लखनऊ: TV24 Network न्यूज़ चैनल का पांचवां वार्षिकोत्सव समारोह मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में चैनल की पांच साल की यात्रा, उपलब्धियों और पत्रकारिता के क्षेत्र में उसकी भूमिका को रेखांकित किया गया।
TV24 Network के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. सतेंद्र कुशवाहा के आयोजन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम को संस्थान की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव माना गया। पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर चैनल की विकास यात्रा और भविष्य की दिशा पर चर्चा की गई।
पांच साल की यात्रा का जश्न
TV24 Network ने अपने पांच वर्ष पूरे होने पर वार्षिकोत्सव के जरिए अब तक की यात्रा को याद किया। समाचारों के माध्यम से जनता तक सूचनाएं पहुंचाना और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाना चैनल के कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
पत्रकारिता और जनहित पर जोर
समाचार माध्यमों की भूमिका केवल खबरें प्रसारित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों को सामने लाना और महत्वपूर्ण घटनाओं की तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराना भी है। इस अवसर पर पत्रकारिता में विश्वसनीयता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया गया।
लखनऊ में आयोजित हुआ कार्यक्रम
TV24 Network के पांचवें वार्षिकोत्सव समारोह का आयोजन HDFC Building, 2A, TC-V 13, Hyatt के पास, लखनऊ, उत्तर प्रदेश में किया गया। कार्यक्रम का समय सुबह 11 बजे निर्धारित किया गया था। समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
TV24 Network का पांचवां वार्षिकोत्सव संस्थान के लिए अपनी उपलब्धियों की समीक्षा करने और दर्शकों के विश्वास को बनाए रखने के संकल्प को दोहराने का अवसर रहा।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
लखनऊ: TV24 Network न्यूज़ चैनल का पांचवां वार्षिकोत्सव समारोह मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में चैनल की पांच साल की यात्रा, उपलब्धियों और पत्रकारिता के क्षेत्र में उसकी भूमिका को रेखांकित किया गया। TV24 Network के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. सतेंद्र कुशवाहा के आयोजन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम को संस्थान की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव माना गया। पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर चैनल की विकास यात्रा और भविष्य की दिशा पर चर्चा की गई। पांच साल की यात्रा का जश्न TV24 Network ने अपने पांच वर्ष पूरे होने पर वार्षिकोत्सव के जरिए अब तक की यात्रा को याद किया। समाचारों के माध्यम से जनता तक सूचनाएं पहुंचाना और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाना चैनल के कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। पत्रकारिता और जनहित पर जोर समाचार माध्यमों की भूमिका केवल खबरें प्रसारित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों को सामने लाना और महत्वपूर्ण घटनाओं की तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराना भी है। इस अवसर पर पत्रकारिता में विश्वसनीयता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया गया। लखनऊ में आयोजित हुआ कार्यक्रम TV24 Network के पांचवें वार्षिकोत्सव समारोह का आयोजन HDFC Building, 2A, TC-V 13, Hyatt के पास, लखनऊ, उत्तर प्रदेश में किया गया। कार्यक्रम का समय सुबह 11 बजे निर्धारित किया गया था। समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। TV24 Network का पांचवां वार्षिकोत्सव संस्थान के लिए अपनी उपलब्धियों की समीक्षा करने और दर्शकों के विश्वास को बनाए रखने के संकल्प को दोहराने का अवसर रहा।
राजस्थान में मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश और खरीफ की फसलों को हुए नुकसान के बाद राज्य सरकार ने 14 जिलों की 80 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। सरकार के इस फैसले से प्रभावित क्षेत्रों में किसानों, पशुपालकों और स्थानीय प्रशासन को राहत मिलने की उम्मीद है। जारी अधिसूचनाओं के अनुसार, इन तहसीलों में सूखे की स्थिति को गंभीर और मध्यम, दो श्रेणियों में बांटा गया है। 69 तहसीलों में गंभीर सूखे की स्थिति राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, कुल 80 तहसीलों में से 69 को गंभीर सूखा प्रभावित और 11 को मध्यम सूखा प्रभावित श्रेणी में रखा गया है। आपदा प्रबंधन, राहत एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने 24 और 25 अक्टूबर को इस संबंध में अधिसूचनाएं जारी कीं। यह घोषणा 2026 के खरीफ सीजन के लिए की गई है और अधिसूचना के प्रकाशन से छह महीने तक प्रभावी रहेगी। पहली अधिसूचना में 13 जिलों की 53 तहसीलों को शामिल किया गया था। इसके बाद दूसरी अधिसूचना के जरिए 27 और तहसीलों को सूची में जोड़ा गया। बीकानेर इस प्रक्रिया में शामिल होने वाला नया जिला बना, जिससे सूखा प्रभावित जिलों की कुल संख्या 14 हो गई। जोधपुर, जालोर और बाड़मेर सबसे अधिक प्रभावित सूखा प्रभावित तहसीलों की संख्या के मामले में जोधपुर सबसे आगे है। यहां 12 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है। जालोर और बाड़मेर में 10-10 तहसीलें, बालोतरा में नौ और पाली में आठ तहसीलें शामिल हैं। इसके अलावा