भारतीय मुद्रा बाजार में सोमवार, 31 अगस्त 2026 को रुपये पर दबाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। महंगे कच्चे तेल से भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ने की आशंका है, जबकि अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों का असर विदेशी पूंजी के प्रवाह पर पड़ सकता है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़ने पर देश को तेल खरीदने के लिए ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। इससे डॉलर की मांग बढ़ सकती है और रुपये पर दबाव आ सकता है। बाजार में फिलहाल कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
अमेरिकी फेड की नीति पर बाजार की नजर
रुपये की चाल पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति का भी महत्वपूर्ण असर पड़ता है। यदि अमेरिकी ब्याज दरें ऊंची रहती हैं या भविष्य में दरों में बढ़ोतरी की संभावना मजबूत होती है, तो डॉलर में निवेश आकर्षक हो सकता है। ऐसी स्थिति में उभरते बाजारों से विदेशी निवेश बाहर जाने का जोखिम बढ़ जाता है।
भारतीय बाजार के लिए यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि विदेशी निवेशकों की गतिविधियां रुपये की मांग और आपूर्ति को प्रभावित करती हैं। डॉलर मजबूत होने और विदेशी पूंजी के बाहर जाने की स्थिति में भारतीय मुद्रा पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।
रुपये की कमजोरी का आम लोगों पर असर
रुपये में लगातार कमजोरी आने का असर केवल शेयर बाजार तक सीमित नहीं रहता। भारत के लिए महंगे डॉलर का मतलब कई आयातित वस्तुओं की लागत बढ़ना भी हो सकता है। कच्चा तेल महंगा होने पर पेट्रोलियम उत्पादों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और कुछ अन्य आयातित सामान भी महंगे हो सकते हैं।
हालांकि रुपये की चाल पर केवल तेल की कीमतों का असर नहीं होता। विदेशी निवेश, डॉलर की वैश्विक स्थिति, भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियां, देश का व्यापार घाटा और वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति जैसे कई कारक भी मुद्रा बाजार को प्रभावित करते हैं।
बॉन्ड बाजार में भी उतार-चढ़ाव की संभावना
रुपये के साथ भारतीय सरकारी बॉन्ड बाजार पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। वैश्विक ब्याज दरों और घरेलू महंगाई को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशक अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आने वाले समय में वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियां किस दिशा में जाती हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक के लिए भी मुद्रा बाजार की स्थिति महत्वपूर्ण है। रुपये में अचानक ज्यादा उतार-चढ़ाव होने पर केंद्रीय बैंक बाजार की परिस्थितियों पर नजर रख सकता है और जरूरत के अनुसार कदम उठा सकता है। हालांकि रुपये की दिशा तय करने में वैश्विक बाजार की स्थिति की बड़ी भूमिका बनी हुई है।
आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, फेडरल रिजर्व के संकेत और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां रुपये की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी। यदि तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है और डॉलर मजबूत बना रहता है, तो रुपये पर दबाव बना रह सकता है। दूसरी ओर, अगर वैश्विक बाजार में स्थिरता आती है और डॉलर की मजबूती कम होती है, तो रुपये को कुछ राहत मिल सकती है।
फिलहाल भारतीय मुद्रा बाजार में निवेशक सावधानी के साथ आगे बढ़ रहे हैं। कच्चे तेल और अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े संकेत आने वाले दिनों में रुपये और सरकारी बॉन्ड बाजार की चाल को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल रहेंगे।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
भारतीय मुद्रा बाजार में सोमवार, 31 अगस्त 2026 को रुपये पर दबाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। महंगे कच्चे तेल से भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ने की आशंका है, जबकि अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों का असर विदेशी पूंजी के प्रवाह पर पड़ सकता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़ने पर देश को तेल खरीदने के लिए ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। इससे डॉलर की मांग बढ़ सकती है और रुपये पर दबाव आ सकता है। बाजार में फिलहाल कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर निवेशकों की नजर बनी हुई है। अमेरिकी फेड की नीति पर बाजार की नजर रुपये की चाल पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति का भी महत्वपूर्ण असर पड़ता है। यदि अमेरिकी ब्याज दरें ऊंची रहती हैं या भविष्य में दरों में बढ़ोतरी की संभावना मजबूत होती है, तो डॉलर में निवेश आकर्षक हो सकता है। ऐसी स्थिति में उभरते बाजारों से विदेशी निवेश बाहर जाने का जोखिम बढ़ जाता है। भारतीय बाजार के