भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में स्वदेशी क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। 28 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने ‘Gnani Artha’ नाम के एक Sovereign AI Stack को लॉन्च किया। इस पहल का उद्देश्य भारत में विकसित और भारत के नियंत्रण में रहने वाली AI तकनीक को बढ़ावा देना है।
क्या है ‘Gnani Artha’?
‘Gnani Artha’ एक Sovereign AI Stack है, जिसे भारतीय AI कंपनी GNANI AI ने विकसित किया है। इस स्टैक में Evon 3.3 नाम का Large Language Model (LLM) और Plexus नाम का AI प्लेटफॉर्म शामिल है। इसका लक्ष्य संगठनों को AI आधारित सेवाओं और एप्लिकेशन के लिए एक स्वदेशी तकनीकी आधार उपलब्ध कराना है।
क्यों भारत के लिए महत्वपूर्ण है यह पहल?
आज AI तकनीक का इस्तेमाल बिजनेस, शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, सरकारी सेवाओं और ग्राहक सहायता जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे समय में किसी देश के लिए अपनी AI क्षमताओं को विकसित करना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। Sovereign AI का मतलब ऐसी AI क्षमता से है, जिसके महत्वपूर्ण मॉडल, डेटा, कंप्यूटिंग और तकनीकी नियंत्रण देश के अपने सिस्टम और संस्थानों के भीतर रह सकें।
भारतीय कंपनियों को मिल सकता है फायदा
नई AI पहल से भारतीय कंपनियों और संस्थानों को अपनी जरूरत के अनुसार AI समाधान विकसित करने में मदद मिल सकती है। खासतौर पर ऐसे संगठन जिन्हें डेटा सुरक्षा, स्थानीय भाषाओं और भारत-केंद्रित AI मॉडल की आवश्यकता है, उनके लिए स्वदेशी AI ecosystem उपयोगी साबित हो सकता है।
इस तरह के प्लेटफॉर्म से कंपनियों को विदेशी AI तकनीक पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय स्थानीय विकल्प तलाशने का अवसर मिलेगा। इससे भारत में AI से जुड़े स्टार्टअप, डेवलपर्स और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
भारतीय भाषाओं पर भी जोर
भारत की सबसे बड़ी तकनीकी चुनौतियों में से एक है अलग-अलग भारतीय भाषाओं और स्थानीय संदर्भों के लिए AI को उपयोगी बनाना। देश में सैकड़ों भाषाएं और बोलियां इस्तेमाल की जाती हैं। इसलिए भारतीय परिस्थितियों को समझने वाले AI मॉडल विकसित करना महत्वपूर्ण है।
Sovereign AI ecosystem के विस्तार से भविष्य में भारतीय भाषाओं में बेहतर AI आधारित सेवाओं को विकसित करने में मदद मिल सकती है। इससे डिजिटल सेवाओं की पहुंच उन लोगों तक भी बढ़ सकती है जो अंग्रेजी के बजाय अपनी स्थानीय भाषा में तकनीक का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं।
उपराष्ट्रपति ने क्या कहा?
लॉन्च कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भारत को केवल AI का consumer नहीं बल्कि AI का creator बनने की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके संदेश का मुख्य उद्देश्य देश में AI innovation, research और indigenous technology को बढ़ावा देना रहा।
AI सेक्टर में बढ़ रही भारत की भूमिका
भारत पिछले कुछ वर्षों में AI, cloud computing, semiconductor और digital infrastructure जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रहा है। सरकारी पहलों के साथ-साथ भारतीय startups और technology companies भी AI products और platforms विकसित कर रही हैं।
‘Gnani Artha’ का लॉन्च इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है। इसका प्रभाव आने वाले वर्षों में भारतीय AI ecosystem, businesses और public institutions पर देखने को मिल सकता है।
Sovereign AI को सफल बनाने के लिए केवल AI model तैयार करना पर्याप्त नहीं होगा। इसके लिए बड़े स्तर पर computing infrastructure, high-quality भारतीय language data, skilled professionals, research और मजबूत cybersecurity की जरूरत होगी।
‘Gnani Artha’ का लॉन्च भारत की AI यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारतीय कंपनियां और संस्थान इस तरह की स्वदेशी AI तकनीक को किस स्तर तक अपनाते हैं और इससे देश के डिजिटल ecosystem को कितना फायदा मिलता है।
भारत में Sovereign AI को बढ़ावा, उपराष्ट्रपति ने लॉन्च किया ‘Gnani Artha’ AI Stack
