Lucknow Desk: राजधानी लखनऊ के चौपटिया क्षेत्र में आज श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां नवनिर्मित इच्छापूर्ति श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर में मूर्ति स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
भव्य कलश यात्रा से हुआ शुभारंभ
चौपटिया स्थित फाटक जियालाल (गेट के अंदर पुराने पीपल के पास) में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई। मंदिर परिसर से निकली यह यात्रा आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण करती हुई पुनः मंदिर पहुंची।
भक्ति गीतों, जयकारों और ढोल-नगाड़ों के साथ श्रद्धालुओं ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ प्राण-प्रतिष्ठा
इसके उपरांत वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ इच्छापूर्ति श्री पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई।
साथ ही मां भगवती दुर्गा जी और भव्य शिवलिंग के साथ शिव परिवार की स्थापना भी पूर्ण विधि-विधान से की गई। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह श्रद्धा और आस्था में सराबोर रहा।
पार्षद मनीष रस्तोगी का बयान
आचार्य नरेंद्र देव वार्ड के पार्षद मनीष रस्तोगी ने कहा कि श्रद्धालुओं की मान्यता है कि इच्छापूर्ति श्री पंचमुखी हनुमान जी की आराधना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के संकट दूर होते हैं।
उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण क्षेत्रवासियों के सहयोग और सामूहिक प्रयास से संभव हुआ है, जो सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक है।
विशाल भंडारा और भजन संध्या
सायं 4 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इसके बाद शाम 7 बजे से भजन संध्या का आयोजन शुरू हुआ, जो देर रात तक चला। भक्ति गीतों और संकीर्तन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
सामूहिक आरती के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती के साथ हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और सद्भाव की कामना की।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि इच्छापूर्ति श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर आने वाले समय में आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बनेगा।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में गर्मी का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। जून की तपिश के बीच शहर का तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जिससे लोगों की स्वास्थ्य और दिनचर्या दोनों प्रभावित हो रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार 16 जून को अधिकतम तापमान करीब 41°C और न्यूनतम 29°C रहने का अनुमान है। हाल ही के दिनों में लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हीटवेव जैसे हालात बने रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य के 22 से ज्यादा जिलों में पारा 40°C के ऊपर पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार तेज गर्मी और उमस का असर सीधे दिनचर्या और शरीर की कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है। अत्यधिक तापमान से डिहाइड्रेशन, ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव, हार्ट स्ट्रेस और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी गर्म और उमस भरे मौसम की संभावना जताई है, हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश या थंडरशॉवर से अस्थायी राहत मिल सकती है।
Lucknow Desk: शिक्षा जगत से जुड़े चर्चित शिक्षक रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आने के बाद बिहार और नेपाल दोनों जगहों पर चर्चा का माहौल है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रिंस यादव का शव नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, होटल कर्मचारियों को काफी देर तक कमरे से कोई गतिविधि नहीं दिखाई दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने कमरे का दरवाजा खुलवाया तो अंदर प्रिंस यादव मृत अवस्था में पाए गए। फिलहाल मौत के कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की पड़ताल कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि प्रिंस यादव हाल के दिनों में चर्चा में रहे थे। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने का इंतजार करने की अपील की है। नेपाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। शुरुआती जांच में पुलिस होटल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि मौत के पीछे की सच्चाई सामने आ सके। ऐसे मामलों में आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना सबसे उचित माना जाता है।विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पार मामलों में जांच प्रक्रिया कई एजेंसियों के सहयोग से आगे बढ़ती है, इसलिए पूरी रिपोर्ट आने में कुछ समय लग सकता है। फिलहाल यह मामला रहस्य बना हुआ है और सभी की निगाहें नेपाल पुलिस की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्य सामने नहीं आते, तब तक मौत के कारणों को लेकर कोई भी दावा करना सही नहीं होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और सच्चाई सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। नोट: यह खबर विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और जांच जारी है।
Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश में डिजिटल क्रांति को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना 'प्रोजेक्ट गंगा' की शुरुआत की है। राजधानी लखनऊ में लॉन्च की गई यह परियोजना राज्य के ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने का बड़ा अभियान है। सरकार का मानना है कि आने वाला समय पूरी तरह डिजिटल अर्थव्यवस्था का होगा और ऐसे में गांवों को तकनीक से जोड़ना बेहद जरूरी है। 'प्रोजेक्ट गंगा' का सबसे बड़ा लक्ष्य प्रदेश के 20 लाख से ज्यादा घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाना है। हालांकि यह योजना सिर्फ इंटरनेट उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए गांवों में आधुनिक डिजिटल सुविधाओं का पूरा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। सरकार चाहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी शहरों की तरह डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकें और तकनीक की मुख्यधारा से जुड़ सकें। इस परियोजना के तहत गांवों में एक मजबूत डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से लोगों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, सार्वजनिक वाई-फाई, आईपीटीवी और ओटीटी जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यानी अब ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर इंटरनेट और मनोरंजन सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी आधारित निगरानी व्यवस्था और साइबर सिक्योरिटी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे गांवों में डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाया जा सके। प्रोजेक्ट गंगा का एक और अहम पहलू रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ा हुआ है। सरकार का लक्ष्य है कि न्याय पंचायत स्तर पर करीब 8 से 10 हजार युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में तैयार किया जाए। ये युवा अपने क्षेत्रों में इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम करेंगे। खास बात यह है कि इस पहल में महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ने से ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। अब गांवों में रहने वाले युवा फ्रीलांसिंग, रिमोट वर्क और ऑनलाइन ट्रेनिंग जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे उन्हें रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करने की जरूरत कम होगी और वे अपने घर-परिवार के साथ रहकर ही आय के बेहतर अवसर हासिल कर सकेंगे। युवाओं को डिजिटल उद्यमिता के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। यदि कोई युवा अपना डिजिटल कारोबार शुरू करना चाहता है, तो उसे पांच लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना के जरिए प्रदेश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और हिंदुजा ग्रुप की सहयोगी कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच 9 मार्च को एक समझौता ज्ञापन यानी एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह साझेदारी गांवों तक आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योगी सरकार का कहना है कि डिजिटल कनेक्टिविटी केवल सुविधा नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, व्यापार और सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच के लिए इंटरनेट आज सबसे अहम माध्यम बन चुका है। ऐसे में प्रोजेक्ट गंगा ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कुल मिलाकर, प्रोजेक्ट गंगा सिर्फ एक इंटरनेट परियोजना नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के गांवों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने का एक व्यापक अभियान है। यदि यह योजना अपने तय लक्ष्यों को हासिल करने में सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों की जिंदगी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि इसे यूपी को डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल माना जा रहा है। Tags: UP News