Lucknow Desk: राजधानी Lucknow के कपूरथला इलाके में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बहुमंजिला कोचिंग सेंटर में अचानक आग लग गई। घटना दोपहर के समय हुई, जब विभिन्न कमरों में छात्रों की क्लास चल रही थी। अचानक भवन के भीतर से धुआं निकलने लगा और कुछ ही देर में आग ने तेज रूप ले लिया। आग और धुएं को देखकर छात्र-छात्राओं में भगदड़ मच गई। कई छात्र अपनी जान बचाने के लिए सीढ़ियों की ओर भागे, जबकि कुछ छात्र ऊपरी मंजिलों पर फंस गए।
छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही कोचिंग सेंटर में चीख-पुकार शुरू हो गई। कई छात्र घबराहट में सीढ़ियों की ओर भागे, लेकिन धुएं के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और खिड़कियों व सीढ़ियों की मदद से छात्रों को बाहर निकाला। कुछ छात्रों को मामूली चोटें आईं, जबकि कई बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
दमकल विभाग ने शुरू किया राहत अभियान
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने तुरंत आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग तेजी से फैल रही थी, जिससे राहत कार्य में मुश्किलें आ रही थीं। संकरी सड़क और भीड़भाड़ के कारण दमकल की गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में भी परेशानी हुई।
फायर अधिकारियों के मुताबिक, टीम ने सबसे पहले भवन में फंसे छात्रों को बाहर निकालने पर ध्यान दिया। कई दमकलकर्मी ऑक्सीजन सिलेंडर और सुरक्षा उपकरणों के साथ भवन के अंदर पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि भवन में बिजली के तारों में स्पार्किंग हुई, जिसके बाद आग फैल गई। हालांकि प्रशासन ने कहा है कि घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि आग लगने की सही वजह सामने आ सके।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
घटना के बाद कोचिंग सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भवन में पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद नहीं थे। कई अभिभावकों ने कहा कि कोचिंग सेंटरों में छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा इंतजामों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के सभी कोचिंग संस्थानों का फायर ऑडिट कराया जाए। उनका कहना है कि अधिकतर संस्थान छोटे और तंग भवनों में चल रहे हैं, जहां आपातकालीन निकास तक की व्यवस्था ठीक नहीं होती।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शहर में दहशत का माहौल
इस हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। घटना ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती कोचिंग संस्कृति के बीच सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी हो गया है। अगर समय रहते सुरक्षा इंतजामों को मजबूत नहीं किया गया, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं और भी गंभीर रूप ले सकती हैं।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: उत्तराखंड में साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें करीब 25 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का खुलासा हुआ है। इस मामले में उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पश्चिम बंगाल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से कारोबारी के बैंकिंग सिस्टम को निशाना बनाया और लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। कारोबारी के खाते से उड़ाए लाखों रुपये जानकारी के अनुसार, देहरादून के एक व्यापारी ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके बैंक खाते से करीब 24.95 लाख रुपये गायब हो गए हैं। शिकायत मिलने के बाद STF और साइबर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। जांच में पता चला कि साइबर ठगों ने पहले व्यापारी के मोबाइल फोन और बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बनाई। इसके बाद उन्होंने बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को बदल दिया, जिससे असली खाताधारक को किसी भी लेनदेन की जानकारी नहीं मिल सकी। फर्जी सिम और बैंक खातों का इस्तेमाल पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने फर्जी सिम कार्ड, बैंक खाते और एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करके पैसे को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया। जांच टीम ने बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल सबूतों की मदद से आरोपियों की पहचान की। तकनीकी जांच के बाद पुलिस टीम पश्चिम बंगाल पहुंची, जहां छापेमारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। बड़े साइबर गिरोह से जुड़े हो सकते हैं आरोपी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी एक बड़े साइबर गिरोह से जुड़े हो सकते हैं, जो देशभर में ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को अंजाम देता है। यह गिरोह लोगों के बैंक खातों तक पहुंच बनाने के लिए फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल और मोबाइल हैकिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने लोगों को किया सतर्क एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस घटना के बाद पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें और मोबाइल या बैंक खाते में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें। मामले की जांच जारी फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस साइबर गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
