नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद उत्तर प्रदेश के कई परिवारों की चिंता बढ़ गई थी। नेपाल में काम करने या अन्य कारणों से गए कुछ लोगों से संपर्क टूटने के बाद उनके परिजनों ने उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त की आपातकालीन हेल्पलाइन पर जानकारी दी थी। अब इन परिवारों के लिए राहत की खबर सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, संपर्क टूटने की सूचना वाले 22 लोगों में से 10 लोगों के सुरक्षित घर लौटने की पुष्टि उनके परिवारों ने कर दी है।
26 अगस्त की बाढ़ के बाद बढ़ी चिंता
नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई। ऐसे में नेपाल में मौजूद कई लोगों के परिवारों को अपने रिश्तेदारों से संपर्क करने में परेशानी हुई। फोन और इंटरनेट सेवाओं में बाधा के कारण परिवारों की चिंता और बढ़ गई थी।
हेल्पलाइन पर मिली 22 लोगों की जानकारी
उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त की आपातकालीन हेल्पलाइन पर ऐसे 22 लोगों के संबंध में कॉल आईं, जिनके परिवारों का उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। इसके बाद अधिकारियों ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्थिति पर नजर रखी। बाद में 10 लोगों के परिवारों ने प्रशासन को बताया कि उनके रिश्तेदार सुरक्षित घर वापस पहुंच चुके हैं।
कई लोगों को हेलीकॉप्टर से निकाला गया
नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे कुछ लोगों को नेपाल सरकार और वहां मौजूद अधिकारियों की मदद से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। कुछ लोगों ने अपने स्तर पर भी नेपाल से बाहर निकलने की कोशिश की। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कुछ लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जिसके बाद उन्होंने सड़क मार्ग से गोरखपुर और दूसरे इलाकों की यात्रा की।
परिवारों ने ली राहत की सांस
नेपाल में फंसे लोगों के घर लौटने के बाद उनके परिवारों ने राहत की सांस ली। महाराजगंज के एक व्यक्ति ने बताया कि बाढ़ के बाद उन्होंने परिवार से संपर्क करने की कोशिश की और आखिरकार सुरक्षित भारत लौटने में कामयाब रहे। इसी तरह अलीगढ़ और बरेली समेत यूपी के अन्य जिलों से नेपाल जाने वाले कुछ लोगों ने भी मुश्किल हालात के बीच वापस लौटने की जानकारी दी।
संपर्क व्यवस्था बाधित होने से बढ़ी परेशानी
बाढ़ के दौरान नेपाल के कई हिस्सों में फोन कॉल और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने की वजह से लोगों को अपने परिवारों तक अपनी स्थिति बताने में परेशानी हुई। कई लोग सुरक्षित होने के बावजूद अपने घरवालों से तुरंत संपर्क नहीं कर पा रहे थे। यही वजह थी कि परिवारों ने प्रशासन की हेल्पलाइन पर संपर्क किया।
राहत और वापसी का सिलसिला जारी
नेपाल में बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। उत्तर प्रदेश प्रशासन भी नेपाल से जुड़े मामलों पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के अनुसार, जिन लोगों के परिवारों ने संपर्क टूटने की जानकारी दी थी, उनकी स्थिति को लेकर उपलब्ध सूचनाओं को लगातार अपडेट किया जा रहा है।
फिलहाल 22 लोगों में से 10 के सुरक्षित घर लौटने की पुष्टि राहत की बड़ी खबर है। हालांकि नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों और संपर्क से बाहर चल रहे अन्य लोगों को लेकर प्रशासन की निगरानी जारी है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद उत्तर प्रदेश के कई परिवारों की चिंता बढ़ गई थी। नेपाल में काम करने या अन्य कारणों से गए कुछ लोगों से संपर्क टूटने के बाद उनके परिजनों ने उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त की आपातकालीन हेल्पलाइन पर जानकारी दी थी। अब इन परिवारों के लिए राहत की खबर सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, संपर्क टूटने की सूचना वाले 22 लोगों में से 10 लोगों के सुरक्षित घर लौटने की पुष्टि उनके परिवारों ने कर दी है। 