Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सोमवार को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में ₹1.25 लाख का इनामी अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन सिंह मारा गया। पुलिस के अनुसार, ललन सिंह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी, अपहरण और पुलिस पर हमला करने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज थे। वह बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय था तथा सात हत्याओं के मामलों में वांछित बताया जा रहा था।
STF और स्थानीय पुलिस ने मिलकर चलाया ऑपरेशन
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ललन सिंह की लोकेशन मिलने के बाद उत्तर प्रदेश एसटीएफ और सहारनपुर पुलिस ने संयुक्त अभियान शुरू किया। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। देर रात संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें ललन सिंह घायल हो गया।
घायल अवस्था में उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह आत्मरक्षा में की गई।
बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला था ललन सिंह
जानकारी के मुताबिक, ललन सिंह बिहार के समस्तीपुर जिले का निवासी था। उसने पिछले कुछ वर्षों में अपना आपराधिक नेटवर्क तेजी से फैलाया था। बिहार के अलावा वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उसके खिलाफ गंभीर मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह संगठित अपराध गिरोह से जुड़ा हुआ था और रंगदारी वसूलने, जमीन कब्जाने तथा ठेकेदारी विवादों में भी सक्रिय था। कई व्यापारी और कारोबारी उसके नाम से भयभीत रहते थे।
पुलिसकर्मी पर हमले के बाद बढ़ी थी तलाश
ललन सिंह उस समय ज्यादा चर्चा में आया था जब उस पर वाराणसी में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर को गोली मारने और सरकारी पिस्टल लूटने का आरोप लगा। इस घटना के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया था।
बताया जाता है कि वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था और कई बार पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा। उसके ऊपर उत्तर प्रदेश और बिहार पुलिस ने संयुक्त रूप से ₹1.25 लाख का इनाम घोषित किया था।
मौके से हथियार बरामद
पुलिस ने एनकाउंटर स्थल से अत्याधुनिक हथियार, कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद करने का दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, ललन सिंह के गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है। पुलिस अब उसके संपर्कों और नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि बाकी अपराधियों को भी गिरफ्तार किया जा सके।
एनकाउंटर को लेकर शुरू हुई बहस
इस मुठभेड़ के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा भी शुरू हो गई है। कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई को अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता बताया, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विपक्षी दलों का कहना है कि हर एनकाउंटर की पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह के सवाल पैदा न हों। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बदमाश ने पहले गोलीबारी की थी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
अपराध पर सख्ती का संदेश
उत्तर प्रदेश सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि राज्य में अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। हाल के वर्षों में कई बड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
ललन सिंह की मौत को भी पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कामयाबी मान रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और उसके फरार साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सोमवार को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में ₹1.25 लाख का इनामी अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन सिंह मारा गया। पुलिस के अनुसार, ललन सिंह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी, अपहरण और पुलिस पर हमला करने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज थे। वह बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय था तथा सात हत्याओं के मामलों में वांछित बताया जा रहा था। STF और स्थानीय पुलिस ने मिलकर चलाया ऑपरेशन पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ललन सिंह की लोकेशन मिलने के बाद उत्तर प्रदेश एसटीएफ और सहारनपुर पुलिस ने संयुक्त अभियान शुरू किया। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। देर रात संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें ललन सिंह घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह आत्मरक्षा में की गई। बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला था ललन सिंह जानकारी के मुताबिक, ललन सिंह बिहार के समस्तीपुर जिले का निवासी था। उसने पिछले कुछ वर्षों में अपना आपराधिक नेटवर्क तेजी से फैलाया था। बिहार के अलावा वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उसके खिलाफ गंभीर मुकदमे दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह संगठित अपराध गिरोह से जुड़ा हुआ था और रंगदारी वसूलने, जमीन कब्जाने तथा ठेकेदारी विवादों में भी सक्रिय था। कई व्यापारी और कारोबारी उसके नाम से भयभीत रहते थे। पुलिसकर्मी पर हमले के बाद बढ़ी थी तलाश ललन सिंह उस समय ज्यादा चर्चा में आया था जब उस पर वाराणसी में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर को गोली मारने और सरकारी पिस्टल लूटने का आरोप लगा। इस घटना के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया था। बताया जाता है कि वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था और कई बार पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा। उसके ऊपर उत्तर प्रदेश और बिहार पुलिस ने संयुक्त रूप से ₹1.25 लाख का इनाम घोषित किया