भारत में इस साल चावल उत्पादन में बड़ी गिरावट आने का अनुमान लगाया जा रहा है। कम बारिश और फसल पकने के महत्वपूर्ण समय में नमी की कमी के कारण उत्पादन पिछले साल के रिकॉर्ड स्तर से करीब 6.5 प्रतिशत कम रह सकता है। उद्योग से जुड़े अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक उत्पादन में लगभग 1 करोड़ मीट्रिक टन की कमी हो सकती है। पिछले साल भारत में चावल का उत्पादन करीब 15.4 करोड़ मीट्रिक टन रहा था।
करीब दो दशक में सबसे बड़ी गिरावट की आशंका
उद्योग अधिकारियों के अनुसार, यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो यह करीब दो दशकों में चावल उत्पादन में सबसे बड़ी सालाना गिरावट हो सकती है। इससे पहले 2009-10 में अल नीनो से जुड़ी सूखे की स्थिति के दौरान उत्पादन में बड़ी कमी दर्ज की गई थी। इस बार भी कमजोर बारिश का असर विशेष रूप से उन क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है जहां धान की खेती बड़े पैमाने पर होती है।
कई इलाकों में बारिश की कमी
रिपोर्ट के मुताबिक 1 जून से शुरू हुए मानसून सीजन के दौरान भारत में सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। कुछ प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में बारिश की कमी इससे भी अधिक बताई गई है। दक्षिण और पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में बारिश की कमी करीब 42 प्रतिशत तक पहुंच गई है। बारिश की कमी का सीधा असर फसल की उपज पर पड़ने की आशंका है।
धान की बुवाई का क्षेत्र भी घटा
इस साल गर्मियों में बोए जाने वाले चावल का क्षेत्रफल भी पिछले साल की तुलना में कम रहा है। 11 सितंबर तक गर्मी में बोए गए चावल का क्षेत्र करीब 4.268 करोड़ हेक्टेयर था, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले लगभग 4 प्रतिशत कम है। गर्मी में बोया जाने वाला धान देश के कुल चावल उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है।
सरकारी भंडार से बड़ी राहत
उत्पादन घटने की आशंका के बावजूद देश में चावल का सरकारी भंडार मजबूत स्थिति में है। 1 सितंबर तक सरकारी भंडार में चावल और बिना कुटे धान को मिलाकर करीब 5.96 करोड़ मीट्रिक टन स्टॉक मौजूद था। यह 1 अक्टूबर के लिए निर्धारित करीब 1.03 करोड़ मीट्रिक टन के सरकारी लक्ष्य से काफी अधिक है। इससे घरेलू उपलब्धता बनाए रखने और निर्यात को जारी रखने में मदद मिल सकती है।
कीमतों पर पड़ सकता है असर
उत्पादन में कमी की आशंका के बीच घरेलू बाजार में चावल की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। निर्यात कीमतों पर भी इसका असर पड़ सकता है। हालांकि पर्याप्त सरकारी भंडार होने के कारण भारत के चावल निर्यात पर तत्काल बड़ा दबाव आने की संभावना कम बताई जा रही है। किसानों को प्रीमियम किस्मों के लिए खुले बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना भी जताई गई है।
अंतिम आंकड़ों का इंतजार
फिलहाल 6.5 प्रतिशत की गिरावट एक अनुमान है। वास्तविक उत्पादन फसल की अंतिम स्थिति, बारिश और कटाई के बाद सामने आने वाले आंकड़ों पर निर्भर करेगा। आने वाले समय में मौसम और जल उपलब्धता चावल उत्पादन की अंतिम तस्वीर को प्रभावित कर सकती है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
भारत में इस साल चावल उत्पादन में बड़ी गिरावट आने का अनुमान लगाया जा रहा है। कम बारिश और फसल पकने के महत्वपूर्ण समय में नमी की कमी के कारण उत्पादन पिछले साल के रिकॉर्ड स्तर से करीब 6.5 प्रतिशत कम रह सकता है। उद्योग से जुड़े अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक उत्पादन में लगभग 1 करोड़ मीट्रिक टन की कमी हो सकती है। पिछले साल भारत में चावल का उत्पादन करीब 15.4 करोड़ मीट्रिक टन रहा था। करीब दो दशक में सबसे बड़ी गिरावट की आशंका उद्योग अधिकारियों के अनुसार, यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो यह करीब दो दशकों में चावल उत्पादन में सबसे बड़ी सालाना गिरावट हो सकती है। इससे पहले 2009-10 में अल नीनो से जुड़ी सूखे की स्थिति के दौरान उत्पादन में बड़ी कमी दर्ज की गई थी। इस बार भी कमजोर बारिश का असर विशेष रूप से उन क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है जहां धान की खेती बड़े पैमाने पर होती है। कई इलाकों में बारिश की कमी रिपोर्ट के मुताबिक 1 जून से शुरू हुए मानसून सीजन के दौरान भारत में सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। कुछ प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में बारिश की कमी इससे भी अधिक बताई गई है। दक्षिण और पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में बारिश की कमी करीब 42 प्रतिशत तक पहुंच गई है। बारिश की कमी का सीधा असर फसल की उपज पर पड़ने की आशंका है। धान की बुवाई का क्षेत्र भी घटा इस साल गर्मियों में बोए जाने वाले चावल का क्षेत्रफल भी पिछले साल की तुलना में कम रहा है। 