Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों के खिलाफ प्रशासन का बड़ा अभियान लगातार जारी है। हाल ही में लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद सरकार ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेशभर में चल रहे इस अभियान के दौरान कई नामी कोचिंग सेंटर सील किए गए हैं, जबकि 100 से ज्यादा संस्थान जांच के घेरे में आ गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
सुरक्षा मानकों की जांच तेज
राज्य सरकार ने सभी जिलों में प्रशासन, फायर विभाग और विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीमें गठित की हैं। ये टीमें कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी, भवन मानकों, आपातकालीन निकास और वैध दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। कई संस्थानों में फायर एनओसी नहीं मिली, जबकि कुछ जगहों पर बेसमेंट में अवैध रूप से क्लास चलती पाई गईं।
अधिकारियों का कहना है कि जिन संस्थानों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, वहां छात्रों की जान खतरे में पड़ सकती है। इसी वजह से बिना चेतावनी के भी कार्रवाई की जा रही है।
प्रयागराज और कानपुर में सबसे ज्यादा कार्रवाई
प्रयागराज में प्रशासन ने दर्जनों कोचिंग संस्थानों की जांच की। यहां कई बड़े संस्थानों को नोटिस जारी किए गए, जबकि कुछ को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया। जांच के दौरान सामने आया कि कई सेंटर बिना फायर विभाग की अनुमति के संचालित हो रहे थे।
कानपुर में भी विकास प्राधिकरण ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। अधिकारियों ने कई संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों की कमी और अवैध निर्माण पाए। कुछ इमारतों में आपातकालीन निकास तक मौजूद नहीं था, जिससे हादसे की स्थिति में बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।
नोएडा और गाजियाबाद में सख्ती
एनसीआर क्षेत्र के नोएडा और गाजियाबाद में भी प्रशासन ने कई कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई की है। यहां बड़ी संख्या में ऐसे सेंटर मिले जो व्यावसायिक मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। कुछ संस्थानों को सील कर दिया गया, जबकि कई को निर्धारित समय में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि यदि तय समय सीमा में नियमों का पालन नहीं किया गया तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। सरकार का कहना है कि कोचिंग संस्थानों को शिक्षा के साथ सुरक्षा मानकों का पालन करना भी अनिवार्य होगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने सभी जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही बिना पंजीकरण चल रहे संस्थानों की पहचान करने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
छात्रों और अभिभावकों में चिंता
लगातार हो रही कार्रवाई के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच भी चिंता बढ़ गई है। कई अभिभावकों का कहना है कि वे बच्चों को ऐसे संस्थानों में भेजना चाहते हैं जहां सुरक्षा के पूरे इंतजाम हों। वहीं छात्रों का कहना है कि पढ़ाई के साथ सुरक्षित माहौल भी बेहद जरूरी है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों के खिलाफ प्रशासन का बड़ा अभियान लगातार जारी है। हाल ही में लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद सरकार ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेशभर में चल रहे इस अभियान के दौरान कई नामी कोचिंग सेंटर सील किए गए हैं, जबकि 100 से ज्यादा संस्थान जांच के घेरे में आ गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। सुरक्षा मानकों की जांच तेज राज्य सरकार ने सभी जिलों में प्रशासन, फायर विभाग और विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीमें गठित की हैं। ये टीमें कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी, भवन मानकों, आपातकालीन निकास और वैध दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। कई संस्थानों में फायर एनओसी नहीं मिली, जबकि कुछ जगहों पर बेसमेंट में अवैध रूप से क्लास चलती पाई गईं। अधिकारियों का कहना है कि जिन संस्थानों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, वहां छात्रों की जान खतरे में पड़ सकती है। इसी वजह से बिना चेतावनी के भी कार्रवाई की जा रही है। प्रयागराज और कानपुर में सबसे ज्यादा कार्रवाई प्रयागराज में प्रशासन ने दर्जनों कोचिंग संस्थानों की जांच की। यहां कई बड़े संस्थानों को नोटिस जारी किए गए, जबकि कुछ को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया। जांच के दौरान सामने आया कि कई सेंटर बिना फायर विभाग की अनुमति के संचालित हो रहे थे। कानपुर में भी विकास प्राधिकरण ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। अधिकारियों ने कई संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों की कमी और अवैध निर्माण पाए। कुछ इमारतों में आपातकालीन निकास तक मौजूद नहीं था, जिससे हादसे की स्थिति में बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। नोएडा और गाजियाबाद में सख्ती एनसीआर क्षेत्र के नोएडा और गाजियाबाद में भी प्रशासन ने कई कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई की है। यहां बड़ी संख्या में ऐसे सेंटर मिले जो व्यावसायिक मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। कुछ संस्थानों को सील कर दिया गया, जबकि कई को निर्धारित समय में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यदि तय समय सीमा में नियमों का पालन नहीं किया गया तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का सख्त संदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। सरकार का कहना है कि कोचिंग संस्थानों को शिक्षा के साथ सुरक्षा मानकों का पालन करना भी अनिवार्य होगा। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही बिना पंजीकरण चल रहे संस्थानों की पहचान करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। छात्रों और अभिभावकों में चिंता लगातार हो रही कार्रवाई के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच भी चिंता बढ़ गई है। कई अभिभावकों का कहना है कि वे बच्चों को ऐसे संस्थानों में भेजना चाहते हैं जहां सुरक्षा के पूरे इंतजाम हों। वहीं छात्रों का कहना है कि पढ़ाई के साथ सुरक्षित माहौल भी बेहद जरूरी है।