था। मौके से हथियार बरामद पुलिस ने एनकाउंटर स्थल से अत्याधुनिक हथियार, कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद करने का दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, ललन सिंह के गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है। पुलिस अब उसके संपर्कों और नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि बाकी अपराधियों को भी गिरफ्तार किया जा सके। एनकाउंटर को लेकर शुरू हुई बहस इस मुठभेड़ के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा भी शुरू हो गई है। कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई को अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता बताया, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। विपक्षी दलों का कहना है कि हर एनकाउंटर की पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह के सवाल पैदा न हों। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बदमाश ने पहले गोलीबारी की थी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। अपराध पर सख्ती का संदेश उत्तर प्रदेश सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि राज्य में अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। हाल के वर्षों में कई बड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। ललन सिंह की मौत को भी पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कामयाबी मान रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और उसके फरार साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मात्र 21 साल के एक युवक ने खुद को “ब्रिगेडियर” बताकर ऐसा नकली सैन्य साम्राज्य खड़ा कर दिया कि लोग भी कुछ समय तक उसकी हकीकत को सच मान बैठे। आरोपी की लग्जरी लाइफस्टाइल, वर्दी, गाड़ियों पर लगे स्टार-फ्लैग और निजी बाउंसर देखकर हर कोई चकित रह गया। सूत्रों के अनुसार, युवक ने सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर खुद को भारतीय सेना का उच्च अधिकारी बताना शुरू किया था। उसने ब्रिगेडियर रैंक की वर्दी पहनकर तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए, जिससे उसकी पहचान और भी मजबूत दिखने लगी। धीरे-धीरे उसने एक ऐसा माहौल बना दिया जिसमें लोग उसे असली सैन्य अधिकारी समझने लगे। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी ने अपनी कारों पर आर्मी-स्टाइल स्टार और फ्लैग लगा रखे थे। उसकी गाड़ियों का काफिला अक्सर शहर में घूमता देखा जाता था, जिसके साथ बाउंसर भी रहते थे। ये बाउंसर आम लोगों को यह अहसास कराते थे कि कोई बड़ा सैन्य अधिकारी गुजर रहा है। जांच में सामने आया कि युवक का भारतीय सेना से कोई संबंध नहीं था। उसने सिर्फ दिखावे और लोगों को प्रभावित करने के लिए यह पूरा फर्जी सेटअप तैयार किया था। इस नकली पहचान के जरिए वह कई जगहों पर प्रभाव जमाने की कोशिश कर रहा था और कुछ लोगों को नौकरी या अन्य फायदे देने का झांसा भी दे चुका था। मामला तब उजागर हुआ जब कुछ स्थानीय लोगों को उसकी गतिविधियों पर शक हुआ और उन्होंने प्रशासन को सूचना दी। पुलिस ने जांच शुरू की और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद उसकी असलियत सामने आ गई। इसके बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया और उसके खिलाफ फर्जी पहचान, धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और सोशल मीडिया पर बनाई जा रही नकली पहचान पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल कई लोग प्रभाव और सम्मान पाने के लिए फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं, जो कानूनन अपराध है। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जी सैन्य पहचान के जरिए कहीं उसने किसी बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क को तो नहीं चलाया। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि उसे इस फर्जीवाड़े में किस-किस ने मदद की। यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि बिना सत्यापन के किसी भी व्यक्ति की पहचान पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है।
Lucknow Desk: सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘रानी’ नाम की एक महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। रानी मूल रूप से गुजरात की रहने वाली हैं, लेकिन फिलहाल इजरायल में रह रही हैं। वह अपने वीडियो के जरिए वहां के हालातों को दुनिया तक पहुंचा रही हैं, खासकर युद्ध जैसे माहौल को बेहद करीब से दिखा रही हैं। रानी के वीडियो सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं हैं, बल्कि वे जमीनी हकीकत को सामने लाते हैं। एक वायरल रील में देखा जा सकता है कि रानी जैसे ही खाना खाने बैठती हैं, तभी अचानक मिसाइल हमले का सायरन बजने लगता है। सायरन बजते ही बंकर की ओर दौड़ सायरन की आवाज सुनते ही रानी घबरा जाती हैं और बिना खाना खाए तुरंत अंडरग्राउंड बंकर की तरफ भागती हैं। यह दृश्य इतना डरावना है कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। धमाकों से कांप उठीं दीवारें एक अन्य वीडियो में धमाका इतना तेज होता है कि बंकर की दीवारें तक हिलने लगती हैं। बाद में पता चलता है कि मिसाइल का मलबा उनके घर के बेहद करीब गिरा था। इन वीडियो से साफ जाहिर होता है कि वहां रहना कितना जोखिम भरा हो चुका है। डर के बीच जीना सीख चुके लोग रानी अपने अनुभवों के जरिए बताती हैं कि वहां के लोग अब इन हालातों के आदी हो चुके हैं। लगातार सायरन और धमाकों के बीच उन्होंने अपनी जिंदगी को ढाल लिया है। छुट्टियां भी डर के साए में जहां दुनिया के कई हिस्सों में लोग छुट्टियों का आनंद लेते हैं, वहीं रानी बताती हैं कि उनके लिए छुट्टियां भी डर के माहौल में गुजरती हैं। एक वीडियो में वह कहती हैं कि छुट्टी के दिन की शुरुआत भी मिसाइल हमलों के साथ होती है। रानी की ये रील्स न सिर्फ जानकारी देती हैं, बल्कि लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रही हैं कि युद्ध का असर आम लोगों की जिंदगी पर कितना गहरा और भयावह होता है।