Lucknow Desk: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। सीएम सुवेंदु अधिकारी ताबड़तोड़ एक्शन कर रहे हैं। इसी बीच पहली बार जीत कर बीजेपी विधायक बनी रेखा पात्रा ने गाय का बर्थ सर्टिफिकेट मांगकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। जिस पर TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने चुटकी लेते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।
रेखा पात्रा का वीडियो वायरल
दरअसल, बीजेपी विधायक रेखा पात्रा ने हिंगलगंज में मवेशी ले जा रहे एक वाहन को रोका, जिसमें कुछ लोग गोवंश लेकर जा रहे थे। जब वाहन मालिक ने गाड़ी छोड़ने की गुहार लगाई तो उन्होंने पशुओं के बर्थ सर्टिफिकेट मांग कर दी। इस दौरान रेखा पात्रा ने आरोप लगाया कि उनके इलाके में पशुओं की तस्करी हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने एक गाइडलाइन जारी की है, जिसमें कहा गया है कि 14 साल से कम उम्र के मवेशियों को काटा नहीं जा सकता। अगर कोई उन्हें अवैध रूप से ले जाने की कोशिश करता है, तो हमें उन्हें तुरंत पकड़ना चाहिए।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने ली चुटकी
इस दौरान जब रेखा पात्रा की टिप्पणी सोशल मीडिया में आई तो टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इसे शेयर किया और लिखा कि बंगाल में नई चुनी गई बीजेपी विधायक मवेशियों की उम्र साबित करने के लिए उनके जन्म प्रमाण पत्र मांग रही रही हैं। परिवर्तन।
क्या सरकारी है नियम?
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बन गई है। सीएम सुवेंदु अधिकारी लगातार एक्शन में दिख रहे हैं। सुवेंदु अधिकारी ने गाय काटने और अवैध तरीके से गौ तशकरी के खिलाफ अभियान चलाया है। सरकार बनते ही शुभेंदु ने 1950 के बंगाल कानून और 2018 के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि बिना वैध प्रमाण पत्र के गायों को काटना प्रतिबंधित है। वहीं उस आदेश के मुताबिक, अगर कोई भी व्यक्ति किसी भी जानवर को तब तक नहीं काटेगा, जब तक उसे इस संबंध में यह प्रमाण पत्र न मिल जाए कि वह जानवर काटने के लिए उपयुक्त है।
नियमों का उल्लघन करने पर सजा
बता दें, प्रमाण पत्र नगर निगम या पंचायत अधिकारियों और सरकारी पशु चिकित्सक के साथ मिलकर जारी किया जाना चाहिए। यह प्रमाण पत्र जानवर की उम्र, स्वास्थ्य और फिटनेस के आधार पर दिया जाएगा। प्रमाण पत्र देने से इनकार किए जाने पर 15 दिनों के भीतर अपील की जा सकती है। पश्चिम बंगाल सरकार ने पशु वध नियंत्रण अधिनियम 1950 के हवाले से चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर छह महीने तक की जेल होगी और 1,000 रुपये का जुर्माने देना होगा।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: लखनऊ में 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले को लेकर सोमवार को आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी राज्य के शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, लेकिन अभ्यर्थी सड़क पर रेंगते हुए मंत्री आवास की ओर बढ़ते रहे। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई होनी है, लेकिन सरकार उनकी ओर से मजबूती से पैरवी नहीं कर रही है। अभ्यर्थियों ने मांग की कि सरकार कोर्ट में सही तरीके से उनका पक्ष रखे और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाए। आरक्षण में गड़बड़ी का आरोप आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में ओबीसी और एससी वर्ग के आरक्षण नियमों का सही पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत की जगह केवल 3.68 प्रतिशत और एससी वर्ग को 21 प्रतिशत के बजाय सिर्फ 16.2 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए अंतिम निर्णय न्यायालय के आदेश के बाद ही संभव होगा। क्या है पूरा मामला? उत्तर प्रदेश की 69000 सहायक शिक्षक भर्ती लंबे समय से विवादों में है। यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और इसकी अगली सुनवाई 19 मई 2026 को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की पीठ के समक्ष होनी है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा रखी है, जिसमें पूरी मेरिट लिस्ट को रद्द करते हुए तीन महीने के भीतर नई चयन सूची जारी करने का आदेश दिया गया था। यह पहला मौका नहीं है जब अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया हो। वर्ष 2018 से लगातार उम्मीदवार आरक्षण विसंगतियों और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने सरकार को घेरा इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण और नियुक्ति को लेकर धांधली हुई है और दलितों तथा पिछड़े वर्गों के अधिकारों का हनन किया गया है। समाजवादी पार्टी ने यह भी कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में मामले की प्रभावी पैरवी नहीं कर रही है। पार्टी के अनुसार, पिछली सुनवाई सितंबर 2024 में हुई थी और उसके बाद से लगातार तारीखें बढ़ाई जा रही हैं।