26 अगस्त की बाढ़ के बाद बढ़ी चिंता नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई। ऐसे में नेपाल में मौजूद कई लोगों के परिवारों को अपने रिश्तेदारों से संपर्क करने में परेशानी हुई। फोन और इंटरनेट सेवाओं में बाधा के कारण परिवारों की चिंता और बढ़ गई थी। हेल्पलाइन पर मिली 22 लोगों की जानकारी उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त की आपातकालीन हेल्पलाइन पर ऐसे 22 लोगों के संबंध में कॉल आईं, जिनके परिवारों का उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। इसके बाद अधिकारियों ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्थिति पर नजर रखी। बाद में 10 लोगों के परिवारों ने प्रशासन को बताया कि उनके रिश्तेदार सुरक्षित घर वापस पहुंच चुके हैं। कई लोगों को हेलीकॉप्टर से निकाला गया नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे कुछ लोगों को नेपाल सरकार और वहां मौजूद अधिकारियों की मदद से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। कुछ लोगों ने अपने स्तर पर भी नेपाल से बाहर निकलने की कोशिश की। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कुछ लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जिसके बाद उन्होंने सड़क मार्ग से गोरखपुर और दूसरे इलाकों की यात्रा की। परिवारों ने ली राहत की सांस नेपाल में फंसे लोगों के घर लौटने के बाद उनके परिवारों ने राहत की सांस ली। महाराजगंज के एक व्यक्ति ने बताया कि बाढ़ के बाद उन्होंने परिवार से संपर्क करने की कोशिश की और आखिरकार सुरक्षित भारत लौटने में कामयाब रहे। इसी तरह अलीगढ़ और बरेली समेत यूपी के अन्य जिलों से नेपाल जाने वाले कुछ लोगों ने भी मुश्किल हालात के बीच वापस लौटने की जानकारी दी। संपर्क व्यवस्था बाधित होने से बढ़ी परेशानी बाढ़ के दौरान नेपाल के कई हिस्सों में फोन कॉल और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने की वजह से लोगों को अपने परिवारों तक अपनी स्थिति बताने में परेशानी हुई। कई लोग सुरक्षित होने के बावजूद अपने घरवालों से तुरंत संपर्क नहीं कर पा रहे थे। यही वजह थी कि परिवारों ने प्रशासन की हेल्पलाइन पर संपर्क किया। राहत और वापसी का सिलसिला जारी नेपाल में बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। उत्तर प्रदेश प्रशासन भी नेपाल से जुड़े मामलों पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के अनुसार, जिन लोगों के परिवारों ने संपर्क टूटने की जानकारी दी थी, उनकी स्थिति को लेकर उपलब्ध सूचनाओं को लगातार अपडेट किया जा रहा है। फिलहाल 22 लोगों में से 10 के सुरक्षित घर लौटने की पुष्टि राहत की बड़ी खबर है। हालांकि नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों और संपर्क से बाहर चल रहे अन्य लोगों को लेकर प्रशासन की निगरानी जारी है।
नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड का असर अब उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी दिखाई दे रहा है। नेपाल में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के बाद गंडक नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिसके चलते नदी में बहकर आए शव उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और महराजगंज जिलों में मिले हैं। प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार नदी के किनारे निगरानी कर रही हैं और बरामद शवों की पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। ताजा जानकारी के अनुसार, कुशीनगर और महराजगंज में गंडक नदी से अब तक कुल 17 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें कुशीनगर जिले में 13 और महराजगंज में 4 शव मिलने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार कई शवों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पहचान की प्रक्रिया के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। नेपाल में तबाही के बाद बढ़ी चिंता नेपाल में आई अचानक बाढ़ ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। बाढ़ के पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा और अन्य सामान नदियों में बहकर आया। गंडक नदी नेपाल से निकलकर बिहार और उत्तर प्रदेश के रास्ते आगे बढ़ती है। ऐसे में नेपाल में आई बाढ़ का असर नदी के निचले इलाकों में भी महसूस किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बढ़ा दी है। नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या शव की जानकारी तुरंत पुलिस अथवा स्थानीय प्रशासन को दें। शवों की पहचान के लिए जांच जारी बरामद शवों की पहचान करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। कई शवों की स्थिति ऐसी है कि तत्काल पहचान करना मुश्किल है। पुलिस और प्रशासन द्वारा