Lucknow Desk: राजधानी लखनऊ के चौपटिया क्षेत्र में आज श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां नवनिर्मित इच्छापूर्ति श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर में मूर्ति स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
भव्य कलश यात्रा से हुआ शुभारंभ
चौपटिया स्थित फाटक जियालाल (गेट के अंदर पुराने पीपल के पास) में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई। मंदिर परिसर से निकली यह यात्रा आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण करती हुई पुनः मंदिर पहुंची।
भक्ति गीतों, जयकारों और ढोल-नगाड़ों के साथ श्रद्धालुओं ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ प्राण-प्रतिष्ठा
इसके उपरांत वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ इच्छापूर्ति श्री पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई।
साथ ही मां भगवती दुर्गा जी और भव्य शिवलिंग के साथ शिव परिवार की स्थापना भी पूर्ण विधि-विधान से की गई। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह श्रद्धा और आस्था में सराबोर रहा।
पार्षद मनीष रस्तोगी का बयान
आचार्य नरेंद्र देव वार्ड के पार्षद मनीष रस्तोगी ने कहा कि श्रद्धालुओं की मान्यता है कि इच्छापूर्ति श्री पंचमुखी हनुमान जी की आराधना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के संकट दूर होते हैं।
उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण क्षेत्रवासियों के सहयोग और सामूहिक प्रयास से संभव हुआ है, जो सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक है।
विशाल भंडारा और भजन संध्या
सायं 4 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इसके बाद शाम 7 बजे से भजन संध्या का आयोजन शुरू हुआ, जो देर रात तक चला। भक्ति गीतों और संकीर्तन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
सामूहिक आरती के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती के साथ हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और सद्भाव की कामना की।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि इच्छापूर्ति श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर आने वाले समय में आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बनेगा।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: राजधानी लखनऊ के चौपटिया क्षेत्र में आज श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां नवनिर्मित इच्छापूर्ति श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर में मूर्ति स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। भव्य कलश यात्रा से हुआ शुभारंभ चौपटिया स्थित फाटक जियालाल (गेट के अंदर पुराने पीपल के पास) में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई। मंदिर परिसर से निकली यह यात्रा आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण करती हुई पुनः मंदिर पहुंची। भक्ति गीतों, जयकारों और ढोल-नगाड़ों के साथ श्रद्धालुओं ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ प्राण-प्रतिष्ठा इसके उपरांत वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ इच्छापूर्ति श्री पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। साथ ही मां भगवती दुर्गा जी और भव्य शिवलिंग के साथ शिव परिवार की स्थापना भी पूर्ण विधि-विधान से की गई। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह श्रद्धा और आस्था में सराबोर रहा। पार्षद मनीष रस्तोगी का बयान आचार्य नरेंद्र देव वार्ड के पार्षद मनीष रस्तोगी ने कहा कि श्रद्धालुओं की मान्यता है कि इच्छापूर्ति श्री पंचमुखी हनुमान जी की आराधना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के संकट दूर होते हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण क्षेत्रवासियों के सहयोग और सामूहिक प्रयास से संभव हुआ है, जो सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक है। विशाल भंडारा और भजन संध्या सायं 4 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद शाम 7 बजे से भजन संध्या का आयोजन शुरू हुआ, जो देर रात तक चला। भक्ति गीतों और संकीर्तन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। सामूहिक आरती के साथ समापन कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती के साथ हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और सद्भाव की कामना की। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि इच्छापूर्ति श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर आने वाले समय में आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बनेगा।
Lucknow Desk:यूपी के शिक्षा विभाग से एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां सरकारी स्कूलों के बच्चों को मुफ्त दी जाने वाली हजारों नई किताबें कबाड़ी की दुकान पर रद्दी के भाव बेच दी गई। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है। वहीं इस घटना ने शिक्षा विभाग की पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहां का है पूरा मामला? दरअसल, बहराइच के थाना रामगांव इलाके में आरटीओ रोड पर स्थित एक कबाड़ी की दुकान पर एक ट्रक पकड़ा गया, जिसमें उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की साल 2025-26 और 2026-27 सत्र की नई किताबें लदी हुई थीं। मौके से 13,000 से अधिक सरकारी किताबें बरामद की गई हैं, जिन्हें रद्दी में मिलाने की पूरी तैयारी थी। ये किताबें कक्षा 4, 5 और 11 की थीं। बताया जा रहा है कि इन किताबों को कबाड़ के रूप में उत्तराखंड के काशीपुर भेजा जा रहा था। वहीं इस पूरे मामले में सबसे शर्मनाक बात यह है कि इन कीमती किताबों को सिर्फ 4 रुपये किलो के हिसाब से कबाड़ी को बेच दिया था।फिलहाल, पुलिस ने 17 फरवरी 2026 को ट्रक कब्जे में लिया और जांच शुरू की। किताबों को बेचने वाले चार आरोपी गिरफ्तार इस मामले में बहराइच जिले के बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। कार्रवाई के बाद जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने दो अनुचरों को निलंबित और तीन कर्मचारियों को बर्खास्त करने के साथ तीन अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू की है। डीएम ने कड़ी कार्रवाई करते हुए अनुचर आलोक कुमार और शफीक अहमद को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, जिला समन्वयक आशुतोष सिंह और स्पेशल एजुकेटर दीपक कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है। सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी वीरेश कुमार वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी रंजीत कुमार और नगर शिक्षा अधिकारी डॉली मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनके विरुद्ध शासन को कठोर विभागीय कार्यवाही के लिए पत्र लिखा गया है, जिससे पूरे शिक्षा महकमे में अफरा-तफरी का माहौल है। इसके अलावा राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है।
Lucknow Desk: दिल्ली के भारत में मंडपम में चल रहे इंडिया एआई एक्सपो समिट में आज युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पीएम के खिलाफ नारे लगाते हुए पवेलियन में पहुंच गए और टीशर्ट उतारकर प्रदर्शन करने लगे। मिली जानकारी के अनुसार, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की संख्या लगभग 10 थी। सभी युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता थे। कार्यकर्ताओं ने समिट के वेन्यू के अंदर अपनी शर्ट उतारकर पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर भारत-अमेरिका सौदे के जरिए राष्ट्रीय हितों से समझौता करने का आरोप लगाया। फिलहाल, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और तिलक मार्ग थाने में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। समिट में कैसे पहुंचे युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं? यह मामला AI समिट में सुरक्षा का बड़ा चूक भी है। बताया जा रहा है कि युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं कथित तौर पर QR-कोड वाले पास का उपयोग करके वेन्यू के अंदर पहुंचे थे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। वहीं इस घटना पर बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- जब भारत एक मशहूर ग्लोबल AI समिट होस्ट कर रहा है, जिसमें टेक्नोलॉजी में अपने इनोवेशन और लीडरशिप को दिखाया जा रहा है, कांग्रेस पार्टी ने इज्ज़त के बजाय रुकावट को चुना। राहुल गांधी की लीडरशिप में, कांग्रेस वर्कर्स ने टॉपलेस होकर वेन्यू पर हंगामा किया, यह काम साफ तौर पर दुनिया के मंच पर भारत को शर्मिंदा करने के लिए किया गया था। पॉलिटिकल विरोध एक लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन भारत की ग्लोबल इमेज को नुकसान पहुंचाना नहीं। भारत इससे बेहतर का हकदार है। गौरतलब है कि 5 दिवसीय सम्मेलन (19-21 फरवरी 2026) का उद्घाटन पीएम मोदी ने किया था, जिसमें दुनिया भर के तकनीकी दिग्गज और नीति निर्माता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य पर चर्चा कर रहे हैं।