डूंगरपुर, जैसलमेर और फलोदी की सात-सात तहसीलों को सूची में रखा गया है। बांसवाड़ा की तीन तहसीलें, चूरू और ब्यावर की दो-दो तहसीलें तथा बीकानेर, नागौर और सिरोही की एक-एक तहसील भी इस घोषणा के दायरे में आती हैं। इन क्षेत्रों में बारिश की कमी और जल उपलब्धता में गिरावट के कारण कृषि गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। कम बारिश और फसलों को नुकसान बना प्रमुख कारण सूखे का आकलन करते समय सरकार ने कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार किया। इनमें सामान्य से कम वर्षा, सतही जल और भूजल की उपलब्धता, खड़ी फसलों की स्थिति तथा केंद्र सरकार के सूखा निगरानी पोर्टल से प्राप्त जानकारी शामिल है। आकलन केंद्र के सूखा प्रबंधन मैनुअल, 2016 के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया गया। राज्य में बारिश की कमी के कारण कई इलाकों में खेतों की नमी प्रभावित हुई है। इससे खरीफ की फसलों के उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ी है। कृषि पर निर्भर परिवारों के लिए यह स्थिति आर्थिक चुनौती बन सकती है। किसानों और पशुपालकों को राहत की उम्मीद सूखाग्रस्त घोषित होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक स्तर पर राहत संबंधी कदम उठाए जाने की संभावना है। विधानसभा के मुख्य सचेतक योगेश्वर गर्ग ने प्रभावित क्षेत्रों में चारा डिपो स्थापित करने और किसानों तथा पशुपालकों को हरसंभव सहायता देने की बात कही है। हालांकि, किसानों को मिलने वाली सहायता, पात्रता और वितरण की प्रक्रिया संबंधित सरकारी नियमों एवं आदेशों पर निर्भर करेगी। ऐसे में प्रभावित किसानों के लिए जिला प्रशासन की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखना जरूरी है। राजस्थान सरकार के इस फैसले से सूखे की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों में राहत कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। अब प्रभावित इलाकों के किसानों और पशुपालकों की नजर सरकार की ओर से किए जाने वाले अगले कदमों पर है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधान परिषद चुनाव के मद्देनजर 23 अक्टूबर को शराब की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से शराब की बिक्री पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा, 27 अक्टूबर को मतगणना के दिन भी जिले में शराब की दुकानें बंद रहेंगी। इस आदेश का असर शराब की दुकानों, बार और अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों पर पड़ सकता है, जिन्हें निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। चुनाव के कारण शराब की बिक्री पर रोक चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से विभिन्न प्रतिबंध लागू किए जाते हैं। इनमें शराब की बिक्री पर रोक भी शामिल है। इसका उद्देश्य मतदान और मतगणना से जुड़ी गतिविधियों के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था, विवाद या अप्रिय घटना की आशंका को कम करना है। लखनऊ में 23 अक्टूबर को शराब की दुकानों को बंद रखने का निर्णय विधान परिषद चुनाव से संबंधित व्यवस्था के तहत लिया गया है। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, संबंधित लाइसेंसधारकों को निर्धारित समय तक दुकानें बंद रखनी होंगी। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। 27 अक्टूबर को मतगणना के दिन भी बंद रहेंगी दुकानें चुनाव से संबंधित प्रतिबंध केवल 23 अक्टूबर तक सीमित नहीं हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, 27 अक्टूबर को मतगणना के दिन भी लखनऊ में शराब की बिक्री पर रोक रहेगी। मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता होती है। इसी वजह से संबंधित क्षेत्रों में शराब की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए जाते हैं। इस दौरान शराब कारोबारियों को प्रशासन और आबकारी विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। हालांकि, दुकानों के बंद रहने की सटीक समयसीमा और प्रतिष्ठानों की श्रेणियों से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक आदेश देखना जरूरी है। आम लोगों और कारोबारियों पर पड़ेगा असर शराब की दुकानें बंद रहने से उन ग्राहकों को असुविधा हो सकती है, जो इन दिनों खरीदारी की योजना बना रहे थे। वहीं, शराब विक्रेताओं और संबंधित कारोबार से जुड़े लोगों को भी निर्धारित अवधि में बिक्री रोकनी होगी। प्रशासन की ओर से ऐसे प्रतिबंधों का मुख्य उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया के दौरान शांति बनाए रखना और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकना होता है। चुनावी नियमों का पालन करना दुकानदारों और आम नागरिकों, दोनों की जिम्मेदारी है। आदेश का पालन करने की अपील लखनऊ में रहने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे शराब की दुकानों से संबंधित प्रतिबंधों की जानकारी पहले ही प्राप्त कर लें। कारोबारियों को भी दुकान खोलने या बिक्री करने से पहले लागू आदेश की पुष्टि कर लेनी चाहिए। कुल मिलाकर, विधान परिषद चुनाव के मद्देनजर 23 अक्टूबर को लखनऊ में शराब की बिक्री पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही 27 अक्टूबर को मतगणना के दिन भी दुकानें बंद रखने की व्यवस्था बताई गई है। लोगों को किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए प्रशासन और आबकारी विभाग के आधिकारिक निर्देशों का पालन करना चाहिए।