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
प्रभावित लोगों को राहत और सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और नुकसान का आकलन करने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
कटान रोकने के लिए प्रभावी कदम जरूरी
सरयू नदी की कटान से होने वाला नुकसान ग्रामीण क्षेत्रों में एक गंभीर समस्या है। मकानों और कृषि भूमि को बचाने के लिए संवेदनशील स्थानों की निगरानी, तट संरक्षण और आवश्यक सुरक्षा कार्यों पर ध्यान देना जरूरी है।
बलिया के उत्तरी दियारा क्षेत्र में तीन मकानों के नदी में समाने और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने की घटना ने एक बार फिर कटान प्रभावित परिवारों की समस्याओं को सामने ला दिया है। अब प्रभावित ग्रामीणों को राहत और भविष्य में ऐसे नुकसान को कम करने के लिए प्रभावी कदमों का इंतजार है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और महिला खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया है। शुक्रवार को शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि पर मां कात्यायनी को नारी शक्ति, साहस और पराक्रम का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ‘पदक लाओ, पद पाओ’ योजना के तहत पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती का अवसर दिया जा रहा है। पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नौकरी का अवसर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान और प्रोत्साहन देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही पात्र खिलाड़ियों को ‘पदक लाओ, पद पाओ’ योजना के अंतर्गत सरकारी नौकरी में सीधी भर्ती का अवसर भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य खिलाड़ियों को खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करना और उनकी उपलब्धियों के आधार पर भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद करना है। हालांकि, भर्ती के लिए निर्धारित पात्रता और नियम लागू होते हैं। महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों का किया उल्लेख मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की उन महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी का उल्लेख किया गया। वहीं, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया तथा कुश्ती में दिव्या काकरान की उपलब्धियों की सराहना की गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन से प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उनकी सफलता अन्य युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। गांव से लेकर जिला स्तर तक बढ़ेंगी खेल सुविधाएं योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गांवों के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तर के मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम तथा मंडल स्तर के स्पोर्ट्स कॉलेज तक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को भी खेल शिक्षा और प्रशिक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया। बेहतर मैदान, प्रशिक्षण और संसाधन मिलने से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के अधिक अवसर मिल सकते हैं। सरकार की ओर से खेलों के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ाने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे लाने पर जोर दिया जा रहा है। नारी शक्ति और खेलों को बढ़ावा देने पर जोर मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में वर्ष 2017 से पहले की स्थिति की आलोचना करते हुए दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में सुरक्षा, प्रोत्साहन और खेल सुविधाओं के क्षेत्र में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। ‘पदक लाओ, पद पाओ’ योजना और खेल अवसंरचना के विस्तार को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। इस पहल से खिलाड़ियों को आर्थिक प्रोत्साहन के साथ सरकारी सेवा में अवसर मिलने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक लाभ संबंधित भर्ती नियमों और पात्रता पर निर्भर करेगा।
बिहार के भोजपुर जिले के आरा शहर में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 की सुबह रिटायर्ड कस्टम अधिकारी राम कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना शहर के कनकपुरी इलाके में हुई। वारदात के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जमीन विवाद को हत्या की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। घर से निकलते समय किया गया हमला प्राप्त जानकारी के अनुसार, राम कुमार सिंह गुरुवार सुबह अपने बेटे के साथ टहलने के लिए रमना मैदान जाने की तैयारी कर रहे थे। दोनों घर से कार लेकर निकलने वाले थे। इसी दौरान जब राम कुमार सिंह घर का मुख्य गेट बंद कर रहे थे, तभी वहां पहुंचे हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस वारदात से परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। जमीन विवाद को लेकर परिवार ने जताई आशंका परिवार के सदस्यों ने हत्या के पीछे जमीन विवाद होने की आशंका जताई है। बताया जा रहा है कि राम कुमार सिंह ने अपने बेटे के लिए जमीन खरीदी थी। परिवार का आरोप है कि जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। इस संबंध में पहले भी शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। परिवार ने यह भी दावा किया है कि उन्हें पहले धमकियां मिली थीं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के जरिए होनी बाकी है। पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच के लिए जरूरी साक्ष्य जुटाए। