दिल्ली में संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग संसद की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता बंद कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।
रिपोर्टों के अनुसार, हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने 70 लोगों को हिरासत में लिया। झड़प और धक्का-मुक्की के दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी खबर सामने आई है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
प्रदर्शन के कारण बढ़ा तनाव
प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर संसद की ओर मार्च करना चाहते थे। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ आगे बढ़ने के कारण पुलिस ने उन्हें निर्धारित क्षेत्र से आगे जाने की अनुमति नहीं दी। जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, तब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
कुछ समय के लिए माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया। इसके बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
70 लोगों को हिरासत में लिया गया
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान 70 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संसद क्षेत्र की सुरक्षा को देखते हुए यह कार्रवाई की गई।
संसद और उसके आसपास का इलाका सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। इसी कारण बिना अनुमति बड़ी संख्या में लोगों को संसद की ओर बढ़ने से रोक दिया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील भी की।
पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी हुए घायल
प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में कई पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की सूचना है। हालांकि घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग दावे सामने आए हैं।
घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल और नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भेजा गया। घटना के बाद पुलिस ने प्रदर्शन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था की गई मजबूत
संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस पहले से ही सतर्क थी। प्रमुख सड़कों, सरकारी इमारतों और संसद की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। कई जगह बैरिकेडिंग और पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई।
प्रदर्शन के कारण कुछ मार्गों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने और भीड़ वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी।
घटना के बाद जांच और निगरानी जारी
प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और कथित हिंसा से जुड़े वीडियो और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तनाव किस वजह से बढ़ा और किन लोगों की भूमिका रही।
दिल्ली में संसद मार्च की इस घटना ने एक बार फिर विरोध प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था और शांतिपूर्ण आंदोलन के अधिकार को लेकर बहस तेज कर दी है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि लोग अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रख सकें और साथ ही राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था भी बनी रहे।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
LUCKNOW, 21 JULY 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लखनऊ में हुई महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में प्रदेश के विकास, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, योगी कैबिनेट ने कुल 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें करीब 330 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे से जुड़ा फैसला प्रमुख बताया जा रहा है। 330 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को मंजूरी कैबिनेट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण फैसला प्रयागराज से सोनभद्र क्षेत्र की ओर बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने वाले प्रस्तावित एक्सप्रेसवे से जुड़ा रहा। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 330 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी गई है। सरकार की इस परियोजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करना और इसे राज्य के अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ना है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी UPEIDA की आधिकारिक प्रस्तावित परियोजनाओं की सूची में भी विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे स्पर शामिल हैं। इससे स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार पिछले कुछ समय से इन परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ाने की योजना बना रही थी। पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र को मिलेगा फायदा नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र और आसपास के क्षेत्रों की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। बेहतर सड़कों के कारण लोगों का यात्रा समय कम हो सकता है और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। सोनभद्र उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे में बेहतर सड़क नेटवर्क बनने से माल परिवहन और उद्योगों के लिए कनेक्टिविटी आसान हो सकती है। इसके साथ ही धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी बेहतर होने की संभावना है। विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का फोकस योगी सरकार लगातार उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार पर जोर दे रही है। राज्य में पहले से मौजूद और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के जरिए विभिन्न जिलों और औद्योगिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क कनेक्टिविटी को लेकर कहा था कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों को फोरलेन सड़कों से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा। साथ ही अधिक आबादी वाले शहरों में बाइपास विकसित करने की योजना पर भी जोर दिया गया था। ऐसे में नई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की मंजूरी को राज्य सरकार की इसी व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। रोजगार और निवेश के नए अवसरों की उम्मीद एक्सप्रेसवे केवल यात्रा को आसान बनाने तक सीमित नहीं होते, बल्कि इनके आसपास औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के बढ़ने की भी संभावना रहती है। नए एक्सप्रेसवे के बनने से लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, होटल, परिवहन और अन्य क्षेत्रों में निवेश बढ़ सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण कंपनियों के लिए नए क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करना आसान हो सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद भी की जा रही है। 