भारत में डिजिटल पेमेंट के सबसे लोकप्रिय माध्यम Unified Payments Interface (UPI) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। National Payments Corporation of India (NPCI) ने चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने की घोषणा की है। नया नियम 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा।
₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर नया शुल्क
नए नियम के तहत चुनिंदा मर्चेंट लेनदेन में ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत तक MDR लगाया जाएगा। यह शुल्क मुख्य रूप से मर्चेंट पेमेंट से जुड़े भुगतान पर लागू होगा। ₹2,000 तक के UPI भुगतान पर यह नया MDR लागू नहीं होगा।
आम लोगों के लिए क्या बदलेगा?
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले सामान्य UPI ट्रांसफर पर यह MDR लागू नहीं होगा। इसके अलावा, नए शुल्क की व्यवस्था का उद्देश्य सीधे उपभोक्ता से अतिरिक्त पैसा वसूलना नहीं बताया गया है। रिपोर्टों के अनुसार बैंकों और पेमेंट कंपनियों को उपभोक्ताओं पर यह शुल्क डालने की अनुमति नहीं होगी।
बड़े भुगतान पर शुल्क की सीमा
नए ढांचे में बहुत बड़े पात्र मर्चेंट लेनदेन के लिए MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन रखी गई है। वहीं कुछ आवश्यक सेवाओं और विशेष श्रेणियों के लिए अलग शुल्क व्यवस्था लागू होगी। छोटे कारोबारियों को भी कुछ परिस्थितियों में राहत दी गई है।
UPI के लिए क्यों महत्वपूर्ण है बदलाव?
UPI भारत में डिजिटल भुगतान का एक प्रमुख माध्यम बन चुका है। NPCI के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 में UPI पर करीब 24,508.96 मिलियन यानी 24.5 अरब से अधिक लेनदेन हुए, जिनकी कुल राशि करीब ₹29.82 लाख करोड़ रही।
नए MDR ढांचे से पेमेंट सिस्टम में शामिल बैंकों, ऐप प्रोवाइडर्स और अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए राजस्व का नया स्रोत बनने की उम्मीद है। रिपोर्टों के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य UPI के बुनियादी ढांचे, साइबर सुरक्षा और सेवाओं में निवेश को समर्थन देना भी है।
15 अक्टूबर से लागू होगा नियम
फिलहाल यह व्यवस्था लागू नहीं हुई है। NPCI द्वारा घोषित नया MDR ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। इसलिए 16 सितंबर 2026 को UPI इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए यह बदलाव तत्काल लागू नहीं माना जाएगा। नए नियम का मुख्य प्रभाव चुनिंदा ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट लेनदेन पर पड़ेगा, जबकि सामान्य P2P UPI ट्रांसफर मुफ्त रहेगा।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
भारत में डिजिटल पेमेंट के सबसे लोकप्रिय माध्यम Unified Payments Interface (UPI) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। National Payments Corporation of India (NPCI) ने चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने की घोषणा की है। नया नियम 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर नया शुल्क नए नियम के तहत चुनिंदा मर्चेंट लेनदेन में ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत तक MDR लगाया जाएगा। यह शुल्क मुख्य रूप से मर्चेंट पेमेंट से जुड़े भुगतान पर लागू होगा। ₹2,000 तक के UPI भुगतान पर यह नया MDR लागू नहीं होगा। आम लोगों के लिए क्या बदलेगा? सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले सामान्य UPI ट्रांसफर पर यह MDR लागू नहीं होगा। इसके अलावा, नए शुल्क की व्यवस्था का उद्देश्य सीधे उपभोक्ता से अतिरिक्त पैसा वसूलना नहीं बताया गया है। रिपोर्टों के अनुसार बैंकों और पेमेंट कंपनियों को उपभोक्ताओं पर यह शुल्क डालने की अनुमति नहीं होगी। बड़े भुगतान पर शुल्क की सीमा नए ढांचे में बहुत बड़े पात्र मर्चेंट लेनदेन के लिए MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन रखी गई है। वहीं कुछ आवश्यक सेवाओं और विशेष श्रेणियों के लिए अलग शुल्क व्यवस्था लागू होगी। छोटे कारोबारियों को भी कुछ परिस्थितियों में राहत दी गई है। UPI के लिए क्यों महत्वपूर्ण है बदलाव? UPI भारत में डिजिटल भुगतान का एक प्रमुख माध्यम बन चुका है। NPCI के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 में UPI पर करीब 24,508.96 मिलियन यानी 24.5 अरब से अधिक लेनदेन हुए, जिनकी कुल राशि करीब ₹29.82 लाख करोड़ रही। नए MDR ढांचे से पेमेंट सिस्टम में शामिल बैंकों, ऐप प्रोवाइडर्स और अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए राजस्व का नया स्रोत बनने की उम्मीद है। रिपोर्टों के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य UPI के बुनियादी ढांचे, साइबर सुरक्षा और सेवाओं में निवेश को समर्थन देना भी है। 15 अक्टूबर से लागू होगा नियम फिलहाल यह व्यवस्था लागू नहीं हुई है। NPCI द्वारा घोषित नया MDR ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। इसलिए 16 सितंबर 2026 को UPI इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए यह बदलाव तत्काल लागू नहीं माना जाएगा। नए नियम का मुख्य प्रभाव चुनिंदा ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट लेनदेन पर पड़ेगा, जबकि सामान्य P2P UPI ट्रांसफर मुफ्त रहेगा।
नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026: सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए शुक्रवार का दिन राहत भरा रहा। घरेलू सर्राफा बाजार में 4 सितंबर को दोनों कीमती धातुओं के दाम में गिरावट दर्ज की गई। पिछले दिनों कीमतों में तेजी और उतार-चढ़ाव के बाद शुक्रवार को सोने और चांदी के भाव नीचे आए। सोने के दाम में कमी शुक्रवार को सोने की कीमत में नरमी देखने को मिली। 24 कैरेट सोना निवेश के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जबकि 22 कैरेट सोने की मांग मुख्य रूप से आभूषणों के लिए रहती है। बाजार में दोनों तरह के सोने के भाव में बदलाव देखने को मिला। सोने की कीमत कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू परिस्थितियों पर निर्भर करती है। वैश्विक बाजार में सोने की चाल, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों में बदलाव और निवेशकों की खरीदारी का असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है। यही वजह है कि सोने के भाव में रोजाना बदलाव देखने को मिलता है। चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई। चांदी को निवेश के अलावा औद्योगिक इस्तेमाल के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और अन्य उद्योगों में इसका इस्तेमाल होने के कारण इसकी कीमत पर औद्योगिक मांग का भी असर पड़ता है। चांदी के भाव में अक्सर सोने की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। ऐसे में शुक्रवार की गिरावट के बाद बाजार पर नजर रखने वाले निवेशकों का ध्यान अब आने वाले दिनों की कीमतों पर रहेगा। ग्राहकों के लिए राहत की खबर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट उन ग्राहकों के लिए राहत की खबर है, जो लंबे समय से खरीदारी का इंतजार कर रहे हैं। शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन में सोने के आभूषणों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में कीमत में थोड़ी कमी भी ग्राहकों के बजट पर सकारात्मक असर डाल सकती है। हालांकि, खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार का ताजा भाव जरूर जांचना चाहिए। सोने की कीमत के अलावा आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज और जीएसटी भी कुल कीमत को प्रभावित करते हैं। आगे कैसी रह सकती है कीमत? सोना और चांदी दोनों की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना रहती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा, डॉलर की चाल, आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों की मांग कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में 4 सितंबर की गिरावट को देखते हुए खरीदारी करने वाले ग्राहक बाजार के अगले रुझान पर भी नजर रख सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, निवेश या बड़ी खरीदारी का फैसला लेने से पहले कीमतों की तुलना करना और बाजार की स्थिति समझना जरूरी है।
25 अगस्त 2026, मंगलवार को देश के कुछ हिस्सों में बैंक अवकाश है। बैंक की छुट्टियां पूरे देश में एक जैसी नहीं होतीं, बल्कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार अलग-अलग राज्यों और शहरों में अलग-अलग रहती हैं। इसलिए बैंक जाने से पहले अपने क्षेत्र की छुट्टी की जानकारी जांच लेना जरूरी है। First Onam के कारण बैंक अवकाश केरल में 25 अगस्त को First Onam के अवसर पर बैंक अवकाश रखा गया है। ओणम केरल का प्रमुख पारंपरिक त्योहार है और इसे राज्यभर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। First Onam ओणम उत्सव की शुरुआत से जुड़ा महत्वपूर्ण दिन है। इस अवसर पर कई सरकारी और निजी संस्थानों में भी छुट्टी का प्रभाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, बैंक अवकाश का असर पूरे देश के बैंकिंग नेटवर्क पर नहीं होता। जिन राज्यों या शहरों के लिए RBI के कैलेंडर में छुट्टी निर्धारित है, वहीं बैंक शाखाएं बंद रहती हैं। ईद-ए-मिलाद के कारण भी छुट्टी 25 अगस्त को कुछ क्षेत्रों में Milad-i-Sherif यानी ईद-ए-मिलाद के कारण भी बैंक बंद रहने का प्रावधान है। ईद-ए-मिलाद पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिवस के अवसर पर मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण पर्व है। अलग-अलग राज्यों में इस त्योहार की छुट्टी की तारीख और स्थानीय व्यवस्था अलग हो सकती है। इसी वजह से 25 अगस्त को बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता शहर और राज्य के अनुसार बदल सकती है। ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी जारी बैंक शाखाएं बंद होने के बावजूद ग्राहकों को सामान्य डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने में आमतौर पर परेशानी नहीं होती। मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, UPI और एटीएम जैसी सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रह सकती हैं। हालांकि, किसी विशेष बैंक की तकनीकी समस्या या रखरखाव के कारण सेवा प्रभावित हो सकती है। अगर आपको बैंक शाखा में चेक जमा करने, नकद निकासी, दस्तावेज जमा करने या किसी अधिकारी से मिलने जैसे जरूरी काम हैं, तो छुट्टी से पहले या अगले कार्यदिवस पर काम पूरा करना बेहतर रहेगा। बैंक जाने से पहले जरूर करें जांच बैंक की छुट्टियां राज्यवार और कभी-कभी शहरवार भी अलग होती हैं। इसलिए केवल राष्ट्रीय स्तर की छुट्टी देखकर बैंक जाने का निर्णय नहीं लेना चाहिए। अपने बैंक की स्थानीय शाखा, आधिकारिक वेबसाइट या RBI के हॉलिडे कैलेंडर से जानकारी की पुष्टि करना बेहतर है। 25 अगस्त 2026 को First Onam और कुछ क्षेत्रों में ईद-ए-मिलाद के कारण बैंक अवकाश है। हालांकि, छुट्टी सभी राज्यों में लागू नहीं है। बैंक जाने से पहले अपने शहर की शाखा की स्थिति जरूर जांच लें।