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल की जांच की। अधिकारियों के निर्देश पर आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमलावर कितने थे और वारदात को अंजाम देने के बाद वे किस दिशा में फरार हुए। घटना से पहले किसी तरह की रेकी किए जाने की आशंका समेत दूसरे पहलुओं की भी जांच की जा सकती है। घटना के बाद सड़क जाम, गिरफ्तारी की मांग हत्या से नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। घटना के बाद आरा-पटना मुख्य मार्ग पर सपना सिनेमा मोड़ के पास सड़क जाम किए जाने की खबर सामने आई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले में तेजी से कार्रवाई करने और परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। हत्या के पीछे की वास्तविक वजह, आरोपियों की पहचान और घटना में शामिल लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में घूमने-फिरने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए एक नया आकर्षण तैयार हो रहा है। सेक्टर-94 में बन रहा जापानी पार्क इस साल के अंत तक आम लोगों के लिए खोले जाने की तैयारी है। नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, पार्क का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। पहले इसे अक्टूबर के अंत तक खोलने की योजना थी, लेकिन काम में देरी होने के कारण अब दिसंबर तक उद्घाटन का लक्ष्य रखा गया है। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा पार्क जापानी पार्क का निर्माण लगभग नौ एकड़ क्षेत्र में किया जा रहा है। इस परियोजना पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। पार्क को जापानी संस्कृति, प्रकृति, शांति और आध्यात्मिकता की अवधारणा पर विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहर के लोगों को हरियाली के बीच आराम करने और मनोरंजन का अवसर उपलब्ध कराना है। दिसंबर तक खुलने की उम्मीद नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, पार्क का काम पूरा करने के लिए समयसीमा बढ़ाई गई है। निर्माण कार्य में देरी के बाद अब दिसंबर के मध्य तक इसे खोलने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, आम लोगों के लिए प्रवेश शुरू होने की अंतिम तारीख की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। जापानी गार्डन और जेन गार्डन होंगे खास इस पार्क में जापानी शैली के बगीचे और जेन गार्डन तैयार किए जा रहे हैं। जेन गार्डन जापानी परंपरा से जुड़ा ऐसा उद्यान होता है, जिसे शांति, ध्यान और आत्मचिंतन के लिए जाना जाता है। इन विशेषताओं के कारण पार्क अन्य सामान्य सार्वजनिक उद्यानों से अलग अनुभव दे सकता है। झरने, छोटे पुल और अनोखे झूले पार्क में बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए कई आकर्षण विकसित किए जा रहे हैं। इनमें ड्रैगन के आकार का झूला, थीम आधारित झूले, सेल्फी पॉइंट, झरने और छोटे पुल शामिल हैं। इसके अलावा, यहां दो जल क्षेत्र बनाए जा रहे हैं। इनके आसपास घूमने और प्राकृतिक दृश्य देखने की सुविधा विकसित की जा रही है। पैदल चलने और जॉगिंग के लिए ट्रैक पार्क में वॉकिंग ट्रैक और जॉगिंग ट्रैक भी बनाए जा रहे हैं। इससे आसपास के सेक्टरों में रहने वाले लोगों को सुबह और शाम टहलने के लिए एक नया स्थान मिल सकता है। परियोजना में पौधरोपण और लैंडस्केपिंग का काम भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां मियावाकी तकनीक से पौधे उगाने की योजना है, जिससे समय के साथ घनी हरियाली विकसित करने में मदद मिल सकती है। सुरक्षा के लिए लगाए जाएंगे कैमरे पार्क में आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी योजना है। अधिकारियों के अनुसार, कैमरों की निगरानी के लिए वीडियो वॉल और एक कंट्रोल रूम की व्यवस्था की जाएगी। इससे सार्वजनिक स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। आसपास के निवासियों को मिलेगा लाभ सेक्टर-94 के अलावा सेक्टर-95, 96 और 97 तथा आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इस पार्क से लाभ मिलने की उम्मीद है। पार्क शुरू होने के बाद लोगों को मनोरंजन, सैर और परिवार के साथ समय बिताने के लिए एक नया विकल्प मिलेगा। नोएडा का जापानी पार्क शहर की सार्वजनिक सुविधाओं और हरित क्षेत्रों को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। हालांकि, इसके खुलने की अंतिम तारीख प्राधिकरण की आगे की घोषणा पर निर्भर करेगी।