Lucknow Desk: 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे देश में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Kolkata में आयोजित भव्य कार्यक्रम में हिस्सा लेकर योगाभ्यास किया और देशवासियों को स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” रखी गई, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि लंबे समय तक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने का सबसे प्रभावी माध्यम है। दो दिन पहले से ही शुरू हुई विशेष तैयारियां कोलकाता में योग दिवस को लेकर दो दिन पहले से ही विशेष तैयारियां शुरू हो गई थीं। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, साफ-सफाई और व्यवस्थाओं का खास ध्यान रखा गया। शहर के कई प्रमुख इलाकों को आकर्षक तरीके से सजाया गया था। योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुबह से ही हजारों लोग पहुंचने लगे थे। युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों और महिलाओं में भी योग को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। कई स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं ने भी इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रधानमंत्री मोदी ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा और संस्कृति की ऐसी अमूल्य धरोहर है, जिसने आज पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मन को शांत और जीवन को संतुलित बनाने का माध्यम भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, चिंता और बीमारियों के बीच योग लोगों को नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच प्रदान करता है। “योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम पर विशेष जोर प्रधानमंत्री ने “योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आज के समय में बढ़ती उम्र के साथ लोगों के सामने कई स्वास्थ्य चुनौतियां आती हैं। ऐसे में योग व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। नियमित योगाभ्यास से शरीर में लचीलापन बढ़ता है, रक्त संचार बेहतर होता है और कई बीमारियों से बचाव संभव होता है। योग मानसिक तनाव को कम करने और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा योग हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसे हर उम्र का व्यक्ति आसानी से अपना सकता है। चाहे बच्चा हो, युवा हो या बुजुर्ग, योग सभी के लिए समान रूप से लाभकारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानें, बल्कि इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उनका कहना था कि स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। हजारों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हजारों लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास भी किया। उन्होंने कई योगासन और प्राणायाम किए, जिनमें लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे कार्यक्रम स्थल पर सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासन का वातावरण दिखाई दिया। लोगों ने कहा कि योग उनके जीवन में मानसिक शांति और बेहतर स्वास्थ्य लाने का माध्यम बन चुका है। देश और दुनिया में मनाया गया योग दिवस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश के अलग-अलग राज्यों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों ने सामूहिक योग किया। कई राज्यों में सुबह-सुबह बड़ी संख्या में लोग खुले मैदानों और पार्कों में एकत्र होकर योगाभ्यास करते नजर आए। इसके अलावा विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों द्वारा भी योग दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें विदेशी नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आधुनिक जीवनशैली में योग की बढ़ती जरूरत विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में योग की उपयोगिता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। आज लोग अनियमित जीवनशैली, तनाव, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण कई बीमारियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में योग शरीर को फिट रखने के साथ-साथ मानसिक रूप से मजबूत बनाने में भी मदद करता है। डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी नियमित योग और ध्यान को बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी मानते हैं। योग बना दुनिया की जरूरत कोलकाता में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि योग अब केवल भारत की परंपरा नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की जरूरत बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। आज करोड़ों लोग योग को अपने जीवन का हिस्सा बना चुके हैं और इससे लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। स्वस्थ और सकारात्मक जीवन का संदेश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा है। “योग फॉर हेल्दी एजिंग” की थीम ने यह संदेश दिया कि योग के माध्यम से हर व्यक्ति उम्र के हर पड़ाव में स्वस्थ, सक्रिय और खुशहाल जीवन जी सकता है।
Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में गर्मी का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। जून की तपिश के बीच शहर का तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जिससे लोगों की स्वास्थ्य और दिनचर्या दोनों प्रभावित हो रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार 16 जून को अधिकतम तापमान करीब 41°C और न्यूनतम 29°C रहने का अनुमान है। हाल ही के दिनों में लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हीटवेव जैसे हालात बने रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य के 22 से ज्यादा जिलों में पारा 40°C के ऊपर पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार तेज गर्मी और उमस का असर सीधे दिनचर्या और शरीर की कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है। अत्यधिक तापमान से डिहाइड्रेशन, ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव, हार्ट स्ट्रेस और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी गर्म और उमस भरे मौसम की संभावना जताई है, हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश या थंडरशॉवर से अस्थायी राहत मिल सकती है।