बेहतर चलने-फिरने और बेहतर जीवन की ओर एक भरोसेमंद कदम
हड्डियों, जोड़ों और muscles से जुड़ी समस्याएँ व्यक्ति की रोजमर्रा की जिंदगी को काफी प्रभावित कर सकती हैं। घुटनों का दर्द, hip problems, sports injuries, joint-related conditions या movement में परेशानी केवल physical discomfort तक सीमित नहीं रहती—ये आपकी mobility, काम करने की क्षमता और quality of life को भी प्रभावित कर सकती हैं।
ऐसे समय में सही orthopedic evaluation, accurate diagnosis और condition के अनुसार उचित treatment approach महत्वपूर्ण हो जाती है।
Dr. Rishabh K. Jaiswal Lucknow में orthopaedic care और joint-related treatment के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले चिकित्सक हैं। वे Max Super Speciality Hospital, Lucknow में Senior Consultant – वे Senior Consultant – Orthopaedic Surgery के रूप में listed हैं। उनकी प्रमुख specialties में Orthopaedics & Joint Replacement, Arthroscopy & Sports Injury Care और Advanced Robotic Surgery शामिल हैं।
Orthopedic Care में अनुभव और विशेषज्ञता
Dr. Rishabh K. Jaiswal की profile पर 13+ years of experience listed है। उनका practice focus orthopaedic surgery के साथ-साथ joint replacement, arthroscopy, sports injuries और robotic surgery से संबंधित care पर है।
Orthopaedic treatment में हर patient की समस्या अलग होती है। उम्र, lifestyle, injury की severity, joint condition और daily activity जैसे factors treatment planning को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए patient की समस्या को समझना और उसके अनुसार appropriate treatment pathway तय करना महत्वपूर्ण है।
किन समस्याओं के लिए Orthopedic Consultation की जरूरत पड़ सकती है?
Knee & Joint Problems
घुटनों या अन्य joints में लगातार दर्द, stiffness, swelling या movement में परेशानी daily activities को प्रभावित कर सकती है। ऐसी समस्याओं में orthopedic evaluation के माध्यम से condition को समझने और आगे की treatment strategy तय करने में सहायता मिल सकती है।
Joint Replacement
जब किसी joint की समस्या गंभीर रूप से mobility और quality of life को प्रभावित करती है, तो कुछ patients में joint replacement एक treatment option हो सकता है। Dr. Jaiswal की listed specialty में Joint Replacement शामिल है।
Sports Injuries
Sports और physical activities के दौरान ligament, cartilage और अन्य musculoskeletal injuries होने की संभावना रहती है। इन injuries के diagnosis और treatment में Arthroscopy & Sports Injury Care में भूमिका निभाती है। Dr. Jaiswal की profile में भी Arthroscopy & Sports Injury उनकी प्रमुख clinical specialties में शामिल है।
Arthroscopy
Arthroscopy एक minimally invasive surgical technique है जिसका उपयोग कुछ joint conditions और sports injuries के evaluation तथा treatment में किया जाता है। सही procedure का निर्णय patient की specific condition और clinical assessment पर निर्भर करता है।
Robotic Surgery
Modern orthopaedic surgery में robotic technology surgical planning और procedure के कुछ aspects में सहायता कर सकती है। Dr. Jaiswal की current Max profile में Robotic Surgery भी उनकी specialty के अंतर्गत listed है।
Patient-Centred Orthopedic Care
एक अच्छा healthcare experience केवल treatment तक सीमित नहीं होता। Patient को अपनी condition, available options और expected treatment pathway को समझना भी महत्वपूर्ण है।
Available patient reviews में Dr. Rishabh Jaiswal के बारे में कई reviewers ने उनकी friendly communication, patience और treatment/process को स्पष्ट तरीके से समझाने की बात कही है। ये reviews third-party user experiences हैं और individual experiences अलग हो सकते हैं।
Advanced Orthopedic Treatment के साथ Modern Approach
आज orthopaedics केवल pain management तक सीमित नहीं है। आधुनिक orthopedic care में diagnosis, rehabilitation, minimally invasive procedures, joint replacement और technology-assisted surgical approaches जैसी अलग-अलग possibilities शामिल हो सकती हैं।
Dr. Rishabh K. Jaiswal की listed expertise में:
Orthopaedics
Joint Replacement
Arthroscopy
Sports Injury Management
Robotic Surgery
शामिल हैं।
Max Super Speciality Hospital, Lucknow
Dr. Rishabh Jaiswal वर्तमान में Max Super Speciality Hospital, Lucknow से जुड़े हुए हैं। Hospital की official information के अनुसार यह 426-bed multidisciplinary tertiary-care hospital है और इसमें multiple medical specialties के साथ advanced diagnostic और therapeutic facilities उपलब्ध हैं। Hospital का address Hahnemann Chauraha Road, Viraj Khand-1, Gomti Nagar, Lucknow, Uttar Pradesh 226010 दिया गया है।
कब Orthopedic Doctor से सलाह लेनी चाहिए?