लिए यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि विदेशी निवेशकों की गतिविधियां रुपये की मांग और आपूर्ति को प्रभावित करती हैं। डॉलर मजबूत होने और विदेशी पूंजी के बाहर जाने की स्थिति में भारतीय मुद्रा पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है। रुपये की कमजोरी का आम लोगों पर असर रुपये में लगातार कमजोरी आने का असर केवल शेयर बाजार तक सीमित नहीं रहता। भारत के लिए महंगे डॉलर का मतलब कई आयातित वस्तुओं की लागत बढ़ना भी हो सकता है। कच्चा तेल महंगा होने पर पेट्रोलियम उत्पादों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और कुछ अन्य आयातित सामान भी महंगे हो सकते हैं। हालांकि रुपये की चाल पर केवल तेल की कीमतों का असर नहीं होता। विदेशी निवेश, डॉलर की वैश्विक स्थिति, भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियां, देश का व्यापार घाटा और वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति जैसे कई कारक भी मुद्रा बाजार को प्रभावित करते हैं। बॉन्ड बाजार में भी उतार-चढ़ाव की संभावना रुपये के साथ भारतीय सरकारी बॉन्ड बाजार पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। वैश्विक ब्याज दरों और घरेलू महंगाई को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशक अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आने वाले समय में वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियां किस दिशा में जाती हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के लिए भी मुद्रा बाजार की स्थिति महत्वपूर्ण है। रुपये में अचानक ज्यादा उतार-चढ़ाव होने पर केंद्रीय बैंक बाजार की परिस्थितियों पर नजर रख सकता है और जरूरत के अनुसार कदम उठा सकता है। हालांकि रुपये की दिशा तय करने में वैश्विक बाजार की स्थिति की बड़ी भूमिका बनी हुई है। आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, फेडरल रिजर्व के संकेत और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां रुपये की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी। यदि तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है और डॉलर मजबूत बना रहता है, तो रुपये पर दबाव बना रह सकता है। दूसरी ओर, अगर वैश्विक बाजार में स्थिरता आती है और डॉलर की मजबूती कम होती है, तो रुपये को कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल भारतीय मुद्रा बाजार में निवेशक सावधानी के साथ आगे बढ़ रहे हैं। कच्चे तेल और अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े संकेत आने वाले दिनों में रुपये और सरकारी बॉन्ड बाजार की चाल को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल रहेंगे।
मध्य पूर्व में जारी तनाव और कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर दिखाई दे रहा है। 21 अगस्त 2026 को कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद बाजार लगातार दूसरी साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ता नजर आया। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, 21 अगस्त को सुबह 06:46 GMT तक Brent crude futures 34 सेंट यानी लगभग 0.4 प्रतिशत गिरकर 93.44 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहे थे। वहीं अमेरिकी West Texas Intermediate यानी WTI crude futures 44 सेंट या लगभग 0.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 86.76 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए। पिछले कारोबारी सत्र में आया था उछाल एक दिन पहले कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। पिछले कारोबारी सत्र में Brent crude की कीमत लगभग 2.4 प्रतिशत बढ़ी थी, जबकि WTI crude में करीब 2.3 प्रतिशत का उछाल आया था। इस बढ़त का मुख्य कारण मध्य पूर्व से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की बढ़ती आशंका रही। निवेशक क्षेत्रीय घटनाक्रम और तेल उत्पादक देशों से आने वाली आपूर्ति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। बाजार को चिंता है कि तनाव लंबे समय तक जारी रहने पर प्रमुख तेल मार्गों, बंदरगाहों और उत्पादन केंद्रों का कामकाज प्रभावित हो सकता है। आपूर्ति की चिंता से बाजार में अनिश्चितता मध्य पूर्व दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। यहां उत्पन्न होने वाला कोई भी बड़ा तनाव वैश्विक आपूर्ति शृंखला को प्रभावित कर सकता है। समुद्री मार्गों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कच्चा तेल विभिन्न देशों तक पहुंचाया जाता है। इन मार्गों में व्यवधान आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध तेल की मात्रा कम हो सकती है। इसी संभावना के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। एक तरफ आपूर्ति संबंधी चिंता कीमतों को ऊपर ले जा रही है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक मांग, आर्थिक वृद्धि और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण दैनिक कारोबार में