उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अक्टूबर का महीना मौसम के लिहाज से बदलाव का समय माना जाता है। मानसून की विदाई के बाद लोगों को धीरे-धीरे गर्मी से राहत मिलने लगती है और सुबह-शाम का मौसम सुहावना होने लगता है। ऐसे में बारिश और तापमान में संभावित उतार-चढ़ाव को लेकर शहरवासियों की दिलचस्पी बढ़ गई है। आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा, इसे लेकर लोग मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर बनाए हुए हैं।
बदलते मौसम के बीच दिन और रात के तापमान पर नजर
अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में लखनऊ में दिन के समय धूप और रात के दौरान अपेक्षाकृत कम तापमान का अनुभव हो सकता है। मौसम में नमी, बादलों की मौजूदगी और हवा की गति तापमान को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं। यदि आसमान में बादल छाए रहते हैं या बारिश होती है, तो दिन के तापमान में कुछ कमी आ सकती है।
हालांकि, तापमान में वास्तविक गिरावट कितनी दर्ज की गई है, इसकी जानकारी आधिकारिक मौसम आंकड़ों से ही मिल सकती है। इसलिए मौसम को लेकर किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ताजा रिपोर्ट देखना जरूरी है।
लोगों की दिनचर्या पर पड़ सकता है असर
मौसम में बदलाव का प्रभाव शहर की रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी पड़ता है। सुबह स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, कार्यालय पहुंचने वाले कर्मचारियों और बाजारों में काम करने वाले लोगों को मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या तय करनी पड़ती है।
बारिश होने की स्थिति में सड़कों पर यातायात धीमा हो सकता है। वहीं, तेज हवाएं चलने या गरज-चमक होने पर लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। वाहन चालकों को गीली सड़कों पर तेज रफ्तार से बचना चाहिए और यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी लेनी चाहिए।
क्या अभी से शुरू होगी ठंड?
अक्टूबर के मध्य में मौसम सुहावना होने का मतलब यह नहीं है कि सर्दी पूरी तरह शुरू हो गई है। आमतौर पर ठंड बढ़ने का अनुभव तापमान में लगातार गिरावट के साथ होता है। लखनऊ में सर्दी की शुरुआत और उसकी तीव्रता का अंदाजा लगाने के लिए आने वाले दिनों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान पर नजर रखना जरूरी होगा।
सुबह और देर शाम बाहर निकलने वाले लोग अपने साथ हल्का जैकेट या गर्म कपड़ा रख सकते हैं, खासकर यदि मौसम पूर्वानुमान में तापमान गिरने की संभावना जताई गई हो।
मौसम विभाग की सलाह पर रखें ध्यान
लखनऊ में बारिश, तेज हवाओं या गरज-चमक की संभावना जानने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक जानकारी देखना बेहतर रहेगा। मौसम संबंधी चेतावनी जारी होने पर उसके निर्देशों का पालन करना चाहिए।
फिलहाल, शहर में मौसम के वास्तविक हालात और बारिश की पुष्टि के लिए ताजा स्थानीय रिपोर्ट आवश्यक है। आने वाले दिनों में तापमान के रुझान से यह स्पष्ट होगा कि लखनऊ में ठंडक कितनी बढ़ती है और सर्दी का असर कब महसूस होने लगता है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अक्टूबर का महीना मौसम के लिहाज से बदलाव का समय माना जाता है। मानसून की विदाई के बाद लोगों को धीरे-धीरे गर्मी से राहत मिलने लगती है और सुबह-शाम का मौसम सुहावना होने लगता है। ऐसे में बारिश और तापमान में संभावित उतार-चढ़ाव को लेकर शहरवासियों की दिलचस्पी बढ़ गई है। आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा, इसे लेकर लोग मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर बनाए हुए हैं। बदलते मौसम के बीच दिन और रात के तापमान पर नजर अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में लखनऊ में दिन के समय धूप और रात के दौरान अपेक्षाकृत कम तापमान का अनुभव हो सकता है। मौसम में नमी, बादलों की मौजूदगी और हवा की गति तापमान को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं। यदि आसमान में बादल छाए रहते हैं या बारिश होती है, तो दिन के तापमान में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि, तापमान