Lucknow Desk: आज देश भर में 76वां संविधान दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर देश के दिग्गज नेताओं ने सोशल मीडिया पर बधाई दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सभी ने बधाई दी।
अमित शाह ने संविधान दिवस की दी बधाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संविधान दिवस की 76वीं वर्षगांड पर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "इस 'संविधान दिवस' पर, मैं बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और संविधान सभा के सभी महान सदस्यों को श्रद्धांजलि देता हूं और इस दिन देशवासियों को दिल से शुभकामनाएं देता हूं। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत का संविधान हर नागरिक को समान अवसर, सम्मान का जीवन, राष्ट्रीय कर्तव्य और अधिकार देता है, जिससे मजबूत राष्ट्र-निर्माण का रास्ता बनता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'संविधान दिवस' की शुरुआत की है और नागरिकों को लोकतांत्रिक मूल्यों के बारे में और जागरूक करने का काम किया है।"
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "संविधान दिवस पर हर भारतीय को हार्दिक शुभकामनाएं। यह दिन हमें उन दूरदर्शी लोगों की याद दिलाता है, जिन्होंने हमारे गणतंत्र की नींव रखी और हमें ऐसे मूल्य सौंपे जो हमारी राष्ट्रीय यात्रा को दिशा देते हैं। आइए हम न्याय और समानता के प्रति अपने कमिटमेंट को फिर से पक्का करें और बाबा साहेब अंबेडकर की ओर से देखे गए भविष्य को बनाने के लिए मिलकर काम करें।"
सीएम योगी ने भी किया पोस्ट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, "संविधान दिवस पर राज्य के लोगों को दिल से बधाई और शुभकामनाएं। न्याय, समानता और भाईचारा भारत के संविधान की मूल भावना है। 'भारत रत्न' बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की असाधारण दूरदृष्टि, शानदार विचारों और अथक प्रयासों से बना हमारा संविधान, दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है। संविधान, देश की एकता, अखंडता और प्रगति की नींव होने के साथ-साथ हर नागरिक को समान अधिकार, सम्मान और अवसर भी देता है।"
रेखा गुप्ता ने संविधान दिवस पर दी बधाई
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा, "संविधान शिल्पी डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं को कोटि-कोटि नमन एवं सभी देशवासियों को संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। भारत का संविधान एक विधिक दस्तावेज के साथ ही हमारे लोकतांत्रिक विश्वास, समान अधिकार, नागरिक कर्तव्य और सार्वभौमिक न्याय की सर्वश्रेष्ठ अभिव्यक्ति है। यह हमें एक ऐसे राष्ट्र के रूप में जोड़ता है, जहां विविधता हमारी शक्ति है और समावेशिता हमारा संकल्प है। इस पावन दिवस पर, आइए हम सभी राष्ट्रहित और लोककल्याण की भावना के साथ संविधान में निहित आदर्शों, कर्तव्य, अनुशासन, समानता और साझा प्रगति को अपने आचरण में और अधिक दृढ़ता से कार्यभार लें। जय हिंद!"
