अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही कमर्शियल LPG सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों को बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ेगा। तेल विपणन कंपनियों ने 1 अक्टूबर 2026 से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की है। अलग-अलग शहरों में कीमतों में बढ़ोतरी अलग-अलग रही है। वहीं, घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है।
दिल्ली में ₹62.50 महंगा हुआ सिलेंडर
दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत सितंबर में ₹2,747.50 थी। अब 1 अक्टूबर से इसकी कीमत बढ़कर ₹2,810 हो गई है। यानी एक सिलेंडर पर ₹62.50 की बढ़ोतरी हुई है। मुंबई में भी कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹2,701 से बढ़कर ₹2,764 हो गई है। चेन्नई में यह कीमत ₹2,916.50 से बढ़कर ₹2,983 हो गई है।
लखनऊ में भी बढ़ी कीमत
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹62.50 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां सितंबर में सिलेंडर की कीमत ₹2,870 थी, जो अब बढ़कर ₹2,932.50 हो गई है। दूसरी ओर, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत लखनऊ में ₹979.50 पर ही बनी हुई है।
पटना में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
शहरों के हिसाब से कमर्शियल LPG की कीमतों में बढ़ोतरी अलग-अलग रही है। पटना में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत ₹3,029 से बढ़कर ₹3,100.50 हो गई है। यहां ₹71.50 की बढ़ोतरी हुई है। यह प्रमुख शहरों में बताई गई बढ़ोतरी में सबसे ज्यादा है।
होटल और रेस्टोरेंट पर बढ़ सकता है खर्च
कमर्शियल LPG सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किया जाता है। ऐसे में गैस की कीमत बढ़ने से इन कारोबारों की परिचालन लागत बढ़ सकती है। कारोबारी बढ़ी हुई लागत को संभालने के लिए अपने खर्च और कीमतों की समीक्षा कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय कीमतों से जुड़ा है बदलाव
कमर्शियल LPG की कीमतों में बदलाव अंतरराष्ट्रीय LPG बेंचमार्क और विदेशी मुद्रा की चाल जैसे कारकों से प्रभावित होता है। तेल कंपनियां आम तौर पर LPG की कीमतों की समीक्षा हर महीने की शुरुआत में करती हैं। इस बार भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बदलाव के बीच 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं।
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत
इस बार की कीमत वृद्धि का असर घरेलू रसोई गैस पर नहीं पड़ा है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों को यथावत रखा गया है। दिल्ली में इसकी कीमत ₹942 है, जबकि लखनऊ में यह ₹979.50 बनी हुई है। इसलिए अक्टूबर की यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कमर्शियल LPG इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों से संबंधित है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही कमर्शियल LPG सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों को बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ेगा। तेल विपणन कंपनियों ने 1 अक्टूबर 2026 से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की है। अलग-अलग शहरों में कीमतों में बढ़ोतरी अलग-अलग रही है। वहीं, घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में ₹62.50 महंगा हुआ सिलेंडर दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत सितंबर में ₹2,747.50 थी। अब 1 अक्टूबर से इसकी कीमत बढ़कर ₹2,810 हो गई है। यानी एक सिलेंडर पर ₹62.50 की बढ़ोतरी हुई है। मुंबई में भी कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹2,701 से बढ़कर ₹2,764 हो गई है। चेन्नई में यह कीमत ₹2,916.50 से बढ़कर ₹2,983 हो गई है। लखनऊ में भी बढ़ी कीमत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹62.50 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां सितंबर में सिलेंडर की कीमत ₹2,870 थी, जो अब बढ़कर ₹2,932.50 हो गई है। दूसरी ओर, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत लखनऊ में ₹979.50 पर ही बनी हुई है। पटना में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी शहरों के हिसाब से कमर्शियल LPG की कीमतों में बढ़ोतरी अलग-अलग रही है। पटना में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत ₹3,029 से बढ़कर ₹3,100.50 हो गई है। यहां ₹71.50 की बढ़ोतरी हुई है। यह प्रमुख शहरों में बताई गई बढ़ोतरी में सबसे ज्यादा है। होटल और रेस्टोरेंट पर बढ़ सकता है खर्च कमर्शियल LPG सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किया जाता है। ऐसे में गैस की कीमत बढ़ने से इन कारोबारों की परिचालन लागत बढ़ सकती है। कारोबारी बढ़ी हुई लागत को संभालने के लिए अपने खर्च और कीमतों की समीक्षा कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय कीमतों से जुड़ा है बदलाव कमर्शियल LPG की कीमतों में बदलाव अंतरराष्ट्रीय LPG बेंचमार्क और विदेशी मुद्रा की चाल जैसे कारकों से प्रभावित होता है। तेल कंपनियां आम तौर पर LPG की कीमतों की समीक्षा हर महीने की शुरुआत में करती हैं। इस बार भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बदलाव के बीच 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को राहत इस बार की कीमत वृद्धि का असर घरेलू रसोई गैस पर नहीं पड़ा है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों को यथावत रखा गया है। दिल्ली में इसकी कीमत ₹942 है, जबकि लखनऊ में यह ₹979.50 बनी हुई है। इसलिए अक्टूबर की यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कमर्शियल LPG इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों से संबंधित है।
