भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने सोमवार, 3 अगस्त 2026 को उन्हें इस मामले में बरी कर दिया। अदालत ने सह-आरोपी और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी सभी आरोपों से बरी करने का आदेश दिया। फैसला अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने सुनाया।
बंद कमरे में हुई मामले की सुनवाई
इस संवेदनशील मामले की सुनवाई बंद कमरे में की गई थी। अदालत ने अभियोजन पक्ष, शिकायतकर्ता महिला पहलवानों और आरोपियों की ओर से पेश की गई दलीलों को विस्तार से सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। महिला पहलवानों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने पक्ष रखा, जबकि बृजभूषण शरण सिंह की ओर से अधिवक्ता राजीव मोहन अदालत में पेश हुए। अदालत ने अंतिम बहस पूरी होने के बाद 3 अगस्त को फैसला सुनाने की तारीख निर्धारित की थी।
वर्ष 2024 में तय किए गए थे आरोप
दिल्ली की अदालत ने मई 2024 में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पांच महिला पहलवानों से संबंधित आरोपों में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सामग्री पाई थी। उन पर महिलाओं की गरिमा भंग करने, यौन उत्पीड़न और आपराधिक धमकी से जुड़े आरोप तय किए गए थे। हालांकि एक अन्य शिकायतकर्ता से जुड़े आरोपों में उन्हें उसी समय आरोपमुक्त कर दिया गया था।
विनोद तोमर के खिलाफ भी एक शिकायतकर्ता से जुड़े आपराधिक धमकी के आरोप में मुकदमा चलाया गया था। अब अंतिम सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है। कानूनी रूप से यहां “आरोपमुक्त” के बजाय “बरी” शब्द अधिक सही है, क्योंकि मामले में पहले आरोप तय हो चुके थे और इसके बाद मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई।
किन धाराओं में दाखिल हुई थी चार्जशीट?
दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354ए, 354डी और 506(1) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था। ये धाराएं महिला की गरिमा भंग करने, यौन उत्पीड़न, पीछा करने और आपराधिक धमकी से जुड़ी थीं। विनोद तोमर के खिलाफ आपराधिक कृत्य में सहायता करने से संबंधित धारा 109 भी लगाई गई थी।
आरोपों के अनुसार, कथित घटनाएं वर्ष 2016 से 2019 के बीच भारतीय कुश्ती महासंघ के कार्यालय, बृजभूषण शरण सिंह के सरकारी आवास और विदेशों में आयोजित प्रतियोगिताओं के दौरान हुई थीं। सिंह शुरू से ही इन आरोपों से इनकार करते रहे और खुद को निर्दोष बताते रहे।
पहलवानों के प्रदर्शन के बाद दर्ज हुआ था मामला
महिला पहलवानों की शिकायतों को लेकर वर्ष 2023 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन हुआ था। ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट सहित कई प्रमुख पहलवानों ने कार्रवाई की मांग की थी। विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपपत्र दाखिल किया था। मई 2024 में अदालत ने कहा था कि पांच शिकायतकर्ताओं से जुड़े आरोपों पर मुकदमा चलाने के लिए रिकॉर्ड में पर्याप्त सामग्री मौजूद है।
नाबालिग पहलवान वाला मामला पहले हो चुका है बंद
बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एक नाबालिग पहलवान की शिकायत पर पॉक्सो कानून के तहत अलग मामला भी दर्ज किया गया था। दिल्ली पुलिस ने उस मामले में सबूतों की कमी बताते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। मई 2025 में अदालत ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली थी, जिसके बाद वह मामला औपचारिक रूप से बंद हो गया था।
फैसले के बाद आगे क्या?
3 अगस्त 2026 का फैसला बृजभूषण शरण सिंह के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है। हालांकि शिकायतकर्ता पक्ष के पास कानूनी विकल्प खुले रह सकते हैं और वह फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकता है। फिलहाल राउज एवेन्यू अदालत के आदेश के अनुसार बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर इस मामले में बरी हो गए हैं।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को लेकर सरकार और उद्योग जगत के बीच लगातार संवाद पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में Invest UP के CEO विजय किरण आनंद ने कहा कि आने वाले पांच साल राज्य के औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने यह बात गुरुवार को लखनऊ में आयोजित CII Uttar Pradesh के सदस्यों के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान कही। यह खबर 18 सितंबर 2026 को प्रकाशित हुई है। उद्योगों की जरूरत के अनुसार बनें नीतियां बैठक के दौरान विजय किरण आनंद ने कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य की नीतियों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाए रखना जरूरी होगा। उन्होंने नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और उद्योग जगत से नियमित फीडबैक लेने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक केवल नीति बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका जमीन पर सही तरीके से लागू होना भी जरूरी है। इससे निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने और रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिल सकती है। निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुई चर्चा CII Uttar Pradesh के सदस्यों के साथ हुई बैठक में राज्य में निवेश को आसान बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर, विभिन्न मंजूरियों, नीतियों के क्रियान्वयन और Ease of Doing Business जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। उद्योग प्रतिनिधियों ने राज्य में कारोबार से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। साथ ही निवेश के माहौल से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को भी अधिकारियों के सामने रखा गया। बैठक का उद्देश्य उद्योगों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय के जरिए निवेश प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाना रहा। निवेश प्रस्तावों को परियोजनाओं में बदलने पर जोर बैठक में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौजूद निवेश के अवसरों पर भी चर्चा हुई। साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि संभावित निवेश को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के लिए सरकार और उद्योग जगत के बीच लगातार संवाद जरूरी है। विजय किरण आनंद ने कहा कि सरकारी नीतियों और उद्योगों की जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल से निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास को जमीन पर आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। CII