उत्तर प्रदेश में रविवार देर रात प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया। प्रदेश सरकार ने एक साथ 14 आईएएस और 34 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। कुल 48 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस बदलाव में कई जिलों के मुख्य विकास अधिकारी (CDO), मंडलों के अपर आयुक्त और विभिन्न विभागों में तैनात अधिकारियों के पद बदले गए हैं। प्रशासनिक फेरबदल के बाद कई जिलों और विभागों में नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों की तैनाती की गई है।
सहारनपुर के CDO को मिली नई जिम्मेदारी
फेरबदल में सहारनपुर के मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन को उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) बनाया गया है। उनकी जगह राज्य कर विभाग में अपर आयुक्त के पद पर तैनात डॉ. सुनील कुमार वर्मा को सहारनपुर का नया CDO बनाया गया है। इस बदलाव के साथ जिले के विकास कार्यों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए नई टीम सामने आई है।
लखीमपुर खीरी और अंबेडकरनगर में भी बदलाव
प्रशासनिक फेरबदल का असर कई जिलों पर पड़ा है। लखीमपुर खीरी के मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार को विशेष सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं लखीमपुर खीरी में योगानंद पाण्डेय को नया CDO बनाया गया है। अंबेडकरनगर में भी मुख्य विकास अधिकारी के पद पर बदलाव किया गया है और वैभव मिश्रा को नई जिम्मेदारी दी गई है।
कई विभागों में बदली अधिकारियों की जिम्मेदारी
तबादलों में केवल जिलों के अधिकारी ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण विभाग भी शामिल हैं। सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, राजस्व, ग्राम्य विकास, माध्यमिक शिक्षा और युवा कल्याण समेत कई विभागों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इसके अलावा कुछ अधिकारियों को विशेष सचिव और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया गया है।
काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO का भी तबादला
इस फेरबदल में वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा का भी तबादला किया गया है। उनके स्थान पर नई जिम्मेदारी के लिए अधिकारी की तैनाती की गई है। इससे मंदिर प्रशासन से जुड़े कामकाज में भी बदलाव देखने को मिलेगा।
PCS अधिकारियों को भी नई तैनाती
14 आईएएस अधिकारियों के साथ 34 पीसीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है। इनमें विभिन्न जिलों और विभागों में तैनात अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। कई अधिकारियों को प्रशासनिक और विकास से जुड़े पदों पर भेजा गया है। सरकार के इस फैसले से अलग-अलग जिलों में प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारियां नए अधिकारियों के हाथ में आएंगी।
प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने पर जोर
सरकार की ओर से किए गए इस बड़े फेरबदल का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव करना माना जा रहा है। जिलों में विकास योजनाओं की निगरानी, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभागीय कामकाज में अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में नई तैनाती के बाद संबंधित जिलों और विभागों में कामकाज की नई व्यवस्था लागू होगी।
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में प्रशासनिक स्तर पर लगातार तबादले किए जा रहे हैं। इससे पहले भी कई आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई थीं। अब 14 आईएएस और 34 पीसीएस अधिकारियों के इस बड़े फेरबदल के बाद प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
उत्तर प्रदेश में रविवार देर रात प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया। प्रदेश सरकार ने एक साथ 14 आईएएस और 34 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। कुल 48 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस बदलाव में कई जिलों के मुख्य विकास अधिकारी (CDO), मंडलों के अपर आयुक्त और विभिन्न विभागों में तैनात अधिकारियों के पद बदले गए हैं। प्रशासनिक फेरबदल के बाद कई जिलों और विभागों में नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों की तैनाती की गई है। सहारनपुर के CDO को मिली नई जिम्मेदारी फेरबदल में सहारनपुर के मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन को उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) बनाया गया है। उनकी जगह राज्य कर विभाग में अपर आयुक्त के पद पर तैनात डॉ. सुनील कुमार वर्मा को सहारनपुर का नया CDO बनाया गया है। इस बदलाव के साथ जिले के विकास कार्यों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए नई टीम सामने आई है। लखीमपुर खीरी और अंबेडकरनगर में भी बदलाव प्रशासनिक फेरबदल का असर कई जिलों पर पड़ा है। लखीमपुर खीरी के मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार को विशेष सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं लखीमपुर खीरी में योगानंद पाण्डेय को नया CDO बनाया गया है। अंबेडकरनगर में भी मुख्य विकास अधिकारी के पद पर बदलाव किया गया है और वैभव मिश्रा को नई जिम्मेदारी दी गई है। कई विभागों में बदली अधिकारियों की जिम्मेदारी तबादलों में केवल जिलों के अधिकारी ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण विभाग भी शामिल हैं। सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, राजस्व, ग्राम्य विकास, माध्यमिक शिक्षा और युवा कल्याण समेत कई विभागों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इसके अलावा कुछ अधिकारियों को विशेष सचिव और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया गया है। काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO का भी तबादला इस फेरबदल में वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा का भी तबादला किया गया है। उनके स्थान पर नई जिम्मेदारी के लिए अधिकारी की तैनाती की गई है। इससे मंदिर प्रशासन से जुड़े कामकाज में भी बदलाव देखने को मिलेगा। PCS अधिकारियों को भी नई तैनाती 14 आईएएस अधिकारियों के साथ 34 पीसीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है। इनमें विभिन्न जिलों और विभागों में तैनात अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। कई अधिकारियों को प्रशासनिक और विकास से जुड़े पदों पर भेजा गया है। सरकार के इस फैसले से अलग-अलग जिलों में प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारियां नए अधिकारियों के हाथ में आएंगी। प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने पर जोर सरकार की ओर से किए गए इस बड़े फेरबदल का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव करना माना जा रहा है। जिलों में विकास योजनाओं की निगरानी, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभागीय कामकाज में अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में नई तैनाती के बाद संबंधित जिलों और विभागों में कामकाज की नई व्यवस्था लागू होगी। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में प्रशासनिक स्तर पर लगातार तबादले किए जा रहे हैं। इससे पहले भी कई आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई थीं। अब 14 आईएएस और 34 पीसीएस अधिकारियों के इस बड़े फेरबदल के बाद प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और कई इलाकों में बाढ़ के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। राज्य सरकार के अनुसार अब तक 21,350 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जबकि प्रभावित परिवारों तक भोजन और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। 2,385 नाव और मोटरबोट राहत कार्य में तैनात बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने 2,385 नाव और मोटरबोट तैनात की हैं। गुरुवार को ही करीब 8,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वहीं, राहत शिविरों में फिलहाल करीब 2,972 लोग रह रहे हैं, जहां उनके लिए भोजन और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं और जरूरत के अनुसार लोगों को निचले इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। 9.31 लाख से ज्यादा लंच पैकेट वितरित बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था राहत अभियान का प्रमुख हिस्सा बनी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक गुरुवार को ही 72,620 लंच पैकेट और 9,937 बाढ़ राहत किट वितरित की गईं। अब तक प्रदेश में 9.31 लाख से अधिक लंच पैकेट और करीब 1.49 लाख खाद्यान्न राहत पैकेट प्रभावित परिवारों तक पहुंचाए जा चुके हैं। इसके साथ ही पशुओं के लिए भी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक करीब 6,956 क्विंटल पशु चारा वितरित किए जाने की जानकारी सामने आई है। बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में 1,165 मेडिकल टीमें तैनात की हैं। लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए 7.22 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 2.97 लाख से ज्यादा ORS पैकेट वितरित किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार अब तक बाढ़ के कारण किसी मानव या पशु की मौत की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन का दावा है कि राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। कई जिलों में बाढ़ का असर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का प्रभाव बना हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, सीतापुर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी समेत कई जिले शामिल हैं। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन नदियों के जलस्तर, निचले इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे बाढ़ प्रभावित या जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
उत्तर प्रदेश में राजस्व मामलों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। शासन स्तर से हुई समीक्षा के बाद पांच तहसीलदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि 13 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। राजस्व मामलों के निस्तारण में लापरवाही बताया गया है कि कई तहसीलों में राजस्व से जुड़े मामलों के निस्तारण में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई गई। लंबित मामलों को समय पर निपटाने और आम लोगों को त्वरित राहत देने के निर्देश पहले से दिए गए थे। इसके बावजूद कुछ अधिकारियों के स्तर पर काम में लापरवाही और उदासीनता सामने आने के बाद शासन ने कार्रवाई का फैसला लिया। पांच तहसीलदारों पर हुई कार्रवाई समीक्षा के दौरान जिन अधिकारियों की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं पाई गई, उनमें पांच तहसीलदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अधिकारियों पर राजस्व मामलों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही बरतने का आरोप है। प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 13 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस पांच तहसीलदारों के अलावा 13 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन अधिकारियों से काम में हुई देरी और लापरवाही को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना जवाब देना होगा। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उनके खिलाफ भी आगे की कार्रवाई की जा सकती है। लंबित मामलों पर सरकार की नजर राजस्व विभाग से जुड़े मामलों का सीधा संबंध आम लोगों की जमीन, दाखिल-खारिज, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी समस्याओं से होता है। ऐसे मामलों के लंबे समय तक लंबित रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार लगातार अधिकारियों को लंबित मामलों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दे रही है। अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर शासन की ओर से साफ संकेत दिया गया है कि सरकारी कामकाज में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे अपने क्षेत्र में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें और जनता से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं। कार्रवाई से प्रशासन में हलचल पांच तहसीलदारों पर कार्रवाई और 13 अधिकारियों को नोटिस जारी होने के बाद राजस्व विभाग में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा जारी रह सकती है। इससे अधिकारियों पर समयसीमा के भीतर मामलों का निस्तारण करने का दबाव बढ़ेगा। शासन की समीक्षा में यदि किसी अन्य अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल संबंधित अधिकारियों के काम और उनके जवाब की समीक्षा के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य राजस्व मामलों के निस्तारण में तेजी लाना और आम जनता को समय पर राहत उपलब्ध कराना है।