में वास्तविक गिरावट कितनी दर्ज की गई है, इसकी जानकारी आधिकारिक मौसम आंकड़ों से ही मिल सकती है। इसलिए मौसम को लेकर किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ताजा रिपोर्ट देखना जरूरी है। लोगों की दिनचर्या पर पड़ सकता है असर मौसम में बदलाव का प्रभाव शहर की रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी पड़ता है। सुबह स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, कार्यालय पहुंचने वाले कर्मचारियों और बाजारों में काम करने वाले लोगों को मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या तय करनी पड़ती है। बारिश होने की स्थिति में सड़कों पर यातायात धीमा हो सकता है। वहीं, तेज हवाएं चलने या गरज-चमक होने पर लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। वाहन चालकों को गीली सड़कों पर तेज रफ्तार से बचना चाहिए और यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी लेनी चाहिए। क्या अभी से शुरू होगी ठंड? अक्टूबर के मध्य में मौसम सुहावना होने का मतलब यह नहीं है कि सर्दी पूरी तरह शुरू हो गई है। आमतौर पर ठंड बढ़ने का अनुभव तापमान में लगातार गिरावट के साथ होता है। लखनऊ में सर्दी की शुरुआत और उसकी तीव्रता का अंदाजा लगाने के लिए आने वाले दिनों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान पर नजर रखना जरूरी होगा। सुबह और देर शाम बाहर निकलने वाले लोग अपने साथ हल्का जैकेट या गर्म कपड़ा रख सकते हैं, खासकर यदि मौसम पूर्वानुमान में तापमान गिरने की संभावना जताई गई हो। मौसम विभाग की सलाह पर रखें ध्यान लखनऊ में बारिश, तेज हवाओं या गरज-चमक की संभावना जानने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक जानकारी देखना बेहतर रहेगा। मौसम संबंधी चेतावनी जारी होने पर उसके निर्देशों का पालन करना चाहिए। फिलहाल, शहर में मौसम के वास्तविक हालात और बारिश की पुष्टि के लिए ताजा स्थानीय रिपोर्ट आवश्यक है। आने वाले दिनों में तापमान के रुझान से यह स्पष्ट होगा कि लखनऊ में ठंडक कितनी बढ़ती है और सर्दी का असर कब महसूस होने लगता है।
देश के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर पूर्वानुमान जारी किया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, सभी राज्यों में एक जैसी मौसमी परिस्थितियां रहने की संभावना नहीं है। अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश और हवा की तीव्रता में अंतर हो सकता है। कई राज्यों में मौसम बदलने की संभावना अक्टूबर के दौरान मानसून की वापसी और स्थानीय मौसमी प्रणालियों के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बदल सकता है। कुछ क्षेत्रों में बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश होने और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना रहती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान का उद्देश्य लोगों को संभावित मौसमी बदलावों के बारे में पहले से जानकारी देना है, ताकि आवश्यक सावधानियां बरती जा सकें। हालांकि, किसी क्षेत्र में बारिश होगी या नहीं, इसकी सटीक स्थिति संबंधित जिले के लिए जारी चेतावनी से स्पष्ट होती है। उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम पर नजर उत्तर प्रदेश और बिहार में अक्टूबर के दौरान मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर बादल छाने और बारिश होने की संभावना के बीच स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की सूचनाओं पर ध्यान देना जरूरी है। किसानों के लिए भी मौसम का पूर्वानुमान महत्वपूर्ण है। बारिश या तेज हवाओं की संभावना होने पर कटाई, फसलों के भंडारण और कृषि संबंधी कार्यों की योजना बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, किसानों को अपने जिले के मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ही निर्णय लेना चाहिए। दिल्ली और मध्य प्रदेश में भी सतर्कता जरूरी दिल्ली और मध्य प्रदेश में मौसम की स्थिति को लेकर स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है। यदि किसी क्षेत्र में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की जाती है, तो लोगों को खुले