उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने धार्मिक स्थलों और आस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी सरकार की नीति का जिक्र करते हुए विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
धार्मिक आस्था और राजनीति पर दिया बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्मस्थल की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में दोहरे मापदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है, लेकिन कानून और संविधान के दायरे में रहकर ही हर कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति देश और समाज के हित में नहीं है।
विपक्ष पर साधा निशाना
अपने भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने वर्षों तक वोट बैंक की राजनीति की और धार्मिक मामलों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार विकास, सुरक्षा और सुशासन के एजेंडे पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आज विकास का नया केंद्र बन चुकी है। राम मंदिर निर्माण के बाद यहां पर्यटन, रोजगार और बुनियादी ढांचे में तेजी से सुधार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों के विकास के साथ-साथ सभी नागरिकों के हित में कई योजनाएं लागू की हैं।
बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावी माहौल में धार्मिक मुद्दों को उछालना उचित नहीं है। वहीं भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने केवल धार्मिक स्थलों के सम्मान और समानता की बात कही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान आगामी राजनीतिक रणनीतियों और जनसभाओं में चर्चा का विषय बने रह सकते हैं। हालांकि इस मुद्दे पर विभिन्न दलों की अलग-अलग राय सामने आ रही है।
अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे धार्मिक समानता और सांस्कृतिक सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक बयानबाजी बता रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने धार्मिक स्थलों और आस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी सरकार की नीति का जिक्र करते हुए विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। धार्मिक आस्था और राजनीति पर दिया बयान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्मस्थल की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में दोहरे मापदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है, लेकिन कानून और संविधान के दायरे में रहकर ही हर कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति देश और समाज के हित में नहीं है। विपक्ष पर साधा निशाना अपने भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने वर्षों तक वोट बैंक की राजनीति की और धार्मिक मामलों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार विकास, सुरक्षा और सुशासन के एजेंडे पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आज विकास का नया केंद्र बन चुकी है। राम मंदिर निर्माण के बाद यहां पर्यटन, रोजगार और बुनियादी ढांचे में तेजी से सुधार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों के विकास के साथ-साथ सभी नागरिकों के हित में कई योजनाएं लागू की हैं। बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावी माहौल में धार्मिक मुद्दों को उछालना उचित नहीं है। वहीं भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने केवल धार्मिक स्थलों के सम्मान और समानता की बात कही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान आगामी राजनीतिक रणनीतियों और जनसभाओं में चर्चा का विषय बने रह सकते हैं। हालांकि इस मुद्दे पर विभिन्न दलों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे धार्मिक समानता और सांस्कृतिक सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक बयानबाजी बता रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।
Lucknow Desk: हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा के लिए महाशिवरात्रि का पर्व सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। मान्यता यह भी है कि इस पावन रात्रि पर भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। इस बार महाशिवरात्रि कब है और किस विधि से भगवान शिव को आप खुश करे सकते हैं? कब है महाशिवरात्रि? भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे उत्तम मानी जाने वाली महाशिवरात्रि इस बार 15 फरवरी 2026, रविवार को पड़ेगी। वहीं इस साल महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए कई शुभ मुहूर्त निर्धारित हैं। सुबह का पहला मुहूर्त 08:24 बजे से 09:48 बजे तक रहेगा। इसके बाद दूसरा मुहूर्त सुबह 09:48 बजे से 11:11 बजे तक है। महाशिवरात्रि 2026 जलाभिषेक की विधि महाशिवरात्रि के दिन सुबह उठकर स्नान करे और साफ-सुथरे कपड़े पहने। इसके बाद पूजा की सभी आवश्यक सामग्री जैसे दूध, दही, शहद, घी, शक्कर और गन्ने का रस एकत्रित कर लें। शिवलिंग पर इन वस्तुओं का अभिषेक करें जलाभिषेक करते समय ध्यान रखें कि जल की धारा पतली और धीरे-धीरे गिरे। कभी भी तेजी से जलाभिषेक न करें, क्योंकि शास्त्रों में इसे उचित नहीं माना गया है। इसके बाद गंगाजल में काले तिल मिलाकर 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें और इस जल को शिवलिंग पर अर्पित कर दें। इसके बाद भगवान शिव को फल और फूल अर्पित करें। महादेव के समक्ष आटे का चौमुखी दीपक जला दें और धूपबत्ती भी प्रज्वलित करें। पूजा के क्रम में शिव चालीसा का पाठ करें और अंत में आरती करें। पूजा के दौरान यदि कोई भूल हो जाए तो क्षमा याचना अवश्य करें। शिवलिंग जल अर्पण मंत्र! “मन्दाकिन्यास्तु यद्वारि सर्वपापहरं शुभम्। तदिदं कल्पितं देव स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम्॥ श्रीभगवते साम्बशिवाय नमः। स्नानीयं जलं समर्पयामि।” इसके अलावा शक्तिशाली शिव मंत्रों का जप भी पूजा में ऊर्जा और सकारात्मक प्रभाव लाता है, जैसे: ऐं ह्रीं श्रीं ‘ऊँ नमः शिवाय:’ श्रीं ह्रीं ऐं। ऊँ हौं जूं स: इस तरह से भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक करें, जिससे आप पर भगवान शिव की कृपा बने रहें।