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी मंगलवार को हुई योगी कैबिनेट की बैठक में कुल 16 महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। इनमें एक्सप्रेसवे परियोजना सबसे प्रमुख फैसलों में से एक है। कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है कि उत्तर प्रदेश सरकार आने वाले समय में सड़क नेटवर्क और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। 330 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजना के आगे बढ़ने से विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र को विकास की नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। अब इस परियोजना के विस्तृत निर्माण कार्यक्रम, लागत, भूमि अधिग्रहण और पूरा होने की समयसीमा से जुड़ी आधिकारिक जानकारियों पर लोगों की नजर रहेगी। परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद यह उत्तर प्रदेश के सड़क नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांदा जिले के दौरे के दौरान विकास की नई सौगात देते हुए लगभग 701 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बुंदेलखंड को विकास, रोजगार और आधुनिक सुविधाओं से संपन्न क्षेत्र बनाना है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार लगातार ऐसे कार्य कर रही है जिससे आने वाले वर्षों में बुंदेलखंड प्रदेश के सबसे विकसित क्षेत्रों में शामिल होगा। विकास परियोजनाओं से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर मुख्यमंत्री ने जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, उनमें सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, सिंचाई, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें समय पर पूरा कर जनता तक उसका लाभ पहुंचाना है। बुंदेलखंड के विकास को सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब बुंदेलखंड सूखा, पलायन और पानी की कमी जैसी समस्याओं के कारण चर्चा में रहता था। लेकिन अब सरकार जल संरक्षण, सिंचाई परियोजनाओं और आधारभूत ढांचे के विकास पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, सिंचाई परियोजनाओं और औद्योगिक विकास जैसी योजनाओं से पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है। आने वाले समय में यहां निवेश बढ़ेगा और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। कानून व्यवस्था पर भी दिया सख्त संदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध और माफिया के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिलाओं, बेटियों, व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जो लोग कानून हाथ में लेने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों के साथ-साथ कानून व्यवस्था को भी पूरी मजबूती से बनाए रखा जाए। जनता से विकास में भागीदारी की अपील कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने और विकास कार्यों में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता मिलकर ही बुंदेलखंड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बांदा सहित पूरा बुंदेलखंड शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और कृषि के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार का संकल्प है कि बुंदेलखंड को विकास का मॉडल बनाया जाए और इसे ऐसा क्षेत्र बनाया जाए जहां लोगों को बेहतर जीवन, रोजगार और आधुनिक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हों।
बिहार के साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने वर्ष 2018 के चर्चित हर्ष फायरिंग मामले में 4 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें गैर-इरादतन हत्या (IPC की धारा 304 भाग-II) और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया। इसके साथ ही कोर्ट ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया। यह फैसला शनिवार, 4 जुलाई 2026 को सुनाया गया। क्या है पूरा मामला? यह घटना 31 दिसंबर 2018 और 1 जनवरी 2019 की रात दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में आयोजित न्यू ईयर पार्टी की है। आरोप के अनुसार, पार्टी के दौरान राजू कुमार सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से हर्ष फायरिंग की। फायरिंग के दौरान चली एक गोली पार्टी में मौजूद डॉ. अर्चना गुप्ता को लग गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। कब दोषी ठहराया गया? करीब आठ साल तक चली सुनवाई के बाद 6 जून 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने राजू कुमार सिंह को दोषी करार दिया। अदालत ने माना कि भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम में हथियार से फायरिंग करना बेहद खतरनाक था और आरोपी को यह जानकारी होनी चाहिए थी कि इस तरह की हरकत किसी की जान ले सकती है। दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 3 जुलाई को पूरी हुई बहस, 4 जुलाई को सुनाई गई सजा 3 जुलाई 2026 को सजा तय करने को लेकर अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हुईं। बचाव पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने और प्रोबेशन पर रिहा करने की मांग की। वहीं अभियोजन पक्ष ने कहा कि हर्ष फायरिंग जैसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है ताकि समाज में गलत संदेश न जाए। बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके अगले दिन 4 जुलाई 2026 को कोर्ट ने राजू कुमार सिंह को 4 साल की साधारण कारावास (Simple Imprisonment) की सजा सुनाई। साथ ही आर्म्स एक्ट के तहत 2 महीने की अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई, जो साथ-साथ चलेगी। अदालत ने क्या कहा? विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि हर्ष फायरिंग समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि भीड़ के बीच हथियार से फायरिंग करना एक खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना कृत्य है। कोर्ट ने माना कि आरोपी के इस कृत्य से एक निर्दोष महिला की जान गई, इसलिए सख्त सजा आवश्यक है। राजनीतिक असर भी संभव चार साल की सजा मिलने के बाद राजू कुमार सिंह की विधानसभा सदस्यता पर भी कानूनी प्रभाव पड़ सकता है। जनप्रतिनिधित्व कानून के अनुसार, दो वर्ष या उससे अधिक की सजा पाने वाले जनप्रतिनिधियों की सदस्यता समाप्त होने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, हालांकि अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा। घटनाक्रम एक नजर में 31 दिसंबर 2018 / 1 जनवरी 2019: न्यू ईयर पार्टी में हर्ष फायरिंग, डॉ. अर्चना गुप्ता की मौत। 6 जून 2026: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने राजू कुमार सिंह को दोषी करार दिया और न्यायिक हिरासत में भेजा। 3 जुलाई 2026: सजा पर दोनों पक्षों की बहस पूरी, फैसला सुरक्षित रखा गया। 4 जुलाई 2026: कोर्ट ने 4 साल की जेल और 25 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश सुनाया। यह फैसला एक बार फिर यह संदेश देता है कि जश्न के नाम पर हथियारों का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों पर कानून का पालन करने की जिम्मेदारी और अधिक होती है।