जापान की प्रधानमंत्री का भारत दौरा दोनों देशों के रिश्तों के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरे के दौरान भारत और जापान के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत होगी।
प्रधानमंत्री मोदी से होगी मुलाकात
भारत दौरे के दौरान जापान की प्रधानमंत्री भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। इसके अलावा दोनों देश भविष्य की साझेदारी को लेकर नई योजनाओं पर भी बात कर सकते हैं।
व्यापार और निवेश पर रहेगा जोर
भारत और जापान के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। जापान भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी क्षेत्र में बड़ा निवेश कर रहा है। इस दौरे में निवेश बढ़ाने और नई परियोजनाओं को गति देने पर चर्चा हो सकती है।
रक्षा सहयोग पर भी होगी बातचीत
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है। भारत और जापान रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर बातचीत कर सकते हैं।
बुलेट ट्रेन परियोजना पर नजर
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में जापान की बड़ी भूमिका है। इस दौरे में इस परियोजना की प्रगति और भविष्य की इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं पर भी चर्चा हो सकती है।
तकनीक और सेमीकंडक्टर में सहयोग
भारत और जापान सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा सकते हैं। इससे भारत में रोजगार और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर साझा रणनीति
भारत और जापान दोनों क्वाड के सदस्य हैं। ऐसे में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों पर भी दोनों देशों के बीच बातचीत होने की संभावना है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
जापान की प्रधानमंत्री का भारत दौरा दोनों देशों के रिश्तों के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरे के दौरान भारत और जापान के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत होगी। प्रधानमंत्री मोदी से होगी मुलाकात भारत दौरे के दौरान जापान की प्रधानमंत्री भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। इसके अलावा दोनों देश भविष्य की साझेदारी को लेकर नई योजनाओं पर भी बात कर सकते हैं। व्यापार और निवेश पर रहेगा जोर भारत और जापान के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। जापान भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी क्षेत्र में बड़ा निवेश कर रहा है। इस दौरे में निवेश बढ़ाने और नई परियोजनाओं को गति देने पर चर्चा हो सकती है। रक्षा सहयोग पर भी होगी बातचीत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है। भारत और जापान रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर बातचीत कर सकते हैं। बुलेट ट्रेन परियोजना पर नजर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में जापान की बड़ी भूमिका है। इस दौरे में इस परियोजना की प्रगति और भविष्य की इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं पर भी चर्चा हो सकती है। तकनीक और सेमीकंडक्टर में सहयोग भारत और जापान सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा सकते हैं। इससे भारत में रोजगार और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्रीय सुरक्षा पर साझा रणनीति भारत और जापान दोनों क्वाड के सदस्य हैं। ऐसे में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों पर भी दोनों देशों के बीच बातचीत होने की संभावना है।
Lucknow Desk: दक्षिण अमेरिकी देश Venezuela में आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 235 हो गई है, जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं। कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है क्योंकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बड़े झटके जानकारी के मुताबिक 25 जून 2026 को Venezuela के उत्तरी हिस्से में लगातार दो शक्तिशाली भूकंप आए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार पहले भूकंप की तीव्रता 7.2 और दूसरे की 7.5 मापी गई। दोनों झटकों के बीच बहुत कम समय का अंतर था, जिसके कारण लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। तेज कंपन के चलते कई इमारतें कुछ ही सेकंड में जमींदोज हो गईं। राजधानी Caracas समेत कई शहर प्रभावित राजधानी Caracas और तटीय इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कई रिहायशी इमारतें, अस्पताल, स्कूल और सरकारी भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सड़कों पर मलबा जमा होने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ है। कई क्षेत्रों में बिजली और इंटरनेट सेवाएं भी ठप हो गई हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राहत और बचाव अभियान तेज भूकंप के तुरंत बाद सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत कार्यों में जुट गईं। बचाव दल भारी मशीनों और खोजी कुत्तों की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सरकार ने कई अस्थायी राहत शिविर बनाए हैं, जहां प्रभावित लोगों को भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पतालों में बढ़ा दबाव भूकंप में घायल हुए लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। कई अस्पतालों को भी नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण इलाज में दिक्कतें आ रही हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ इलाकों में दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की कमी भी सामने आई है। आफ्टरशॉक्स से लोगों में डर मुख्य भूकंप के बाद लगातार आफ्टरशॉक्स महसूस किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की सलाह दी है। कई लोग डर के कारण खुले मैदानों और सड़कों पर रात बिताने को मजबूर हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में और झटके महसूस किए जा सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय मदद की पेशकश इस बड़ी त्रासदी के बाद कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने Venezuela की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। राहत सामग्री और मेडिकल सहायता भेजी जा रही है। दुनिया भर के नेताओं ने इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की है और प्रभावित परिवारों के प्रति समर्थन जताया है।
Lucknow Desk: मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका की एक खुफिया रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हालिया संघर्षों के बाद ईरान की सैन्य और रणनीतिक क्षमता पहले की तुलना में कहीं ज्यादा मजबूत हो गई है। अमेरिकी एजेंसियों का मानना है कि ईरान अब खाड़ी क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर चुका है और जरूरत पड़ने पर वह होर्मुज स्ट्रेट में तेल सप्लाई को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल है। फारस की खाड़ी से निकलने वाला ज्यादातर कच्चा तेल इसी रास्ते से दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। हर दिन लाखों बैरल तेल इस समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में अगर यहां किसी तरह का तनाव बढ़ता है तो उसका असर सीधे वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है। अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने हाल के वर्षों में अपने ड्रोन नेटवर्क, मिसाइल सिस्टम और समुद्री सुरक्षा तंत्र को तेजी से मजबूत किया है। खासतौर पर ईरानी नौसेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान अब छोटे लेकिन बेहद तेज युद्धपोतों और एडवांस मिसाइल तकनीक के जरिए किसी भी बड़े समुद्री ऑपरेशन को चुनौती देने की स्थिति में पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के लिए पूरे होर्मुज स्ट्रेट को लंबे समय तक बंद रखना आसान नहीं होगा, लेकिन वह सीमित समय के लिए तेल सप्लाई को बाधित जरूर कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो दुनिया भर में तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है। इससे सबसे ज्यादा असर उन देशों पर पड़ेगा जो खाड़ी क्षेत्र के तेल पर निर्भर हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान अब केवल सैन्य ताकत के जरिए ही नहीं बल्कि अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के माध्यम से भी प्रभाव बढ़ा रहा है। यमन, लेबनान और इराक में सक्रिय कई संगठन ईरान के करीबी माने जाते हैं। अमेरिकी एजेंसियों को डर है कि किसी बड़े तनाव की स्थिति में ये समूह भी क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ाने में भूमिका निभा सकते हैं। मध्य-पूर्व में लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है। परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध और क्षेत्रीय राजनीति को लेकर दोनों देशों के रिश्ते लगातार खराब रहे हैं। इसी बीच ईरान कई बार यह संकेत दे चुका है कि यदि उस पर दबाव बढ़ाया गया तो वह होर्मुज स्ट्रेट को लेकर सख्त कदम उठा सकता है।