Lucknow Desk: भारतीय पुरुषों में पेट निकलना आज एक बहुत सामान्य समस्या बन चुकी है। पहले यह समस्या अधिक उम्र के लोगों में दिखाई देती थी, लेकिन अब 25–30 साल के युवाओं में भी बढ़ता हुआ पेट आम बात हो गई है। कई लोग इसे सिर्फ ज्यादा खाने का परिणाम मानते हैं, जबकि वास्तविकता इससे कहीं अधिक जटिल है। पेट निकलने के पीछे खान-पान, जीवनशैली, मानसिक तनाव, हार्मोन, नींद और शारीरिक गतिविधि की कमी जैसे कई कारण जिम्मेदार होते हैं।
सबसे बड़ा कारण आधुनिक जीवनशैली है। आज अधिकांश लोग घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं। ऑफिस जॉब, मोबाइल और कंप्यूटर के बढ़ते उपयोग ने शारीरिक गतिविधियों को बहुत कम कर दिया है। शरीर जब पर्याप्त मात्रा में कैलोरी खर्च नहीं करता, तब अतिरिक्त ऊर्जा चर्बी के रूप में जमा होने लगती है। यह चर्बी सबसे पहले पेट के आसपास दिखाई देती है। भारतीय पुरुषों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है क्योंकि शरीर की संरचना ऐसी होती है कि फैट आसानी से पेट के हिस्से में जमा होता है।
खान-पान की आदतें भी एक प्रमुख कारण हैं। भारतीय भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अक्सर अधिक होती है, जैसे चावल, रोटी, आलू और मीठे पदार्थ। इसके अलावा तला-भुना खाना, फास्ट फूड, नमकीन, मिठाइयाँ और मीठे पेय पदार्थ वजन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई लोग देर रात भोजन करते हैं और खाने के तुरंत बाद सो जाते हैं, जिससे भोजन ठीक से पच नहीं पाता और शरीर में फैट जमा होने लगता है। बाहर का प्रोसेस्ड फूड भी पेट की चर्बी बढ़ाने में योगदान देता है।
तनाव और मानसिक दबाव भी पेट निकलने का एक बड़ा कारण है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का दबाव, आर्थिक चिंता और पारिवारिक जिम्मेदारियाँ मानसिक तनाव बढ़ाती हैं। तनाव के दौरान शरीर में cortisol नामक हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो पेट के आसपास फैट जमा करने में मदद करता है। कई लोग तनाव में ज्यादा खाना खाने लगते हैं, जिसे emotional eating कहा जाता है। यह आदत धीरे-धीरे वजन बढ़ाने लगती है।
नींद की कमी भी एक महत्वपूर्ण कारण है। पर्याप्त नींद न लेने से शरीर का metabolism प्रभावित होता है। कम नींद लेने पर भूख बढ़ाने वाले हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति अधिक भोजन करने लगता है। इसके अलावा थकान के कारण व्यायाम करने की इच्छा भी कम हो जाती है। लगातार कम नींद लेने से वजन बढ़ने और पेट निकलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
उम्र बढ़ने के साथ भी पेट निकलने की समस्या बढ़ती है। 30 वर्ष की उम्र के बाद शरीर की चयापचय प्रक्रिया धीरे-धीरे धीमी होने लगती है। मांसपेशियाँ कम होने लगती हैं और फैट जमा होने लगता है। यदि इस समय व्यक्ति नियमित व्यायाम और संतुलित भोजन पर ध्यान नहीं देता, तो पेट तेजी से बढ़ सकता है।
शराब और मीठे पेय पदार्थों का सेवन भी पेट बढ़ाने का एक बड़ा कारण है। बीयर, शराब, कोल्ड ड्रिंक और अत्यधिक चीनी वाली चाय या कॉफी शरीर में अतिरिक्त कैलोरी बढ़ाती हैं। इन पेय पदार्थों से मिलने वाली कैलोरी जल्दी फैट में बदल जाती है, विशेषकर पेट के आसपास।
पेट निकलना केवल सुंदरता का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक हो सकता है। पेट की अधिक चर्बी से उच्च रक्तचाप, फैटी लिवर और हृदय रोग जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए समय रहते जीवनशैली में सुधार करना बहुत जरूरी है।
नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण पेट कम करने के सबसे प्रभावी उपाय हैं। यदि व्यक्ति रोजाना थोड़ा चलना-फिरना शुरू करे, जंक फूड कम करे और नियमित रूप से व्यायाम करे, तो पेट की चर्बी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: भारतीय पुरुषों में पेट निकलना आज एक बहुत सामान्य समस्या बन चुकी है। पहले यह समस्या अधिक उम्र के लोगों में दिखाई देती थी, लेकिन अब 25–30 साल के युवाओं में भी बढ़ता हुआ पेट आम बात हो गई है। कई लोग इसे सिर्फ ज्यादा खाने का परिणाम मानते हैं, जबकि वास्तविकता इससे कहीं अधिक जटिल है। पेट निकलने के पीछे खान-पान, जीवनशैली, मानसिक तनाव, हार्मोन, नींद और शारीरिक गतिविधि की कमी जैसे कई कारण जिम्मेदार होते हैं। सबसे बड़ा कारण आधुनिक जीवनशैली है। आज अधिकांश लोग घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं। ऑफिस जॉब, मोबाइल और कंप्यूटर के बढ़ते उपयोग ने शारीरिक गतिविधियों को बहुत कम कर दिया है। शरीर जब पर्याप्त मात्रा में कैलोरी खर्च नहीं करता, तब अतिरिक्त ऊर्जा चर्बी के रूप में जमा होने लगती है। यह चर्बी सबसे पहले पेट के आसपास दिखाई देती है। भारतीय पुरुषों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है क्योंकि शरीर की संरचना ऐसी होती