स्थानों और कमजोर ढांचों के आसपास सावधानी बरतनी चाहिए। तेज हवा के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और अस्थायी निर्माणों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली चमकने की स्थिति में सुरक्षित पक्के भवन के भीतर रहना उचित है। मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने से संभावित जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है। मौसम विभाग की सलाह पर ध्यान देना जरूरी मौसम के पूर्वानुमान में समय के साथ बदलाव संभव है। इसलिए लोगों को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक वेबसाइट, स्थानीय मौसम बुलेटिन और प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं को नियमित रूप से देखना चाहिए। विशेष रूप से यात्रा करने वाले लोगों को सड़क और परिवहन की स्थिति की जानकारी लेकर निकलना चाहिए। किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों के लिए भी स्थानीय मौसम चेतावनियां उपयोगी हो सकती हैं। फिलहाल, 9 अक्टूबर 2026 से संबंधित इस खबर को संभावित बारिश और तेज हवाओं के पूर्वानुमान के रूप में देखा जाना चाहिए। किन राज्यों और जिलों में कितनी बारिश की संभावना है, इसकी पुष्टि IMD के संबंधित दिन के आधिकारिक बुलेटिन से करना जरूरी है।
उत्तर प्रदेश में अक्टूबर की शुरुआत के साथ मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदल रहा है। सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के समय तेज धूप और गर्मी का असर देखने को मिल रहा है, जबकि सुबह और रात के समय तापमान में गिरावट के कारण हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। दिन में तेज धूप से बढ़ी गर्मी प्रदेश के कई जिलों में सोमवार को दिन के समय धूप काफी तेज रही। दोपहर के समय लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ा। हालांकि, पिछले दिनों की तुलना में मौसम में बदलाव साफ महसूस किया जा रहा है। दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने से लोगों को सुबह और देर शाम मौसम अपेक्षाकृत सुहावना लग रहा है। रात में बढ़ने लगी ठंडक अक्टूबर की शुरुआत के साथ रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट देखने को मिल रही है। देर रात और सुबह के समय हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। मौसम में यह बदलाव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। खासकर ग्रामीण और खुले इलाकों में रात के समय तापमान कम महसूस होने की संभावना रहती है। पूर्वी यूपी में बारिश के आसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 6 से 8 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, बारिश की गतिविधि पूरे प्रदेश में एक जैसी रहने की संभावना नहीं है। मानसून की वापसी के बीच बदला मौसम उत्तर प्रदेश में मानसून की वापसी के दौर के बीच मौसम का मिजाज बदल रहा है। कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ धूप का असर बढ़ा है। इसी के साथ रात के तापमान में गिरावट शुरू हो गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में मानसून की वापसी पूरी होने के बाद मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है। किसानों को मौसम पर नजर रखने की सलाह बारिश और तापमान में बदलाव का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। जिन क्षेत्रों में बारिश की संभावना है, वहां किसान फसलों से जुड़े जरूरी काम मौसम को देखते हुए कर सकते हैं। पूरे यूपी में येलो अलर्ट नहीं सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में बारिश के येलो अलर्ट की बात सामने आ रही है, लेकिन 5 अक्टूबर को पूरे उत्तर प्रदेश के लिए व्यापक येलो अलर्ट नहीं बताया गया है। इसलिए लोगों को मौसम संबंधी जानकारी के लिए आधिकारिक मौसम विभाग के अपडेट पर भरोसा करना चाहिए। उत्तर प्रदेश में 5 अक्टूबर को मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। दिन में तेज धूप और गर्मी के बीच सुबह-रात में हल्की ठंडक बढ़ रही है। पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों को स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।