उत्तर प्रदेश में मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को मानसून सक्रिय बना हुआ है। प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के राज्य मौसम बुलेटिन के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
लखनऊ में बारिश के साथ दिन की शुरुआत
राजधानी लखनऊ में मंगलवार सुबह से मौसम बदला हुआ नजर आया। आसमान में घने बादल छाए रहे और कुछ क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। दोपहर और शाम के दौरान भी रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। शाम के समय गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
लखनऊ में दिन का अधिकतम तापमान लगभग 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। रात में तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। बारिश के बावजूद वातावरण में नमी अधिक रहने से लोगों को उमस महसूस हो सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है। गोरखपुर तथा आसपास के इलाकों में दोपहर के समय बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर शाम और रात में भी बारिश जारी रहने की संभावना है।
गोरखपुर में अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। दिन में बादल छाए रहने और अलग-अलग समय पर बारिश होने का पूर्वानुमान है। स्थानीय स्तर पर तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
पश्चिमी यूपी में भी बदला रहेगा मौसम
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में आसमान सामान्य रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। मेरठ में दोपहर और शाम के दौरान बारिश के कुछ दौर आने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस रह सकता है, जबकि रात तक तापमान गिरकर करीब 25 से 26 डिग्री सेल्सियस पहुंच सकता है।
देश के अन्य हिस्सों के साथ उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश, आंधी और वज्रपात की संभावना जताई गई है। हालांकि बारिश की मात्रा सभी जिलों में एक समान नहीं होगी। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि कई स्थानों पर केवल हल्की या मध्यम बौछारें देखने को मिलेंगी।
6 अगस्त तक सक्रिय रह सकता है मानसून
मौसम से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता 6 अगस्त तक बनी रह सकती है। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। कानपुर में भी हाल की बारिश के बाद आने वाले दिनों में वर्षा तथा गरज-चमक का दौर जारी रहने का अनुमान है।
लोगों के लिए जरूरी सावधानी
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को बारिश और वज्रपात के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। बिजली चमकने के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों के पास खड़े होने से बचें। जलभराव वाली सड़कों पर वाहन धीरे चलाएं और बिना जानकारी के गहरे पानी में प्रवेश न करें।
किसानों को भी खेतों में काम करते समय मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका होने पर सुरक्षित तथा पक्के स्थान पर चले जाना बेहतर होगा।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
उत्तर प्रदेश में मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को मानसून सक्रिय बना हुआ है। प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के राज्य मौसम बुलेटिन के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। लखनऊ में बारिश के साथ दिन की शुरुआत राजधानी लखनऊ में मंगलवार सुबह से मौसम बदला हुआ नजर आया। आसमान में घने बादल छाए रहे और कुछ क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। दोपहर और शाम के दौरान भी रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। शाम के समय गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। लखनऊ में दिन का अधिकतम तापमान लगभग 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। रात में तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। बारिश के बावजूद वातावरण में नमी अधिक रहने से लोगों को उमस महसूस हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है। गोरखपुर तथा आसपास के इलाकों में दोपहर के समय बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर शाम और रात में भी बारिश जारी रहने की संभावना है। गोरखपुर में अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। दिन में बादल छाए रहने और अलग-अलग समय पर बारिश होने का पूर्वानुमान है। स्थानीय स्तर पर तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। पश्चिमी यूपी में भी बदला रहेगा मौसम पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में आसमान सामान्य रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। मेरठ में दोपहर और शाम के दौरान बारिश के कुछ दौर आने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस रह सकता है, जबकि रात तक तापमान गिरकर करीब 25 से 26 डिग्री सेल्सियस पहुंच सकता है। देश के अन्य हिस्सों के साथ उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश, आंधी और वज्रपात की संभावना जताई गई है। हालांकि बारिश की मात्रा सभी जिलों में एक समान नहीं होगी। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि कई स्थानों पर केवल हल्की या मध्यम बौछारें देखने को मिलेंगी। 6 अगस्त तक सक्रिय रह सकता है मानसून मौसम से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता 6 अगस्त तक बनी रह सकती है। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। कानपुर में भी हाल की बारिश के बाद आने वाले दिनों में वर्षा तथा गरज-चमक का दौर जारी रहने का अनुमान है। लोगों के लिए जरूरी सावधानी मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को बारिश और वज्रपात के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। बिजली चमकने के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों के पास खड़े होने से बचें। जलभराव वाली सड़कों पर वाहन धीरे चलाएं और बिना जानकारी के गहरे पानी में प्रवेश न करें। किसानों को भी खेतों में काम करते समय मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका होने पर सुरक्षित तथा पक्के स्थान पर चले जाना बेहतर होगा।
भारतीय मौसम विभाग ने अगस्त 2026 के दौरान देश में सामान्य से कम मानसूनी बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने यह पूर्वानुमान 31 जुलाई 2026 को जारी किया था। इसके अनुसार अगस्त में पूरे देश की औसत बारिश दीर्घावधि औसत यानी LPA के 94 प्रतिशत से कम रह सकती है। इस पूर्वानुमान ने किसानों, कृषि विशेषज्ञों और जल प्रबंधन से जुड़े विभागों की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त और सितंबर में भी कम बारिश की आशंका मौसम विभाग ने केवल अगस्त ही नहीं, बल्कि अगस्त और सितंबर 2026 की संयुक्त अवधि के दौरान भी सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई है। IMD के अनुसार अगस्त से सितंबर के बीच देश में होने वाली बारिश दीर्घावधि औसत के 94 प्रतिशत से कम रह सकती है। वर्ष 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर अगस्त और सितंबर के दौरान पूरे देश की औसत बारिश लगभग 422.8 मिलीमीटर मानी जाती है। इस बार बारिश इससे कम रहने की आशंका जताई गई है। हालांकि देश के सभी हिस्सों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं रहेगी। कुछ क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश भी हो सकती है। किन क्षेत्रों में कम बारिश की संभावना? IMD के पूर्वानुमान के अनुसार देश के कई हिस्सों में अगस्त और सितंबर के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। हालांकि प्रायद्वीपीय भारत, मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम भारत के उत्तरी हिस्सों तथा पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। इसका अर्थ यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर बारिश कम रहने के बावजूद कुछ राज्यों में भारी बारिश या बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है। मानसून की बारिश का वितरण असमान रहने से कहीं सूखे जैसी स्थिति और कहीं अत्यधिक वर्षा का सामना करना पड़ सकता है। खरीफ फसलों पर पड़ सकता है असर अगस्त का महीना खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। धान, मक्का, सोयाबीन, कपास, बाजरा और दाल जैसी फसलों को इस समय पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। यदि अगस्त में लंबे समय तक बारिश नहीं होती है तो खेतों में नमी कम हो सकती है और फसलों की वृद्धि प्रभावित हो सकती है। जिन किसानों के पास सिंचाई की पर्याप्त सुविधा नहीं है, उनके लिए कम बारिश अधिक परेशानी पैदा कर सकती है। बारिश की कमी से दोबारा सिंचाई करने का खर्च बढ़ सकता है। इसका असर किसानों की उत्पादन लागत और फसलों की पैदावार पर भी पड़ने की आशंका है। रिपोर्ट के अनुसार जून के अंत तक गर्मी के मौसम की फसलों की बुवाई पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत पीछे थी। जुलाई में बारिश सुधरने के बाद यह अंतर घटकर पांच प्रतिशत से कम रह गया। इसके बावजूद अगस्त में कम बारिश होने पर हाल में बोई गई फसलों पर दबाव बढ़ सकता है। जुलाई में सामान्य रही मानसूनी बारिश जुलाई 2026 के दौरान देश में मानसूनी बारिश लगभग सामान्य रही। रिपोर्ट के अनुसार जुलाई की बारिश दीर्घावधि औसत से करीब