है कि फैट आसानी से पेट के हिस्से में जमा होता है। खान-पान की आदतें भी एक प्रमुख कारण हैं। भारतीय भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अक्सर अधिक होती है, जैसे चावल, रोटी, आलू और मीठे पदार्थ। इसके अलावा तला-भुना खाना, फास्ट फूड, नमकीन, मिठाइयाँ और मीठे पेय पदार्थ वजन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई लोग देर रात भोजन करते हैं और खाने के तुरंत बाद सो जाते हैं, जिससे भोजन ठीक से पच नहीं पाता और शरीर में फैट जमा होने लगता है। बाहर का प्रोसेस्ड फूड भी पेट की चर्बी बढ़ाने में योगदान देता है। तनाव और मानसिक दबाव भी पेट निकलने का एक बड़ा कारण है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का दबाव, आर्थिक चिंता और पारिवारिक जिम्मेदारियाँ मानसिक तनाव बढ़ाती हैं। तनाव के दौरान शरीर में cortisol नामक हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो पेट के आसपास फैट जमा करने में मदद करता है। कई लोग तनाव में ज्यादा खाना खाने लगते हैं, जिसे emotional eating कहा जाता है। यह आदत धीरे-धीरे वजन बढ़ाने लगती है। नींद की कमी भी एक महत्वपूर्ण कारण है। पर्याप्त नींद न लेने से शरीर का metabolism प्रभावित होता है। कम नींद लेने पर भूख बढ़ाने वाले हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति अधिक भोजन करने लगता है। इसके अलावा थकान के कारण व्यायाम करने की इच्छा भी कम हो जाती है। लगातार कम नींद लेने से वजन बढ़ने और पेट निकलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उम्र बढ़ने के साथ भी पेट निकलने की समस्या बढ़ती है। 30 वर्ष की उम्र के बाद शरीर की चयापचय प्रक्रिया धीरे-धीरे धीमी होने लगती है। मांसपेशियाँ कम होने लगती हैं और फैट जमा होने लगता है। यदि इस समय व्यक्ति नियमित व्यायाम और संतुलित भोजन पर ध्यान नहीं देता, तो पेट तेजी से बढ़ सकता है। शराब और मीठे पेय पदार्थों का सेवन भी पेट बढ़ाने का एक बड़ा कारण है। बीयर, शराब, कोल्ड ड्रिंक और अत्यधिक चीनी वाली चाय या कॉफी शरीर में अतिरिक्त कैलोरी बढ़ाती हैं। इन पेय पदार्थों से मिलने वाली कैलोरी जल्दी फैट में बदल जाती है, विशेषकर पेट के आसपास। पेट निकलना केवल सुंदरता का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक हो सकता है। पेट की अधिक चर्बी से उच्च रक्तचाप, फैटी लिवर और हृदय रोग जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए समय रहते जीवनशैली में सुधार करना बहुत जरूरी है। नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण पेट कम करने के सबसे प्रभावी उपाय हैं। यदि व्यक्ति रोजाना थोड़ा चलना-फिरना शुरू करे, जंक फूड कम करे और नियमित रूप से व्यायाम करे, तो पेट की चर्बी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
Lucknow Desk: धुंध से भरा आसमान, सड़क पर ट्रैफिक और चेहरे पर मास्क...आजकल हवा में घुला ज़हर न सिर्फ सांसों को, बल्कि दिल को भी नुकसान पहुँचा रहा है। सर्दियों में तापमान गिरने, हवा भारी होने और धुएं-धूल के कणों के जमीन के पास जमा हो जाने से AQI और भी खराब हो जाता है। इसके अलावा ट्रैफिक, फायर क्रैकर्स, फैक्ट्री स्मोक और कचरा जलाने जैसी एक्टिविटी की वजह से प्रदूषण और बढ़ जाता है। अगर आप हार्ट के मरीज हैं, तो प्रदूषण के बढ़ते स्तर में आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। 1. बाहर निकलने का समय चुनें सुबह-सुबह और शाम के वक्त हवा में प्रदूषण ज़्यादा होता है। इन समयों में बाहर निकलने से बचें। जरूरत पड़े तो दोपहर या कम ट्रैफिक वाले समय में बाहर जाएं। 2. मास्क ज़रूर पहनें साधारण कपड़े का नहीं — N95 या N99 मास्क का इस्तेमाल करें। यह हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों (PM2.5) से बचाव करता है, जो दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर पर असर डाल सकते हैं। 3. घर के अंदर की हवा भी साफ रखें घर में एयर प्यूरीफायर लगाएं या पौधे जैसे स्नेक प्लांट, मनी प्लांट रखें। खिड़कियां सिर्फ तब खोलें जब बाहर की हवा थोड़ी साफ हो। 4. पर्याप्त पानी और पौष्टिक आहार लें प्रदूषण शरीर में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस बढ़ाता है। विटामिन C, E, और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर आहार — जैसे फल, सब्जियां और नट्स — दिल की रक्षा करते हैं। 5. दवाएं समय पर लें और चेकअप करवाएं प्रदूषण ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ा सकता है। इसलिए डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं नियमित लें और समय-समय पर ईसीजी या चेकअप करवाते रहें। 6. धूम्रपान और इनडोर प्रदूषण से भी बचें सिगरेट, अगरबत्ती या लकड़ी के धुएं से घर के अंदर की हवा और खराब हो सकती है। दिल को मजबूत रखने के लिए सिर्फ दवा नहीं, साफ हवा भी ज़रूरी है।