मध्य प्रदेश में 23 सितंबर 2026 को कई व्यापारिक संगठनों ने प्रस्तावित UPI शुल्क के विरोध में ‘No UPI Day’ मनाया। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रतलाम, नीमच, मंदसौर और जावरा समेत कई शहरों में व्यापारियों ने अभियान के तहत विरोध दर्ज कराया। कई दुकानदारों ने अपने UPI QR कोड को काले कपड़े से ढककर ग्राहकों से नकद भुगतान करने की अपील की। 2,000 रुपये से अधिक भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क व्यापारियों का मुख्य विरोध 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा UPI मर्चेंट लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत Merchant Discount Rate यानी MDR को लेकर है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार यह शुल्क 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने की बात कही गई है। वहीं 2,000 रुपये तक के पात्र UPI मर्चेंट भुगतान को इस शुल्क से बाहर रखने की जानकारी सामने आई है। कारोबारियों को अतिरिक्त लागत की चिंता व्यापारिक संगठनों का कहना है कि UPI भुगतान अब रोजमर्रा के कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। बड़े मूल्य के लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लागू होने से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, फर्नीचर, ऑटो पार्ट्स और थोक कारोबार जैसे क्षेत्रों में 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान आम हैं। इंदौर में कई संगठनों ने लिया हिस्सा इंदौर में अभियान को कई व्यापारिक संगठनों का समर्थन मिला। बाजारों में व्यापारियों ने QR कोड ढककर सांकेतिक विरोध किया। कुछ दुकानदारों ने एक दिन के लिए UPI भुगतान स्वीकार नहीं किया, जबकि कुछ व्यापारियों ने ग्राहकों की सुविधा को देखते हुए डिजिटल भुगतान जारी रखा। भोपाल समेत अन्य शहरों में भी प्रदर्शन भोपाल और प्रदेश के अन्य शहरों में भी व्यापारियों ने अलग-अलग तरीकों से प्रस्तावित शुल्क का विरोध किया। व्यापारियों ने कहा कि उनकी आपत्ति UPI सुविधा से नहीं, बल्कि लेनदेन पर संभावित अतिरिक्त लागत से है। ग्राहकों से सीधे शुल्क लेने का मुद्दा प्रस्तावित MDR का संबंध व्यापारी पक्ष से है। इसका मतलब यह नहीं है कि UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों से सीधे 0.4 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। 2,000 रुपये तक के पात्र UPI भुगतान को भी प्रस्तावित शुल्क से बाहर रखने की बात कही गई है। सरकार से व्यवस्था पर दोबारा विचार की मांग व्यापारिक संगठनों ने सरकार से प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था पर दोबारा विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ना चाहिए। 15 अक्टूबर की तारीख पर नजर ‘No UPI Day’ के जरिए व्यापारियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। अब व्यापारिक संगठनों की नजर 15 अक्टूबर 2026 की प्रस्तावित लागू तारीख पर है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और व्यापारिक संगठनों के बीच बातचीत आगे बढ़ सकती है।
भारत में डिजिटल पेमेंट के सबसे लोकप्रिय माध्यम Unified Payments Interface (UPI) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। National Payments Corporation of India (NPCI) ने चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने की घोषणा की है। नया नियम 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर नया शुल्क नए नियम के तहत चुनिंदा मर्चेंट लेनदेन में ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत तक MDR लगाया जाएगा। यह शुल्क मुख्य रूप से मर्चेंट पेमेंट से जुड़े भुगतान पर लागू होगा। ₹2,000 तक के UPI भुगतान पर यह नया MDR लागू नहीं होगा। आम लोगों के लिए क्या बदलेगा? सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले सामान्य UPI ट्रांसफर पर यह MDR लागू नहीं होगा। इसके अलावा, नए शुल्क की व्यवस्था का उद्देश्य सीधे उपभोक्ता से अतिरिक्त पैसा वसूलना नहीं बताया गया है। रिपोर्टों के अनुसार बैंकों और पेमेंट कंपनियों को उपभोक्ताओं पर यह शुल्क डालने की अनुमति नहीं होगी। बड़े भुगतान पर शुल्क की सीमा नए ढांचे में बहुत बड़े पात्र मर्चेंट लेनदेन के लिए MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन रखी गई है। वहीं कुछ आवश्यक सेवाओं और विशेष श्रेणियों के लिए अलग शुल्क व्यवस्था लागू होगी। छोटे कारोबारियों को भी कुछ परिस्थितियों में राहत दी गई है। UPI के लिए क्यों महत्वपूर्ण है बदलाव? UPI भारत में डिजिटल भुगतान का एक प्रमुख माध्यम बन चुका है। NPCI के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 में UPI पर करीब 24,508.96 मिलियन यानी 24.5 अरब से अधिक लेनदेन हुए, जिनकी कुल राशि करीब ₹29.82 लाख करोड़ रही। नए MDR ढांचे से पेमेंट सिस्टम में शामिल बैंकों, ऐप प्रोवाइडर्स और अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए राजस्व का नया स्रोत बनने की उम्मीद है। रिपोर्टों के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य UPI के बुनियादी ढांचे, साइबर सुरक्षा और सेवाओं में निवेश को समर्थन देना भी है। 15 अक्टूबर से लागू होगा नियम फिलहाल यह व्यवस्था लागू नहीं हुई है। NPCI द्वारा घोषित नया MDR ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। इसलिए 16 सितंबर 2026 को UPI इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए यह बदलाव तत्काल लागू नहीं माना जाएगा। नए नियम का मुख्य प्रभाव चुनिंदा ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट लेनदेन पर पड़ेगा, जबकि सामान्य P2P UPI ट्रांसफर मुफ्त रहेगा।