मामूली गिरावट देखने को मिल रही है। भारत पर पड़ सकता है महंगे तेल का असर भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहने पर देश के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर रुपये की विनिमय दर, पेट्रोल-डीजल की लागत, परिवहन खर्च और महंगाई पर भी पड़ने की आशंका रहती है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव का असर घरेलू ईंधन कीमतों पर तुरंत या समान अनुपात में पड़े, यह जरूरी नहीं है। घरेलू कीमतों का निर्धारण विनिमय दर, कर, तेल कंपनियों की लागत और सरकारी नीतियों जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है। आने वाले दिनों में घटनाक्रम पर रहेगी नजर विशेषज्ञों और निवेशकों की नजर अब मध्य पूर्व की स्थिति, तेल उत्पादन और समुद्री आपूर्ति मार्गों पर रहेगी। तनाव कम होने के संकेत मिलने पर कीमतों में नरमी आ सकती है। दूसरी ओर आपूर्ति में वास्तविक रुकावट आने पर कच्चा तेल और महंगा हो सकता है। ध्यान रहे कि 93.44 डॉलर प्रति बैरल का आंकड़ा 21 अगस्त 2026 के एक निश्चित समय का है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पूरे कारोबारी सत्र के दौरान लगातार बदलती रहती हैं
नई दिल्ली: अगस्त महीने की शुरुआत व्यावसायिक गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों के लिए राहत भरी खबर के साथ हुई है। तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती की है। नई दरें 1 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस फैसले से होटल, रेस्तरां, ढाबा, मिठाई की दुकान, बेकरी, कैटरिंग और भोजन तैयार करने वाले छोटे कारोबारियों का खर्च कुछ कम होने की उम्मीद है। दिल्ली में अब कितने का मिलेगा सिलेंडर? Indian Oil की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नई दरों के अनुसार दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत अब ₹2,738 हो गई है। जुलाई में दिल्ली में इसकी कीमत ₹2,930 थी। इस हिसाब से दिल्ली में व्यावसायिक सिलेंडर लगभग ₹192 सस्ता हुआ है। कोलकाता में 19 किलो वाले सिलेंडर की नई कीमत ₹2,872.50 हो गई है। पहले इसकी कीमत ₹3,081.50 थी। इस प्रकार कोलकाता में इसकी कीमत ₹209 कम हुई है। मुंबई में कमर्शियल LPG सिलेंडर अब ₹2,691.50 में मिलेगा। यहां इसकी कीमत में ₹194 की कटौती की गई है। चेन्नई में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की नई कीमत ₹2,906 निर्धारित की गई है और यहां कीमत लगभग ₹200 कम हुई है। लगातार दूसरे महीने घटाई गई कीमत कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम लगातार दूसरे महीने कम किए गए हैं। इससे पहले 1 जुलाई 2026 को भी तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमतों में कटौती की थी। जुलाई में दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹183.50 घटाकर ₹2,930 की गई थी। अब अगस्त में दोबारा कीमत कम होने से उन कारोबारियों को अतिरिक्त राहत मिली है, जिनके रोजाना खर्च का बड़ा हिस्सा रसोई गैस पर खर्च होता है। घरेलू सिलेंडर LPG की कीमत में बदलाव नहीं यह कटौती केवल 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर पर लागू की गई है। घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹942 बनी हुई है। कोलकाता में यह ₹968, मुंबई में ₹941.50 और चेन्नई में ₹957.50 है। इसलिए घरेलू उपभोक्ताओं को अगस्त महीने में गैस सिलेंडर की कीमत में किसी प्रकार की नई राहत नहीं मिली है। कारोबारियों को कैसे मिलेगा फायदा? व्यावसायिक LPG सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्तरां, चाय की दुकान, भोजनालय, बेकरी, कैंटीन और कैटरिंग व्यवसाय में किया जाता है। इन प्रतिष्ठानों में एक महीने में कई सिलेंडर इस्तेमाल होते हैं। ऐसे में प्रत्येक सिलेंडर पर लगभग ₹190 से ₹209 तक की बचत होने से मासिक ईंधन खर्च में अच्छी कमी आ सकती है। उदाहरण के लिए, कोई रेस्तरां महीने में 20 सिलेंडर इस्तेमाल करता है तो उसे लगभग ₹3,800 से ₹4,000 तक की बचत हो सकती है। हालांकि वास्तविक बचत शहर और स्थानीय कीमत के अनुसार अलग हो सकती है। हर महीने तय होती हैं नई कीमतें सरकारी तेल विपणन कंपनियां आमतौर पर प्रत्येक महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। कीमत तय करते समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमत, कच्चे तेल के दाम, रुपये और डॉलर की विनिमय दर, आयात लागत तथा परिवहन खर्च जैसे कई कारकों को ध्यान में रखा जाता है। अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थानीय कर तथा परिवहन लागत अलग होने के कारण LPG सिलेंडर की कीमत भी अलग हो सकती है। इसलिए ग्राहकों को सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर की नवीनतम कीमत अवश्य जांच लेनी चाहिए। कुल मिलाकर कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में हुई कटौती से छोटे और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि घरेलू ग्राहकों को फिलहाल पुराने दाम पर ही रसोई गैस सिलेंडर खरीदना होगा।