Lucknow Desk: पटना के लोकप्रिय शिक्षक और यूट्यूबर Khan Sir को अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ किसी भी तरह की “कठोर कार्रवाई” नहीं करने का आदेश बरकरार रखते हुए अंतरिम राहत प्रदान की है। इस फैसले के बाद फिलहाल खान सर के खिलाफ पुलिस या प्रशासन कोई सख्त कदम नहीं उठा सकेगा। मामला उस विवाद से जुड़ा है जिसमें खान सर के एक वीडियो और कुछ बयानों को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि उनके बयान से कुछ समुदायों की भावनाएं आहत हुई हैं। इसके बाद मामले ने कानूनी रूप ले लिया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाने लगी। हालांकि अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कठोर कदम उठाने से रोक लगा दी। सुनवाई के दौरान खान सर की ओर से पेश वकीलों ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल एक शिक्षक हैं और उनका उद्देश्य केवल शिक्षा देना है, किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं। बचाव पक्ष ने कहा कि वीडियो के कुछ हिस्सों को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया, जिससे विवाद पैदा हुआ। वकीलों ने यह भी कहा कि खान सर जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की कोई आवश्यकता नहीं है। दूसरी ओर शिकायतकर्ता पक्ष ने अदालत से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना था कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रभाव रखने वाले लोगों को अपने बयानों के प्रति अधिक जिम्मेदार होना चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच जारी रहेगी, लेकिन जांच पूरी होने तक खान सर के खिलाफ कोई “coercive action” यानी कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल अंतरिम राहत है और अंतिम फैसला जांच और आगे की सुनवाई के बाद लिया जाएगा। कोर्ट के इस फैसले के बाद खान सर के समर्थकों में खुशी देखी गई। सोशल media पर उनके छात्रों और फॉलोअर्स ने राहत जताई और कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है। कई छात्रों का कहना है कि खान सर ने लाखों युवाओं को कम फीस में शिक्षा उपलब्ध कराई है और वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले सबसे लोकप्रिय शिक्षकों में से एक हैं। Khan Sir अपने अनोखे पढ़ाने के अंदाज और समसामयिक मुद्दों को आसान भाषा में समझाने के लिए जाने जाते हैं। उनके YouTube चैनल और ऑफलाइन कोचिंग संस्थान के जरिए देशभर के लाखों छात्र पढ़ाई करते हैं। हालांकि कई बार उनके कुछ बयानों और वीडियो को लेकर विवाद भी सामने आते रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत द्वारा “नो कोअर्सिव एक्शन” का आदेश देना यह दर्शाता है कि न्यायालय मामले की निष्पक्ष जांच चाहता है और बिना पर्याप्त आधार किसी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाना चाहता। ऐसे मामलों में अदालत आमतौर पर यह सुनिश्चित करती है कि जांच प्रभावित न हो और आरोपी के अधिकार भी सुरक्षित रहें। फिलहाल इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख का इंतजार किया जा रहा है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े तथ्यों और सबूतों की जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में अदालत में फिर सुनवाई होगी, जिसके बाद यह तय होगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, जिम्मेदार बयानबाजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते प्रभाव जैसे मुद्दों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर अगली अदालत की सुनवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
Lucknow Desk: इन दिनों सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट वायरल है। इस पोस्ट से राजनीति में हलचल मची है। वहीं अब इस मामले पर अदिति यादव की मां और सपा सासंद डिंपल यादव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बीजेपी को घेरते हुए कहा, मेरी बेटी के खिलाफ बीजेपी वालों ने बयानबाजी करवाई है। क्योंकि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा भटकाने की कोशिश है। हमें ध्यान नहीं भटकाना है। डिंपल यादव ने कहा, ये सरकार ध्यान भटकाने का काम करती हैं। हाथरथ की बेटियों का जला दिया जाता है तो ये लोग सामने नहीं आता है। कानपुर में बेटी के पिता को थाने में मार दिया जाता है तो कोई सामने नहीं आता है। इतनी बड़ी जघन्य घटनाओं में एक भी भाजपा का इंसान सामने नहीं आता है। अदिति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर योगी ने उठाया कदम सोशल मीडिया पर चल रहे अदिति यादव के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिन सख्त कदम उठाया। उन्होंने कहा, मैं पिछले दिनों देख रहा था कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की थी। ये जैसे ही मेरे संज्ञान में आया, मैंने पुलिस से कहा कि इसमें एफआईआर दर्ज कराओ। बेटी के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं होनी चाहिए। बेटियों के सम्मान में गरजे सीएम योगी बता दें कि बीते शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ आजमगढ़ दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिले की 955.40 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस मौके पर जनता को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, "बेटी तो बेटी होती है और हम तो संस्कार में भले बसे हैं, जहां कहा जाता है कि गांव की बेटी सब की बेटी, गांव की बहन सबकी बहन। हमने तो कोई भेदभाव नहीं किया लेकिन अखिलेश जी दूसरों को उपदेश देते हो। अपने चेले-चपाटों को भी थोड़ा उपदेश दे दो कि अपनी भाषा पर संयम रखें। कोई भी बेटियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी नहीं कर सकता। आज मुझे बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि हमने राज्य में बेटियो के जन्म लेने से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए हमने व्यवस्था दी है। क्या है मामला? इन दिनों उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज है। बता दें कि समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव की बड़ी बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर झूठी अफवाह फैलाई गई है कि अदिति ने घर से 7 करोड़ चोरी कर अपने मुस्लिम दोस्त के साथ भाग गईं हैं। इस अफवाह के बाद से सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक दलों में नाराजगी देखी गई। वही सोशल मीडिया पर झूठी अफवाह के खिलाफ कई लोगों पर FIR लिखा जा चुका है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।