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में स्वदेशी क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। 28 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने ‘Gnani Artha’ नाम के एक Sovereign AI Stack को लॉन्च किया। इस पहल का उद्देश्य भारत में विकसित और भारत के नियंत्रण में रहने वाली AI तकनीक को बढ़ावा देना है। क्या है ‘Gnani Artha’? ‘Gnani Artha’ एक Sovereign AI Stack है, जिसे भारतीय AI कंपनी GNANI AI ने विकसित किया है। इस स्टैक में Evon 3.3 नाम का Large Language Model (LLM) और Plexus नाम का AI प्लेटफॉर्म शामिल है। इसका लक्ष्य संगठनों को AI आधारित सेवाओं और एप्लिकेशन के लिए एक स्वदेशी तकनीकी आधार उपलब्ध कराना है। क्यों भारत के लिए महत्वपूर्ण है यह पहल? आज AI तकनीक का इस्तेमाल बिजनेस, शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, सरकारी सेवाओं और ग्राहक सहायता जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे समय में किसी देश के लिए अपनी AI क्षमताओं को विकसित करना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। Sovereign AI का मतलब ऐसी AI क्षमता से है, जिसके महत्वपूर्ण मॉडल, डेटा, कंप्यूटिंग और तकनीकी नियंत्रण देश के अपने सिस्टम और संस्थानों के भीतर रह सकें। भारतीय कंपनियों को मिल सकता है फायदा नई AI पहल से भारतीय कंपनियों और संस्थानों को अपनी जरूरत के अनुसार AI समाधान विकसित करने में मदद मिल सकती है। खासतौर पर ऐसे संगठन जिन्हें डेटा सुरक्षा, स्थानीय भाषाओं और भारत-केंद्रित AI मॉडल की आवश्यकता है, उनके लिए स्वदेशी AI ecosystem उपयोगी साबित हो सकता है। इस तरह के प्लेटफॉर्म से कंपनियों को विदेशी AI तकनीक पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय स्थानीय विकल्प तलाशने का अवसर मिलेगा। इससे भारत में AI से जुड़े स्टार्टअप, डेवलपर्स और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं। भारतीय भाषाओं पर भी जोर भारत की सबसे बड़ी तकनीकी चुनौतियों में से एक है अलग-अलग भारतीय भाषाओं और स्थानीय संदर्भों के लिए AI को उपयोगी बनाना। देश में सैकड़ों भाषाएं और बोलियां इस्तेमाल की जाती हैं। इसलिए भारतीय परिस्थितियों को समझने वाले AI मॉडल विकसित करना महत्वपूर्ण है। Sovereign AI ecosystem के विस्तार से भविष्य में भारतीय भाषाओं में बेहतर AI आधारित सेवाओं को विकसित करने में मदद मिल सकती है। इससे डिजिटल सेवाओं की पहुंच उन लोगों तक भी बढ़ सकती है जो अंग्रेजी के बजाय अपनी स्थानीय भाषा में तकनीक का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। उपराष्ट्रपति ने क्या कहा? लॉन्च कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भारत को केवल AI का consumer नहीं बल्कि AI का creator बनने की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके संदेश का मुख्य उद्देश्य देश में AI innovation, research और indigenous technology को बढ़ावा देना रहा। AI सेक्टर में बढ़ रही भारत की भूमिका भारत पिछले कुछ वर्षों में AI, cloud computing, semiconductor और digital infrastructure जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रहा है। सरकारी पहलों के साथ-साथ भारतीय startups और technology companies भी AI products और platforms विकसित कर रही हैं। ‘Gnani Artha’ का लॉन्च इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है। इसका प्रभाव आने वाले वर्षों में भारतीय AI ecosystem, businesses और public institutions पर देखने को मिल सकता है। Sovereign AI को सफल बनाने के लिए केवल AI model तैयार करना पर्याप्त नहीं होगा। इसके लिए बड़े स्तर पर computing infrastructure, high-quality भारतीय language data, skilled professionals, research और मजबूत cybersecurity की जरूरत होगी। ‘Gnani Artha’ का लॉन्च भारत की AI यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारतीय कंपनियां और संस्थान इस तरह की स्वदेशी AI तकनीक को किस स्तर तक अपनाते हैं और इससे देश के डिजिटल ecosystem को कितना फायदा मिलता है। भारत में Sovereign AI को बढ़ावा, उपराष्ट्रपति ने लॉन्च किया ‘Gnani Artha’ AI Stack
रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का फैसला किया है। यह सुविधा 27 अगस्त 2026 की रात से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक जारी रहेगी। महिलाओं को नहीं देना होगा बस किराया इस विशेष सुविधा के तहत पात्र महिला यात्रियों को रोडवेज बसों में यात्रा के लिए किराया नहीं देना होगा। सरकार के इस फैसले से रक्षाबंधन पर अपने मायके या भाइयों के घर जाने वाली महिलाओं को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। रक्षाबंधन पर घर जाने में मिलेगी राहत रक्षाबंधन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए दूसरे शहरों और जिलों की यात्रा करती हैं। ऐसे में मुफ्त बस सेवा से महिलाओं को यात्रा खर्च की चिंता कम होगी और वे आसानी से अपने परिवार तक पहुंच सकेंगी। त्योहार पर बढ़ेगी बसों की संख्या रक्षाबंधन के दौरान बसों में यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए परिवहन विभाग की ओर से अतिरिक्त बसों के संचालन और व्यवस्थाओं पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। महिलाओं के लिए राहत भरा फैसला सरकार के इस फैसले को रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर दूर रहने वाली महिलाएं इस सुविधा का लाभ उठाकर अपने भाइयों के साथ त्योहार मना सकेंगी। समय से बस अड्डे पहुंचने की सलाह त्योहार के दौरान बस अड्डों पर भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में महिलाओं को अपनी यात्रा की तैयारी पहले से करने और बसों की उपलब्धता व मार्ग से जुड़ी जानकारी परिवहन विभाग से प्राप्त करने की सलाह दी जाती है। सरकार का उद्देश्य मुफ्त बस यात्रा का मुख्य उद्देश्य रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं को सुविधाजनक, सुरक्षित और कम खर्च वाली परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इस फैसले से बड़ी संख्या में महिला यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
अयोध्या: सावन के धार्मिक आयोजनों और बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए अयोध्या में एक बार फिर ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। प्रशासन की ओर से जारी चरणबद्ध यातायात योजना के तहत 14 अगस्त 2026 सुबह 8 बजे से भारी वाहनों के लिए डायवर्जन लागू किया गया है। यह व्यवस्था 17 अगस्त रात 11 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान मणिपर्वत मेला, झूला मेला, तीसरे सोमवार और नागपंचमी के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए फैसला श्रावण मास के दौरान अयोध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक आयोजनों के समय प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 8 अगस्त से 28 अगस्त तक अलग-अलग चरणों में भारी वाहनों के लिए डायवर्जन की व्यवस्था बनाई है। मौजूदा दूसरा चरण 14 अगस्त से 17 अगस्त तक लागू रहेगा। भारी मालवाहक वाहनों पर रहेगा असर डायवर्जन के दौरान ट्रक, डीसीएम, ट्रैक्टर और अन्य भारी मालवाहक वाहनों को अयोध्या के प्रमुख मार्गों से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें वैकल्पिक मार्गों से उनके गंतव्य की ओर भेजा जाएगा। हालांकि, आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस व्यवस्था से छूट दी गई है। इन रास्तों से भेजे जाएंगे वाहन सुल्तानपुर की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को कूड़ेभार से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की ओर डायवर्ट किया जाएगा। रायबरेली की ओर से आने वाले वाहनों को हलियापुर होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे भेजा जाएगा। आजमगढ़ और अंबेडकरनगर की तरफ से आने वाले वाहन गोहन्ना मोड़, दोस्तपुर होकर आगे बढ़ेंगे। वहीं, बाराबंकी की ओर से आने वाले भारी वाहनों के लिए रामसनेही घाट और हैदरगढ़ की तरफ वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है। बस्ती, गोंडा, गोरखपुर, संतकबीरनगर और आसपास के जिलों से आने वाले भारी वाहनों के लिए भी अलग-अलग डायवर्जन मार्ग निर्धारित किए गए हैं। यात्रियों को पहले से रूट देखने की सलाह अयोध्या आने-जाने वाले लोगों, खासकर भारी वाहन चालकों को यात्रा शुरू करने से पहले बदले हुए रूट की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण कुछ मार्गों पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लग सकता है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना तथा शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति को रोकना है। 14 अगस्त सुबह 8 बजे से शुरू हुआ यह चरण 17 अगस्त 2026 रात 11 बजे तक लागू रहेगा। इसके बाद भी अगस्त में अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान अलग-अलग चरणों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा।