टेक्नोलॉजी कंपनी Nothing के सब-ब्रांड CMF ने भारतीय बाजार में अपने नए किफायती वायरलेस ईयरबड्स CMF Buds Neo लॉन्च कर दिए हैं। कंपनी ने इन्हें बजट सेगमेंट में पेश किया है। नए ईयरबड्स में Active Noise Cancellation, लंबी बैटरी लाइफ, लो-लेटेंसी गेमिंग मोड और डुअल-डिवाइस कनेक्टिविटी जैसे उपयोगी फीचर्स मिलते हैं।
CMF Buds Neo की कीमत और बिक्री
भारत में CMF Buds Neo की विशेष लॉन्च कीमत ₹1,999 रखी गई है। इनकी बिक्री 26 अगस्त 2026 से शुरू होगी। ग्राहक इन्हें Flipkart के अलावा Croma, Reliance Digital और Vijay Sales जैसे प्रमुख रिटेल स्टोर से खरीद सकेंगे। कंपनी ने ईयरबड्स को Black, White और Dark Blue रंगों में पेश किया है।
मिलेगा 35dB Adaptive ANC
CMF Buds Neo में अधिकतम 35dB Adaptive Active Noise Cancellation दिया गया है। यह फीचर आसपास के शोर को कम करके संगीत और कॉल का बेहतर अनुभव देने में सहायता करता है। इसमें नॉइज कैंसलेशन के तीन स्तर उपलब्ध हैं। Adaptive ANC आसपास के वातावरण के अनुसार अपने प्रभाव को अपने आप एडजस्ट कर सकता है।
दमदार साउंड के लिए 12.4mm ड्राइवर
नए ईयरबड्स में 12.4mm Dynamic Driver मिलता है, जिसे बेहतर बेस और स्पष्ट आवाज के लिए तैयार किया गया है। इसमें Static Spatial Audio और छह EQ प्रीसेट भी दिए गए हैं। उपयोगकर्ता Nothing X ऐप के माध्यम से Pop, Rock, Electronic, Classical और Enhance Vocals जैसे साउंड मोड चुन सकते हैं। ऐप में कस्टम EQ प्रोफाइल बनाने और Bass Enhancement को नियंत्रित करने की सुविधा भी मिलती है।
कुल 52 घंटे की बैटरी लाइफ
कंपनी का दावा है कि ANC बंद रहने पर ईयरबड्स चार्जिंग केस के साथ कुल 52 घंटे तक का म्यूजिक प्लेबैक दे सकते हैं। एक बार चार्ज करने पर प्रत्येक ईयरबड लगभग 11 घंटे चल सकता है। ANC चालू रहने पर कुल बैटरी बैकअप लगभग 30 घंटे हो जाता है। केवल 10 मिनट की फास्ट चार्जिंग से करीब 5.5 घंटे तक प्लेबैक मिलने का दावा किया गया है।
कॉलिंग और गेमिंग फीचर्स
बेहतर कॉलिंग के लिए CMF Buds Neo में चार HD माइक्रोफोन और Clear Voice Technology दी गई है। गेम खेलने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए इसमें 120ms Low-Latency Mode उपलब्ध है, जो आवाज और स्क्रीन के बीच होने वाली देरी को कम करता है।
कनेक्टिविटी के आधुनिक विकल्प
ईयरबड्स Bluetooth 6.0, Google Fast Pair और Microsoft Swift Pair को सपोर्ट करते हैं। Dual-Device Connection की मदद से इन्हें एक साथ दो डिवाइस से जोड़ा जा सकता है। टच कंट्रोल को Nothing X ऐप से अपनी जरूरत के अनुसार बदला जा सकता है।
बजट खरीदारों के लिए नया विकल्प
₹2,000 से कम के शुरुआती मूल्य पर CMF Buds Neo कई प्रीमियम फीचर्स प्रदान करता है। ANC, लंबी बैटरी, ऐप कस्टमाइजेशन और गेमिंग मोड के कारण यह बजट TWS खरीदने वाले ग्राहकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बन सकता है। हालांकि, वास्तविक साउंड और बैटरी प्रदर्शन का सही पता नियमित इस्तेमाल के बाद ही चलेगा।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर 3 अक्टूबर 2026 को वाहन चालकों के लिए राहत की खबर है। प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के खुदरा दाम में आज कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है और Brent crude 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर बना हुआ है। प्रमुख शहरों में क्या हैं दाम? 3 अक्टूबर को दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये और डीजल की कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल 107.76 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर है। बेंगलुरु में पेट्रोल 111.68 रुपये, जबकि डीजल 99.56 रुपये प्रति लीटर है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी घरेलू बाजार में ईंधन के दाम स्थिर रहने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। 3 अक्टूबर को Brent crude करीब 102 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। वैश्विक तेल बाजार में चल रही अस्थिरता का असर आने वाले दिनों में भारत के ईंधन बाजार पर भी पड़ सकता है। कंपनियों पर बढ़ रहा दबाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगा कच्चा तेल भारत की तेल कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ाता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ-साथ रुपये और डॉलर की विनिमय दर भी घरेलू ईंधन कीमतों को प्रभावित करती है। फिलहाल सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम में तत्काल बदलाव नहीं किया है। इससे ग्राहकों को पंप पर अचानक बढ़ी कीमतों का सामना नहीं करना पड़ रहा है। शहरों में अलग-अलग क्यों होते हैं दाम? पेट्रोल और डीजल की कीमत हर शहर में एक जैसी नहीं होती। स्थानीय टैक्स, वैट, परिवहन लागत और डीलर कमीशन जैसे अलग-अलग घटक अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि एक ही दिन अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल के दामों में अंतर देखने को मिलता है। फिलहाल 3 अक्टूबर को प्रमुख शहरों में कीमतें स्थिर हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल में जारी तेजी के कारण आगे ईंधन बाजार पर नजर बनी रहेगी।
भारत में सोने की कीमतों पर शनिवार, 26 सितंबर 2026 को बाजार की हलचल का असर देखने को मिला। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹15,268 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने का भाव ₹13,995 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने का भाव ₹11,451 प्रति ग्राम दर्ज किया गया। ये दरें Goodreturns के आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट की गई हैं। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध 24 कैरेट सोने को सबसे अधिक शुद्धता वाला सोना माना जाता है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से निवेश और सिक्कों या बार के रूप में किया जाता है। 26 सितंबर के लिए उपलब्ध दर के हिसाब से 24 कैरेट सोने की कीमत ₹15,268 प्रति ग्राम रही। यानी 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग ₹1,52,680 बैठती है। हालांकि, वास्तविक खरीदारी में टैक्स और अन्य शुल्क अलग से जुड़ सकते हैं। 22 कैरेट सोने का भाव आभूषणों के लिए 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल अधिक किया जाता है। इसमें अन्य धातुओं को मिलाया जाता है, जिससे सोना अधिक मजबूत बनता है और उससे आभूषण तैयार करना आसान होता है। 26 सितंबर को 22 कैरेट सोने का भाव करीब ₹13,995 प्रति ग्राम बताया गया। इस हिसाब से 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1,39,950 होती है। 18 कैरेट सोने की कीमत 18 कैरेट सोने में शुद्ध सोने की मात्रा 22 कैरेट की तुलना में कम होती है। इसका इस्तेमाल भी कई तरह के आभूषणों में किया जाता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 18 कैरेट सोने का भाव ₹11,451 प्रति ग्राम रहा। 10 ग्राम के हिसाब से इसकी कीमत लगभग ₹1,14,510 बनती है। सोने की कीमतों में क्यों आता है बदलाव? सोने के दाम रोजाना एक जैसे नहीं रहते। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत, डॉलर की स्थिति, घरेलू मांग, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और बाजार में निवेशकों की गतिविधियां कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा अलग-अलग शहरों में स्थानीय कर, कारोबारी मार्जिन और अन्य शुल्क के कारण खुदरा कीमतों में अंतर हो सकता है। सोना खरीदते समय केवल प्रति ग्राम कीमत देखना पर्याप्त नहीं है। ग्राहक को सोने की शुद्धता, वजन, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स की जानकारी भी लेनी चाहिए। आभूषण खरीदने पर अंतिम बिल में सोने की कीमत के अलावा मेकिंग चार्ज और अन्य लागू शुल्क शामिल हो सकते हैं। सोने की दरें दिन के दौरान और अलग-अलग शहरों में बदल सकती हैं। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से उस समय की अंतिम कीमत और सभी शुल्क की पुष्टि करना जरूरी है।
भारत में इस साल चावल उत्पादन में बड़ी गिरावट आने का अनुमान लगाया जा रहा है। कम बारिश और फसल पकने के महत्वपूर्ण समय में नमी की कमी के कारण उत्पादन पिछले साल के रिकॉर्ड स्तर से करीब 6.5 प्रतिशत कम रह सकता है। उद्योग से जुड़े अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक उत्पादन में लगभग 1 करोड़ मीट्रिक टन की कमी हो सकती है। पिछले साल भारत में चावल का उत्पादन करीब 15.4 करोड़ मीट्रिक टन रहा था। करीब दो दशक में सबसे बड़ी गिरावट की आशंका उद्योग अधिकारियों के अनुसार, यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो यह करीब दो दशकों में चावल उत्पादन में सबसे बड़ी सालाना गिरावट हो सकती है। इससे पहले 2009-10 में अल नीनो से जुड़ी सूखे की स्थिति के दौरान उत्पादन में बड़ी कमी दर्ज की गई थी। इस बार भी कमजोर बारिश का असर विशेष रूप से उन क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है जहां धान की खेती बड़े पैमाने पर होती है। कई इलाकों में बारिश की कमी रिपोर्ट के मुताबिक 1 जून से शुरू हुए मानसून सीजन के दौरान भारत में सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। कुछ प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में बारिश की कमी इससे भी अधिक बताई गई है। दक्षिण और पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में बारिश की कमी करीब 42 प्रतिशत तक पहुंच गई है। बारिश की कमी का सीधा असर फसल की उपज पर पड़ने की आशंका है। धान की बुवाई का क्षेत्र भी घटा इस साल गर्मियों में बोए जाने वाले चावल का क्षेत्रफल भी पिछले साल की तुलना में कम रहा है। 11 सितंबर तक गर्मी में बोए गए चावल का क्षेत्र करीब 4.268 करोड़ हेक्टेयर था, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले लगभग 4 प्रतिशत कम है। गर्मी में बोया जाने वाला धान देश के कुल चावल उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। सरकारी भंडार से बड़ी राहत उत्पादन घटने की आशंका के बावजूद देश में चावल का सरकारी भंडार मजबूत स्थिति में है। 1 सितंबर तक सरकारी भंडार में चावल और बिना कुटे धान को मिलाकर करीब 5.96 करोड़ मीट्रिक टन स्टॉक मौजूद था। यह 1 अक्टूबर के लिए निर्धारित करीब 1.03 करोड़ मीट्रिक टन के सरकारी लक्ष्य से काफी अधिक है। इससे घरेलू उपलब्धता बनाए रखने और निर्यात को जारी रखने में मदद मिल सकती है। कीमतों पर पड़ सकता है असर उत्पादन में कमी की आशंका के बीच घरेलू बाजार में चावल की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। निर्यात कीमतों पर भी इसका असर पड़ सकता है। हालांकि पर्याप्त सरकारी भंडार होने के कारण भारत के चावल निर्यात पर तत्काल बड़ा दबाव आने की संभावना कम बताई जा रही है। किसानों को प्रीमियम किस्मों के लिए खुले बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना भी जताई गई है। अंतिम आंकड़ों का इंतजार फिलहाल 6.5 प्रतिशत की गिरावट एक अनुमान है। वास्तविक उत्पादन फसल की अंतिम स्थिति, बारिश और कटाई के बाद सामने आने वाले आंकड़ों पर निर्भर करेगा। आने वाले समय में मौसम और जल उपलब्धता चावल उत्पादन की अंतिम तस्वीर को प्रभावित कर सकती है।