एक प्रतिशत अधिक दर्ज की गई। इससे जून में बनी बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा करने और खरीफ फसलों की बुवाई तेज करने में मदद मिली। हालांकि जुलाई में बारिश अच्छी रहने के बाद भी मौसम विभाग ने अगस्त को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। लगातार कई दिनों तक बारिश नहीं होने या बारिश के असमान वितरण से कृषि गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। जलाशयों और पानी की उपलब्धता पर असर भारत में मानसून की बारिश खेती के साथ-साथ नदियों, तालाबों, बांधों और भूजल स्तर के लिए भी महत्वपूर्ण होती है। देश की वार्षिक बारिश का बड़ा हिस्सा दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान प्राप्त होता है। यदि अगस्त और सितंबर में बारिश सामान्य से कम रहती है तो कुछ क्षेत्रों में जलाशयों का जलस्तर अपेक्षा के अनुसार नहीं बढ़ पाएगा। इससे आने वाले महीनों में सिंचाई, पेयजल और बिजली उत्पादन के लिए पानी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। अल नीनो को माना जा रहा प्रमुख कारण इस बार मानसून कमजोर रहने के पीछे अल नीनो की परिस्थितियों को भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। अल नीनो के दौरान प्रशांत महासागर के पानी का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिसका असर भारत सहित कई देशों के मौसम पर पड़ता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अल नीनो की स्थिति मजबूत होने पर भारत में मानसूनी बारिश कमजोर या असमान हो सकती है। हालांकि इसका प्रभाव हर क्षेत्र और हर वर्ष समान नहीं होता। कुल मिलाकर अगस्त में सामान्य से कम बारिश का अनुमान किसानों और जल प्रबंधन विभागों के लिए चिंता का विषय है। आने वाले दिनों में बारिश का वास्तविक वितरण कैसा रहता है, इस पर खरीफ फसलों की पैदावार, जलाशयों की स्थिति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था काफी हद तक निर्भर करेगी।
21 जुलाई 2026: देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पहाड़ी राज्यों में अत्यधिक बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक नोएडा और गाजियाबाद समेत लगभग 63 जिलों के लिए बारिश की चेतावनी जारी की गई है। प्रदेश के तराई क्षेत्रों में पहले से ही अच्छी बारिश दर्ज की गई है और आने वाले दिनों में भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ जगहों पर भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने की भी आशंका है। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने के लिए कहा गया है। हिमाचल प्रदेश में रेड अलर्ट, स्कूल बंद हिमाचल प्रदेश में बारिश को लेकर स्थिति अधिक गंभीर बनी हुई है। भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर राज्य के चार उच्च जोखिम वाले जिलों में 21 जुलाई को सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया गया। उत्तराखंड और बिहार में भी सावधानी जरूरी उत्तराखंड में भी भारी बारिश की संभावना के कारण लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक बारिश होने से भूस्खलन और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को मौसम की जानकारी देखकर ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है। बिहार में भी मानसून सक्रिय रहने के कारण कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का जोखिम बढ़ सकता है। पश्चिम बंगाल में बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान पश्चिम बंगाल में विशेष रूप से उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं दक्षिण बंगाल के इलाकों में गरज-चमक और बारिश देखने को मिल सकती है। कोलकाता समेत आसपास के क्षेत्रों में भी सप्ताह के दौरान रुक-रुककर बारिश जारी रहने का अनुमान है। कई अन्य राज्यों में भी मानसून सक्रिय महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड, ओडिशा और असम समेत देश के कई अन्य राज्यों में भी मानसून की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। दिल्ली में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है और तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह भारी बारिश के दौरान लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों, तेज बहाव वाले नदी-नालों और कमजोर पहाड़ी ढलानों से दूर रहना चाहिए। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और मौसम खराब होने पर गैर-जरूरी यात्रा से बचना बेहतर है। मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए लोगों को IMD और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों के लिए आधिकारिक मौसम अपडेट का पालन करना बेहद जरूरी है।