पोस्टमार्टम के साथ अन्य आवश्यक जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर डीएनए जांच के माध्यम से भी पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि नेपाल में बड़ी संख्या में लोग बाढ़ के बाद लापता बताए जा रहे हैं। इसलिए यह भी जांच की जा रही है कि नदी में मिले शवों का संबंध नेपाल में लापता लोगों से तो नहीं है। दोनों देशों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान से पहचान की प्रक्रिया में मदद मिलने की उम्मीद है। नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह गंडक नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन ने सावधानी बरतने को कहा है। बाढ़ के बाद नदी में जलस्तर और बहाव में अचानक बदलाव हो सकता है। ऐसे में ग्रामीणों को नदी के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचने और बच्चों को नदी से दूर रखने की सलाह दी गई है। फिलहाल कुशीनगर और महराजगंज में प्रशासन की टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं। नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा का असर सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचने के बाद राहत और निगरानी अभियान तेज कर दिया गया है। आने वाले दिनों में नदी के जलस्तर और नेपाल से आने वाले पानी पर प्रशासन की विशेष नजर रहेगी।
रक्षाबंधन से पहले नोएडा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने खराब और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी अभियान के तहत अधिकारियों ने करीब 300 किलोग्राम ऐसा पनीर जब्त किया, जिसे खाने के लिए अनुपयुक्त पाया गया। कार्रवाई के बाद पूरे पनीर को नष्ट करा दिया गया। यह कार्रवाई 24 अगस्त 2026 को सामने आई। गढ़ी चौखंडी में पकड़ा गया पनीर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नोएडा के गढ़ी चौखंडी इलाके में जांच अभियान चलाया। टीम को पनीर की एक बड़ी खेप के बारे में जानकारी मिली थी। जांच के दौरान पनीर की गुणवत्ता पर सवाल उठे। अधिकारियों ने पनीर को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की और बाद में उसे नष्ट करा दिया। हरियाणा के मेवात से आई थी खेप अधिकारियों के अनुसार, यह पनीर हरियाणा के मेवात क्षेत्र से नोएडा लाया गया था। त्योहार के समय दूध और दूध से बने उत्पादों की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी वजह से बाहर से आने वाले पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों की जांच पर खाद्य विभाग विशेष ध्यान दे रहा है। खाने योग्य नहीं था पनीर जांच के दौरान जब्त पनीर को अधिकारियों ने मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त बताया। ऐसे खाद्य पदार्थों को बाजार में बेचने से उपभोक्ताओं की सेहत पर खतरा पैदा हो सकता है। इसी कारण विभाग ने कार्रवाई करते हुए पनीर को नष्ट करा दिया, ताकि यह दोबारा बाजार में न पहुंच सके। 8 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए अभियान के दौरान केवल पनीर की ही जांच नहीं हुई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग क्षेत्रों से दूध, पनीर, दही और मिठाइयों के 8 नमूने भी लिए। इन सभी सैंपलों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है। रक्षाबंधन पर बढ़ती है मिठाई और पनीर की मांग रक्षाबंधन के मौके पर मिठाइयों, दूध, पनीर और दही की बिक्री बढ़ जाती है। मांग बढ़ने के साथ ही मिलावट या घटिया गुणवत्ता वाले उत्पाद बाजार में आने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए खाद्य विभाग ने त्योहार से पहले निरीक्षण और सैंपलिंग की प्रक्रिया तेज कर दी है। लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि त्योहार के दौरान खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतें। खुले में रखे या संदिग्ध गुणवत्ता वाले पनीर और मिठाइयों से बचना चाहिए। पैक्ड उत्पाद खरीदते समय पैकेट की स्थिति, तारीख और अन्य जरूरी जानकारी भी देखना जरूरी है। आगे भी जारी रह सकता है अभियान नोएडा में हुई यह कार्रवाई त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सतर्कता को दिखाती है। 24 अगस्त 2026 को सामने आई इस कार्रवाई के बाद खाद्य विभाग की नजर अब अन्य बाजारों और खाद्य कारोबारियों पर भी है। आने वाले दिनों में दूध, पनीर, मिठाई और दूसरे खाद्य उत्पादों के नमूनों की जांच का अभियान जारी रहने की संभावना है।