यदि आपको लंबे समय से:
घुटने या joint में दर्द
चलने-फिरने में परेशानी
बार-बार होने वाली sports injury
joint stiffness
चोट के बाद लगातार discomfort
joint-related mobility problem
जैसी समस्या है, तो orthopedic specialist से clinical evaluation लेना उचित हो सकता है।
हर दर्द का कारण अलग हो सकता है, इसलिए बिना diagnosis के स्वयं treatment या exercise शुरू करने के बजाय qualified medical professional से सलाह लेना बेहतर है।
आपकी Mobility, आपकी Quality of Life
स्वस्थ joints और अच्छी mobility हमारे daily life का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। चाहे समस्या sports injury से जुड़ी हो, joint degeneration से या किसी surgical intervention की आवश्यकता से—सही diagnosis और personalized treatment planning recovery journey को बेहतर तरीके से guide कर सकती है।
Dr. Rishabh K. Jaiswal की orthopedic practice joint replacement, arthroscopy, sports injuries और robotic surgery सहित विभिन्न orthopaedic specialties पर केंद्रित है।
MOVE BETTER. LIVE BETTER.
Dr. Rishabh K. Jaiswal
Senior Consultant – Orthopaedic Surgery
Orthopaedics & Joint Replacement | Arthroscopy & Sports Injury Care | Advanced Robotic Surgery
Max Super Speciality Hospital, Lucknow
Hahnemann Chauraha Road, Viraj Khand-1, Gomti Nagar, Lucknow – 226010
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
बेहतर चलने-फिरने और बेहतर जीवन की ओर एक भरोसेमंद कदम हड्डियों, जोड़ों और muscles से जुड़ी समस्याएँ व्यक्ति की रोजमर्रा की जिंदगी को काफी प्रभावित कर सकती हैं। घुटनों का दर्द, hip problems, sports injuries, joint-related conditions या movement में परेशानी केवल physical discomfort तक सीमित नहीं रहती—ये आपकी mobility, काम करने की क्षमता और quality of life को भी प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे समय में सही orthopedic evaluation, accurate diagnosis और condition के अनुसार उचित treatment approach महत्वपूर्ण हो जाती है। Dr. Rishabh K. Jaiswal Lucknow में orthopaedic care और joint-related treatment के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले चिकित्सक हैं। वे Max Super Speciality Hospital, Lucknow में Senior Consultant – वे Senior Consultant – Orthopaedic Surgery के रूप में listed हैं। उनकी प्रमुख specialties में Orthopaedics & Joint Replacement, Arthroscopy & Sports Injury Care और Advanced Robotic Surgery शामिल हैं। Orthopedic Care में अनुभव और विशेषज्ञता Dr. Rishabh K. Jaiswal की profile पर 13+ years of experience listed है। उनका practice focus orthopaedic surgery के साथ-साथ joint replacement, arthroscopy, sports injuries और robotic surgery से संबंधित care पर है। Orthopaedic treatment में हर patient की समस्या अलग होती है। उम्र, lifestyle, injury की severity, joint condition और daily activity जैसे factors treatment planning को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए patient की समस्या को समझना और उसके अनुसार appropriate treatment pathway तय करना महत्वपूर्ण है। किन समस्याओं के लिए Orthopedic Consultation की जरूरत पड़ सकती है? Knee & Joint Problems घुटनों या अन्य joints में लगातार दर्द, stiffness, swelling या movement में परेशानी daily activities को प्रभावित कर सकती है। ऐसी समस्याओं में orthopedic evaluation के माध्यम से condition को समझने और आगे की treatment strategy तय करने में सहायता मिल सकती है। Joint Replacement जब किसी joint की समस्या