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया है। योगी सरकार का यह दसवां बजट है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज बजट पेश किया है। वित्त मंत्री ने सदन में 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश किया है। इसमें निवेश, रोजगार, बुनियादी विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस किया गया है। वहीं इस बजट में बेटियों के विवाह को लेकर बड़ा फैसला किया है। सरकार ने गरीब परिवार की बेटियों की शादी में दी जाने वाली राशि 50 हजार रूपये से बढ़ाकर 1 लाख रूपये कर दी है। सरकार के इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही बेटियों की शादी में आने वाली वित्तीय बाधाएं कम दूर होंगी। बजट पेश करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बेटियों के सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकता मानती है। इसी दिशा में यह कदम उठाया गया है। किसी भी परिवार को आर्थिक दिक्कत की वजह से बेटी की शादी में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, इसलिए इस राशि को बढ़ाने का फैसला लिया गया है। बजट में महिलाओं और लड़कियों पर फोकस यूपी बजट में इस बार महिलाओं और लड़कियों पर फोकस किया गया है। रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को लेकर 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे साफ है कि पढ़ाई के रास्ते में दूरी और संसाधनों की कमी अब बाधा दूर होगी। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि साल 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है। प्रदेश में करीब 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सरकार सफल रही है। बेरोजगारी की दर 2.24 प्रतिशत रह गई है। गौरतलब है कि यूपी सरकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना लंबे समय से चला रही है। इस योजना की शुरुआत साल 2017 में की गई थी और इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों की शादी में कोई परेशानी न हो।
Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे को पूरी तरह बैन कर दिया गया है। इसके अलावा यूपी सरकार ने कहा कि चाइनीज मांझे से मौत को हत्या माना जाएगा। प्रदेश में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह फैसला लिया है। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने पुलिस अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि चाइनीज़ मांझे की बिक्री और उपलब्धता को रोकने के लिए प्रदेश में सघन छापेमारी अभियान चलाया जाए। सीएम ने यह स्पष्ट किया है कि चाइनीज़ मांझे की वजह से किसी की जान जाती है, तो उसे हत्या की श्रेणी में माना जाएगा। हत्या के अनुसार, सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा सीएम योगी ने अधिकारियों को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि लोग इस खतरनाक मांझे के इस्तेमाल से बचें और सुरक्षित विकल्प अपनाएं। बता दें, सीएम योगी आदित्यनाथ चाइनीज मांझे की वजह से रही लगातार मौतों को लेकर बेहद नाराज हैं। उन्होंने अधिकारियों से सीधे सवाल किया कि प्रतिबंध लागू होने के बावजूद बाजार में चाइनीज़ मांझा आखिर कैसे पहुंच रहा है और इसकी बिक्री कौन कर रहा है? इसको पता करें और रोक लगाए। दरअसल, 4 फरवरी को लखनऊ में चाइनीस मांझे से गर्दन कटने की वजह से एमआर की मौत हो गई थी। वह बाइक से जा रहे थे। तभी उनके गले में चाइनीज मांझा फंस गया। खून से लथपथ होकर वह बाइक समेत गिर गए और करीब 10 मिनट तक तड़पते रहे। राहगीरों ने उनको ट्रामा सेंटर पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जिसके बाद यूपी सरकार ने चाइनीज मांझे पर सख्त रुख अपनाते हुए इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
Lucknow Desk: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 होने वाले हैं, चुनाव से पहले यहां वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर बवाल चल रहा है। इस विवाद के बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं। सुप्रीम कोर्ट आज स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन मामले की सुनवाई करेगा। इस बार कोर्ट में सबकी नजरें राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर होगी, क्योंकि ममता लगभग 3 दशक बाद किसी केस की पैरवी करती नजर आएंगी। इससे पहले 32 साल पहले सीएम ममता एक केस में जीत हासिल की थी। दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सीएम ममता बनर्जी एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ लगातार सुर्खियों में है। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुए एसआईआर को लेकर वह विरोध जता चुकी हैं। अब वह अपने ही राज्य में SIR प्रक्रिया के खिलाफ लगातार बागी तेवर अपनाए हुए हैं। ममता और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। पेशे से वकील भी थीं सीएम ममता आज SIR की सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी कोर्ट में मौजूद रहेंगी। इससे पहले 10 फरवरी, 1994 को ममता आखिरी बार कोर्ट में वकील के रूप में पेश हुई थीं। तब वह पश्चिम बंगाल की एक जिला अदालत में वकील के तौर पर पेश हुई थीं। इस सुनवाई के दौरान उन्हें जीत हासिल मिली थी, उन्होंने 33 आरोपियों को जमानत दिलवाया था। मिली जानकारी के अनुसार, सीएम ममता के पास LLB की डिग्री है, वह अपनी दलीलें भी पेश कर सकती हैं। अगर वह कोर्ट के समक्ष अपनी दलीलें रखती हैं तो यह 32 साल बाद ऐसा होगा जब वह किसी केस में कोर्ट के सामने बतौर वकील पेश होंगी। बता दें कि बंगाल की सिएम ममता बनर्जी कलकत्ता यूनिवर्सिटी के जोगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री (LLB) हासिल की है, वह एक वकील के तौर पर क्वालिफाइड भी हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने कुछ साल तक वकालत की थीं।