11 सितंबर तक गर्मी में बोए गए चावल का क्षेत्र करीब 4.268 करोड़ हेक्टेयर था, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले लगभग 4 प्रतिशत कम है। गर्मी में बोया जाने वाला धान देश के कुल चावल उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। सरकारी भंडार से बड़ी राहत उत्पादन घटने की आशंका के बावजूद देश में चावल का सरकारी भंडार मजबूत स्थिति में है। 1 सितंबर तक सरकारी भंडार में चावल और बिना कुटे धान को मिलाकर करीब 5.96 करोड़ मीट्रिक टन स्टॉक मौजूद था। यह 1 अक्टूबर के लिए निर्धारित करीब 1.03 करोड़ मीट्रिक टन के सरकारी लक्ष्य से काफी अधिक है। इससे घरेलू उपलब्धता बनाए रखने और निर्यात को जारी रखने में मदद मिल सकती है। कीमतों पर पड़ सकता है असर उत्पादन में कमी की आशंका के बीच घरेलू बाजार में चावल की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। निर्यात कीमतों पर भी इसका असर पड़ सकता है। हालांकि पर्याप्त सरकारी भंडार होने के कारण भारत के चावल निर्यात पर तत्काल बड़ा दबाव आने की संभावना कम बताई जा रही है। किसानों को प्रीमियम किस्मों के लिए खुले बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना भी जताई गई है। अंतिम आंकड़ों का इंतजार फिलहाल 6.5 प्रतिशत की गिरावट एक अनुमान है। वास्तविक उत्पादन फसल की अंतिम स्थिति, बारिश और कटाई के बाद सामने आने वाले आंकड़ों पर निर्भर करेगा। आने वाले समय में मौसम और जल उपलब्धता चावल उत्पादन की अंतिम तस्वीर को प्रभावित कर सकती है।
उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर को नई गति देने के लिए UP TEX-2026 का मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को लखनऊ में शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य में टेक्सटाइल उद्योग के लिए निवेश आकर्षित करना, नई तकनीक को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं अपैरल हब के रूप में विकसित करना है। टेक्सटाइल सेक्टर पर सरकार का फोकस UP TEX-2026 के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार ने टेक्सटाइल उद्योग को लेकर अपनी रणनीति सामने रखी है। सरकार का जोर केवल कपड़ा निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे टेक्सटाइल वैल्यू चेन को मजबूत करने पर है। इसमें कच्चे माल से लेकर धागा, कपड़ा, प्रोसेसिंग, डिजाइन, तैयार उत्पाद और निर्यात तक की पूरी प्रक्रिया को विकसित करने की योजना शामिल है। उत्तर प्रदेश में पहले से ही हथकरघा, पावरलूम और कपड़ा उत्पादन से जुड़ा बड़ा आधार मौजूद है। सरकार का मानना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक तकनीक और निवेश के जरिए इस क्षेत्र को और मजबूत किया जा सकता है। नए निवेश से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर कार्यक्रम के दौरान नए और विस्तार करने वाले टेक्सटाइल यूनिट्स को Letters of Comfort (LoCs) दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे राज्य में नए उद्योग स्थापित होने और मौजूदा इकाइयों के विस्तार की उम्मीद है। टेक्सटाइल उद्योग को रोजगार पैदा करने वाला महत्वपूर्ण सेक्टर माना जाता है। नए निवेश से उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ युवाओं के लिए मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन, टेक्नोलॉजी, मार्केटिंग और एक्सपोर्ट से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। बुनकरों और कारीगरों के लिए योजनाएं UP TEX-2026 में बुनकरों और कारीगरों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। सरकार की ओर से Handloom Weavers’ Prosperity Scheme और टेक्सटाइल सेक्टर में ट्रेनिंग एवं स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कदमों को सामने रखा गया है। इसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीक और बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है, ताकि उनके उत्पादों को बड़े बाजार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर अवसर मिल सकें। निर्यात बढ़ाने की तैयारी उत्तर प्रदेश सरकार टेक्सटाइल उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है। इसके लिए उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता, डिजाइन, ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों के अनुसार उत्पाद तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। UP TEX-2026 में सरकार, उद्योग जगत और निवेशकों के बीच बातचीत के जरिए नए निवेश और कारोबारी संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। ग्लोबल टेक्सटाइल हब बनाने का लक्ष्य उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य को ग्लोबल टेक्सटाइल और अपैरल हब के रूप में विकसित करना है। UP TEX-2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। निवेश, आधुनिक तकनीक, स्किल डेवलपमेंट और निर्यात को बढ़ावा देकर सरकार टेक्सटाइल सेक्टर को राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार का बड़ा आधार बनाने की तैयारी कर रही है।