गंभीर रूप से mobility और quality of life को प्रभावित करती है, तो कुछ patients में joint replacement एक treatment option हो सकता है। Dr. Jaiswal की listed specialty में Joint Replacement शामिल है। Sports Injuries Sports और physical activities के दौरान ligament, cartilage और अन्य musculoskeletal injuries होने की संभावना रहती है। इन injuries के diagnosis और treatment में Arthroscopy & Sports Injury Care में भूमिका निभाती है। Dr. Jaiswal की profile में भी Arthroscopy & Sports Injury उनकी प्रमुख clinical specialties में शामिल है। Arthroscopy Arthroscopy एक minimally invasive surgical technique है जिसका उपयोग कुछ joint conditions और sports injuries के evaluation तथा treatment में किया जाता है। सही procedure का निर्णय patient की specific condition और clinical assessment पर निर्भर करता है। Robotic Surgery Modern orthopaedic surgery में robotic technology surgical planning और procedure के कुछ aspects में सहायता कर सकती है। Dr. Jaiswal की current Max profile में Robotic Surgery भी उनकी specialty के अंतर्गत listed है। Patient-Centred Orthopedic Care एक अच्छा healthcare experience केवल treatment तक सीमित नहीं होता। Patient को अपनी condition, available options और expected treatment pathway को समझना भी महत्वपूर्ण है। Available patient reviews में Dr. Rishabh Jaiswal के बारे में कई reviewers ने उनकी friendly communication, patience और treatment/process को स्पष्ट तरीके से समझाने की बात कही है। ये reviews third-party user experiences हैं और individual experiences अलग हो सकते हैं। Advanced Orthopedic Treatment के साथ Modern Approach आज orthopaedics केवल pain management तक सीमित नहीं है। आधुनिक orthopedic care में diagnosis, rehabilitation, minimally invasive procedures, joint replacement और technology-assisted surgical approaches जैसी अलग-अलग possibilities शामिल हो सकती हैं। Dr. Rishabh K. Jaiswal की listed expertise में: Orthopaedics Joint Replacement Arthroscopy Sports Injury Management Robotic Surgery शामिल हैं। Max Super Speciality Hospital, Lucknow Dr. Rishabh Jaiswal वर्तमान में Max Super Speciality Hospital, Lucknow से जुड़े हुए हैं। Hospital की official information के अनुसार यह 426-bed multidisciplinary tertiary-care hospital है और इसमें multiple medical specialties के साथ advanced diagnostic और therapeutic facilities उपलब्ध हैं। Hospital का address Hahnemann Chauraha Road, Viraj Khand-1, Gomti Nagar, Lucknow, Uttar Pradesh 226010 दिया गया है। कब Orthopedic Doctor से सलाह लेनी चाहिए? यदि आपको लंबे समय से: घुटने या joint में दर्द चलने-फिरने में परेशानी बार-बार होने वाली sports injury joint stiffness चोट के बाद लगातार discomfort joint-related mobility problem जैसी समस्या है, तो orthopedic specialist से clinical evaluation लेना उचित हो सकता है। हर दर्द का कारण अलग हो सकता है, इसलिए बिना diagnosis के स्वयं treatment या exercise शुरू करने के बजाय qualified medical professional से सलाह लेना बेहतर है। आपकी Mobility, आपकी Quality of Life स्वस्थ joints और अच्छी mobility हमारे daily life का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। चाहे समस्या sports injury से जुड़ी हो, joint degeneration से या किसी surgical intervention की आवश्यकता से—सही diagnosis और personalized treatment planning recovery journey को बेहतर तरीके से guide कर सकती है। Dr. Rishabh K. Jaiswal की orthopedic practice joint replacement, arthroscopy, sports injuries और robotic surgery सहित विभिन्न orthopaedic specialties पर केंद्रित है। MOVE BETTER. LIVE BETTER. Dr. Rishabh K. Jaiswal Senior Consultant – Orthopaedic Surgery Orthopaedics & Joint Replacement | Arthroscopy & Sports Injury Care | Advanced Robotic Surgery Max Super Speciality Hospital, Lucknow Hahnemann Chauraha Road, Viraj Khand-1, Gomti Nagar, Lucknow – 226010