Lucknow Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल और डीजल के कम इस्तेमाल की अपील पर अमल करते हुए दिल्ली सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। नई गाड़ियों की खरीद पर रोक दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने ऐलान किया है कि अगले छह महीने तक सरकार कोई भी नई गाड़ी नहीं खरीदेगी। वर्क फ्रॉम होम और दफ्तरों के समय में बदलाव दिल्ली सरकार ने कर्मचारियों के लिए हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू किया है। इसके साथ ही दफ्तरों के समय में भी बदलाव किया गया है। एमसीडी के दफ्तर अब सुबह 7:30 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगे। वहीं दिल्ली सरकार के बाकी दफ्तर सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे तक काम करेंगे। विदेश यात्राओं पर रोक सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि अगले एक साल तक दिल्ली सरकार का कोई भी मंत्री विदेश यात्रा नहीं करेगा। स्कूल, कॉलेज और ऑनलाइन पढ़ाई सीएम ने निजी दफ्तरों से भी अपील की है कि वे अपने समय में बदलाव करें और कुछ दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करें। इसके साथ ही स्कूल और कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई कराने की भी सलाह दी गई है। कोर्ट से भी अनुरोध किया गया है कि वह जहां संभव हो, वहां ऑनलाइन सुनवाई करे और सरकार ने यह भी तय किया है कि उसकी 50 प्रतिशत मीटिंग्स अब ऑनलाइन होंगी। दिल्ली वाले सोमवार को बनाए ‘मेट्रो डे’ दिल्ली सरकार ने एक और नया कदम उठाते हुए सोमवार को ‘मेट्रो डे’ घोषित किया है। इस दिन लोगों से मेट्रो का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की जाएगी। इसके अलावा जो सरकारी कर्मचारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे, उनके ट्रांसपोर्ट अलाउंस में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। साथ ही 29 कॉलोनियों में 58 बसें भी चलाई जाएंगी, ताकि लोगों को यात्रा में आसानी हो सके।
Lucknow Desk: बिहार की राजनीति में आज गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट का विस्तार ऐतिहासिक गांधी मैदान में किया गया, जहां कुल 32 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे Nishant Kumar की रही, जिन्होंने आखिरकार मंत्री पद की शपथ लेकर सक्रिय राजनीति में औपचारिक एंट्री कर ली। सबसे दिलचस्प बात यह है कि लगभग 22 दिन पहले Nishant Kumar ने डिप्टी सीएम बनने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। ऐसे में उनका मंत्री बनना राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है। जेडीयू नेताओं ने लंबी बैठक के बाद मनाया सूत्रों के मुताबिक, Nishant Kumar को सरकार में शामिल करने के लिए JDU के शीर्ष नेताओं को काफी कोशिश करनी पड़ी। 7 सर्कुलर रोड स्थित नीतीश कुमार के आवास पर लंबी बैठक हुई, जिसमें JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने उन्हें मंत्री पद स्वीकार करने के लिए मनाया। नेताओं ने Nishant Kumar को समझाया कि सरकार में उनकी मौजूदगी पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएगी। इसके बाद उन्होंने हामी भर दी और 7 मई से शुरू होने वाली अपनी सद्भाव यात्रा को स्थगित कर शपथ लेने का फैसला किया। कौन सा मंत्रालय मिलेगा? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि Nishant Kumar को कौन सा मंत्रालय मिलेगा। उन्होंने BIT से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, इसलिए माना जा रहा है कि उन्हें तकनीकी और विकास से जुड़े विभाग दिए जा सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी, ऊर्जा या ग्रामीण विकास जैसे अहम मंत्रालय सौंपे जा सकते हैं। माना यह भी जा रहा है कि उन्हें वही विभाग मिल सकते हैं जो कभी नीतीश कुमार के भरोसेमंद मंत्रियों के पास रहे हैं। हालांकि अभी तक मंत्रालयों का अंतिम बंटवारा नहीं हुआ है। Nitish Kumar की विरासत संभालने की तैयारी? राजनीतिक चर्चा है कि निशांत कुमार का मंत्री बनना सिर्फ एक पद हासिल करना नहीं, बल्कि नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की तैयारी भी है। अब उनकी सबसे बड़ी चुनौती खुद को एक प्रभावी मंत्री के तौर पर साबित करना होगी। 9 मई से दोबारा शुरू होने वाली उनकी सद्भाव यात्रा अब एक मंत्री की यात्रा होगी, जिस पर पूरे बिहार की नजर रहेगी।