दिल्ली-NCR में CNG से वाहन चलाने वाले लोगों के लिए शनिवार से खर्च बढ़ गया है। Indraprastha Gas Limited (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 को सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी का असर निजी कार चालकों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी और अन्य CNG आधारित व्यावसायिक वाहनों पर भी पड़ने की संभावना है। दिल्ली में CNG का नया रेट कितना हुआ? कीमत बढ़ने के बाद दिल्ली में CNG का खुदरा भाव ₹83.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गया है। यानी दिल्ली में वाहन चालकों को अब हर किलोग्राम CNG के लिए पहले की तुलना में ₹3.89 अधिक भुगतान करना होगा। IGL ने दिल्ली-NCR के अपने विभिन्न क्षेत्रों में समान रूप से ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी लागू की है। NCR के प्रमुख शहरों में भी बढ़े दाम CNG की कीमतों में बढ़ोतरी सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। NCR के प्रमुख शहरों में भी नए रेट लागू किए गए हैं। नोएडा और गाजियाबाद में CNG ₹95.59 प्रति किलो, जबकि गुरुग्राम में ₹92.01 प्रति किलो हो गई है। मेरठ में नई कीमत ₹95.47 प्रति किलो बताई गई है। इससे NCR में रोजाना CNG से सफर करने वाले लाखों लोगों का परिवहन खर्च बढ़ सकता है। क्यों बढ़ाई गई CNG की कीमत? IGL के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG यानी Liquefied Natural Gas की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने बताया कि CNG के लिए इस्तेमाल होने वाली गैस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आयातित LNG से जुड़ा है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में बदलाव का असर घरेलू CNG की लागत पर पड़ता है। कंपनी ने यह भी बताया कि West Asia में जारी तनाव के कारण LNG cargo movements प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा यूरोप में सर्दियों से पहले प्राकृतिक गैस की मांग बढ़ने से भी अंतरराष्ट्रीय LNG बाजार पर दबाव बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय LNG कीमतों में कितना उछाल? IGL के मुताबिक, यूरोप के TTF गैस बाजार में कीमत फरवरी के अंत में करीब 11.36 डॉलर प्रति MMBTU से बढ़कर 27 अगस्त तक लगभग 23.35 डॉलर हो गई। इसी अवधि में एशियाई JKM LNG कीमत करीब 10.99 डॉलर से बढ़कर 23.41 डॉलर प्रति MMBTU तक पहुंच गई। यानी अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की लागत में काफी वृद्धि हुई है। ड्राइवरों और आम लोगों पर क्या होगा असर? CNG की कीमत बढ़ने से सबसे ज्यादा असर रोजाना वाहन चलाने वाले लोगों और कमर्शियल ड्राइवरों पर पड़ सकता है। ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, कैब और CNG से चलने वाले अन्य वाहनों की दैनिक संचालन लागत बढ़ जाएगी। यदि ईंधन लागत लंबे समय तक ऊंची रहती है, तो इसका असर भविष्य में परिवहन किराए पर भी पड़ सकता है। निजी कार चालकों के लिए भी हर महीने का ईंधन बजट बढ़ सकता है। हालांकि वास्तविक अतिरिक्त खर्च वाहन के माइलेज और प्रतिदिन चलने वाली दूरी पर निर्भर करेगा। इस साल कितनी बार बढ़े CNG के दाम? दिल्ली-NCR में यह इस साल CNG कीमतों में पांचवीं बढ़ोतरी बताई जा रही है। इससे पहले मई में भी अलग-अलग चरणों में कीमतों में कुल ₹6 प्रति किलो की वृद्धि हुई थी। नई ₹3.89 की बढ़ोतरी के बाद CNG इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं पर एक बार फिर अतिरिक्त खर्च का दबाव बढ़ गया है। IGL ने कीमत बढ़ाने पर क्या कहा? IGL का कहना है कि नई कीमत में बढ़ोतरी एक “calibrated revision” है, जिसका उद्देश्य बढ़ी हुई input gas cost के प्रभाव को आंशिक रूप से कम करना है। कंपनी के अनुसार, कीमत बढ़ाने के बावजूद दिल्ली में CNG अभी भी अन्य वैकल्पिक ईंधनों की तुलना में एक किफायती विकल्प बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय LNG बाजार में कीमतें और West Asia की स्थिति आगे किस दिशा में जाती है, इसका असर आने वाले समय में घरेलू गैस लागत पर पड़ सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के वाहन चालकों को बढ़ी हुई कीमत के अनुसार अपना ईंधन बजट तैयार करना होगा। 29 अगस्त 2026 से लागू नए CNG रेट ने दिल्ली-NCR के लाखों वाहन चालकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। अब अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों और वैश्विक परिस्थितियों पर नजर बनी रहेगी।