Lucknow Desk: सरकार ने 16 दवाओं पर लगाया प्रतिबंध केंद्र सरकार ने देशभर में इस्तेमाल होने वाली 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इन दवाओं का इस्तेमाल लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। सरकार ने कहा कि इन दवाओं का कोई स्पष्ट चिकित्सीय लाभ नहीं मिला, इसलिए इनके निर्माण, बिक्री और वितरण पर रोक लगाई गई है। क्या होती हैं FDC दवाएं फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन यानी FDC दवाएं वे होती हैं जिनमें दो या उससे अधिक दवाओं को मिलाकर एक दवा तैयार की जाती है। कई मामलों में ये कॉम्बिनेशन मरीजों के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन कुछ दवाओं के मिश्रण से शरीर पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों की जांच में पाया गया कि प्रतिबंधित दवाओं के कॉम्बिनेशन वैज्ञानिक मानकों पर सही नहीं उतरे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्यों लिया फैसला सरकार ने यह फैसला विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया है। जांच में सामने आया कि इन दवाओं के सेवन से एलर्जी, लीवर डैमेज, पेट संबंधी समस्याएं और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। कौन-कौन सी दवाएं हुईं बैन प्रतिबंधित दवाओं में कई दर्द निवारक, एंटीबायोटिक और स्किन प्रोडक्ट कॉम्बिनेशन शामिल हैं। इनमें “Amoxicillin + Serratiopeptidase”, “Paracetamol + Lignocaine” और “Dicyclomine + Paracetamol + Clidinium Bromide” जैसे कॉम्बिनेशन शामिल बताए गए हैं। सरकार ने मेडिकल स्टोरों को इन दवाओं की बिक्री तुरंत रोकने का निर्देश दिया है। डॉक्टरों ने फैसले का किया स्वागत स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने सरकार के इस फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि कई बार मरीज बिना सही सलाह के ऐसी दवाओं का सेवन कर लेते हैं, जिससे शरीर पर बुरा असर पड़ता है। डॉक्टरों के मुताबिक किसी भी दवा का उपयोग वैज्ञानिक जांच और मेडिकल रिसर्च के आधार पर ही होना चाहिए। बिना डॉक्टर सलाह दवा लेना खतरनाक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बड़ी संख्या में लोग छोटी-मोटी बीमारी में सीधे मेडिकल स्टोर से दवा खरीद लेते हैं। यह आदत कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देती है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें। फार्मा कंपनियों पर पड़ेगा असर सरकार के इस फैसले का असर दवा कंपनियों पर भी पड़ सकता है। जिन कंपनियों की बिक्री इन दवाओं पर निर्भर थी, उन्हें आर्थिक नुकसान होने की संभावना है। हालांकि सरकार का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है और किसी भी जोखिम वाली दवा को बाजार में रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश स्वास्थ्य मंत्रालय ने मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री तुरंत बंद की जाए। यदि किसी दुकान में ये दवाएं पाई जाती हैं तो कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही लोगों से कहा गया है कि यदि उनके पास ऐसी दवाएं मौजूद हैं तो उनका इस्तेमाल बंद कर डॉक्टर से सलाह लें। पहले भी लग चुके हैं कई बैन यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने किसी दवा पर प्रतिबंध लगाया हो। इससे पहले भी कई फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवाओं पर रोक लगाई जा चुकी है। सरकार लगातार दवा बाजार पर निगरानी बढ़ा रही है ताकि लोगों को सुरक्षित और प्रभावी दवाएं मिल सकें। स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम विशेषज्ञों के अनुसार सरकार का यह फैसला लोगों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे दवा कंपनियों की जवाबदेही बढ़ेगी और मरीजों में भी जागरूकता आएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि सुरक्षित दवाओं का इस्तेमाल ही बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे बड़ी जरूरत है।
Lucknow Desk: अगर आप बाजार में समोसे, कचौड़ी या जलेबी खरीदते समय उन्हें अखबार में पैक करवाते हैं, या घर में पराठे और स्नैक्स अखबार में लपेटकर रखते हैं, तो अब सावधान हो जाइए। यह आदत आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसी वजह से भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने अखबार में खाना परोसने और पैक करने के खिलाफ चेतावनी जारी की है। दरअसल, अखबार की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही में कई तरह के हानिकारक रसायन मौजूद होते हैं। जब गर्म या तेलयुक्त खाना सीधे अखबार के संपर्क में आता है, तो ये केमिकल खाने में मिल सकते हैं। इसके बाद यही जहरीले तत्व हमारे शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं और धीरे-धीरे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। FSSAI का कहना है कि अखबार या किसी भी तरह के प्रिंटेड पेपर का इस्तेमाल खाने की पैकेजिंग के लिए नहीं किया जाना चाहिए। यह नियम नया नहीं है। इससे पहले भी साल 2016 और 2019 में खाद्य सुरक्षा एजेंसी ने लोगों को इस खतरे के प्रति आगाह किया था। खाद्य सुरक्षा एवं मानक (पैकेजिंग) विनियम, 2018 के तहत भी खाने को अखबार में रखना या लपेटना पूरी तरह प्रतिबंधित है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अखबार की स्याही में कुछ ऐसे रसायन पाए जाते हैं जो लंबे समय तक शरीर में जाने पर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं। इनमें कुछ ऐसे केमिकल भी शामिल हैं जो रंगाई, पेंट, प्लास्टिक और रबर उद्योगों में इस्तेमाल किए जाते हैं। यही वजह है कि लगातार ऐसे दूषित भोजन का सेवन स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा माना जाता है। सिर्फ कैंसर ही नहीं, अखबार में पैक खाना आपके पाचन तंत्र को भी नुकसान पहुंचा सकता है। पुराने अखबारों पर धूल, गंदगी और कई तरह के सूक्ष्मजीव मौजूद हो सकते हैं। जब ये खाने के संपर्क में आते हैं तो फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और अन्य संक्रमण की समस्या पैदा हो सकती है। इसके अलावा इन रसायनों का असर शरीर के दूसरे अंगों पर भी पड़ता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जहरीले तत्वों के लगातार संपर्क से दिमाग और किडनी भी प्रभावित हो सकती हैं। शरीर में विषैले पदार्थों के जमा होने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और लंबे समय में यह गंभीर समस्या का रूप ले सकता है। बच्चों, बुजुर्गों, किशोरों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए यह खतरा और भी ज्यादा है। ऐसे लोगों में इन रसायनों का असर तेजी से दिखाई दे सकता है और गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए अगली बार जब आप कोई खाद्य पदार्थ खरीदें या पैक करें, तो अखबार की जगह फूड-ग्रेड पेपर, बटर पेपर, एल्युमिनियम फॉयल या सुरक्षित पैकेजिंग सामग्री का इस्तेमाल करें। छोटी सी सावधानी आपको और आपके परिवार को बड़े स्वास्थ्य जोखिमों से बचा सकती है।