ने सहयोग जारी रखने की बात कही CII Uttar Pradesh के चेयरपर्सन अभिषेक सर्राफ ने कहा कि उद्योग संगठन राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करता रहेगा। उन्होंने औद्योगिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उद्योग जगत की ओर से आवश्यक सुझाव और इनपुट उपलब्ध कराने की बात कही। बैठक में सामने आए मुद्दों में निवेश सुविधा, इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी मंजूरियों से जुड़े विषय प्रमुख रहे। ऐसे संवाद के जरिए उद्योगों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की गई। Invest UP CEO के बयान के बाद राज्य के औद्योगिक विकास को लेकर अगले पांच साल की भूमिका पर चर्चा तेज हुई है। सरकार की ओर से निवेश और उद्योगों को सुविधाजनक वातावरण देने के लिए नीतिगत स्तर पर काम जारी है। फिलहाल उद्योग जगत की प्राथमिकताओं में निवेश प्रक्रिया को आसान बनाना, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, मंजूरियों में तेजी लाना और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे मुद्दे शामिल हैं। आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों में होने वाली प्रगति राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र में बुधवार सुबह जनेश्वर मिश्र पार्क के गेट नंबर चार के पास एक युवती को कार से टक्कर मारने का मामला सामने आया है। घटना के बाद युवती के घायल होने की जानकारी है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी। पुलिस ने कार के नंबर के आधार पर आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सुबह करीब छह बजे हुआ विवाद मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटना बुधवार सुबह करीब छह बजे की है। युवती पार्क के पास चाय पीने पहुंची थी। इसी दौरान वहां उसका परिचित युवक कुछ अन्य लोगों के साथ कार से पहुंचा। दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। पुलिस के अनुसार, युवती ने युवक से बात करने और कार को रोकने का प्रयास किया। कार आगे बढ़ाने का आरोप प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विवाद के बाद युवक कार लेकर वहां से जाने लगा। युवती ने कार रोकने की कोशिश की। आरोप है कि इसी दौरान कार आगे बढ़ाई गई और युवती उसकी चपेट में आ गई। रिपोर्टों में बताया गया है कि युवती कार के बोनट पर आ गई और वाहन कुछ दूरी तक आगे बढ़ा। इसके बाद युवती सड़क पर गिर गई और उसे चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने युवती की मदद की और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घायल युवती को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा। मामले की जांच में आसपास मौजूद लोगों और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को भी देखा जा रहा है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान और वाहन का पता लगाने के लिए कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने कार के नंबर के आधार पर आरोपी युवक को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच के लिए पुलिस की कई टीमें भी लगाई गई थीं। वीडियो सामने आने के बाद बढ़ी चर्चा घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। अलग-अलग रिपोर्टों में घटना के कारण और दोनों पक्षों के बीच विवाद को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं। पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस युवती के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध तथ्यों और शिकायत के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ भी जुट गई थी। पुलिस ने मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विशेष राहत पैकेज देने की मांग की है। उन्होंने केंद्र पर बिहार के साथ भेदभाव करने और राज्य की गंभीर स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विशेष मदद की मांग तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार इस समय गंभीर बाढ़ की स्थिति से गुजर रहा है और बड़ी संख्या में लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में राज्य सरकार को राहत और पुनर्वास के लिए अतिरिक्त आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि बिहार के लिए विशेष राहत पैकेज जारी किया जाए, ताकि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाई जा सके। उनके मुताबिक, राहत कार्यों के साथ-साथ बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई और प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए भी पर्याप्त धन की जरूरत है। केंद्र पर भेदभाव का आरोप तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर बिहार के साथ भेदभाव करने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि राज्य में बाढ़ से बड़े स्तर पर परेशानी पैदा हुई है, लेकिन केंद्र की ओर से बिहार की जरूरतों के मुताबिक मदद नहीं मिल रही है। उन्होंने केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप करने और बिहार की स्थिति को गंभीरता से लेने की अपील की। उनका कहना है कि बाढ़ जैसी आपदा के समय राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर प्रभावित लोगों की मदद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बिहार में बाढ़ से बढ़ी परेशानी बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ का असर बना हुआ है। हाल की रिपोर्टों के मुताबिक, 15 जिलों में 47 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बना हुआ है। कुछ इलाकों में पानी कम होने लगा है, लेकिन प्रशासन ने पानी घटने के दौरान भी संभावित जोखिमों को देखते हुए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। भागलपुर में भी बाढ़ का दबाव बढ़ने से कई तटबंधों के टूटने की खबर सामने आई है। इससे आसपास के गांवों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ गया है और राहत-बचाव टीमों को लगातार काम करना पड़ रहा है। पहले भी उठाई थी विशेष सहायता की मांग तेजस्वी यादव इससे पहले भी बिहार की बाढ़ को लेकर केंद्र सरकार से विशेष सहायता की मांग कर चुके हैं। 7 सितंबर को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और बिहार के लिए 5,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की थी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था और किसानों-मजदूरों के लिए भी सहायता की मांग रखी थी। अब 12 सितंबर को एक बार फिर विशेष राहत पैकेज की मांग सामने आने से बिहार की बाढ़ और केंद्र से मिलने वाली सहायता का मुद्दा चर्चा में है। राज्य में राहत और बचाव कार्य जारी हैं, जबकि प्रभावित लोगों को सरकार से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।