INDIA

Karnataka की सियासत में बड़ा सस्पेंस, चार डिप्टी सीएम फॉर्मूला और नेतृत्व बदलाव की अटकलें?

TV 24 Network May 27, 2026 0
Karnataka News
Karnataka News

Lucknow Desk: कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत दे रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं ने राज्य के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। इसी बीच एक नया फॉर्मूला सामने आया है, जिसमें कहा जा रहा है कि राज्य में एक नहीं बल्कि चार उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।

 

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व जातीय और सामाजिक संतुलन को साधने के लिए इस नए मॉडल पर विचार कर रहा है। प्रस्तावित फॉर्मूले में दलित, ओबीसी, लिंगायत और अल्पसंख्यकचारों वर्गों से एक-एक उपमुख्यमंत्री बनाने की बात सामने आ रही है। इसका मकसद सभी बड़े सामाजिक समूहों को सरकार में प्रतिनिधित्व देना बताया जा रहा है।

 

अगर संभावित नामों की बात करें तो दलित कोटे से कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे का नाम चर्चा में है। ओबीसी वर्ग से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया का नाम सामने आ रहा है। वहीं लिंगायत समुदाय से एम बी पाटिल और ईश्वर खंड्रे को संभावित माना जा रहा है। अल्पसंख्यक कोटे से के जे जॉर्ज, यू टी खादर और जामीर अहमद खान के नाम भी रेस में बताए जा रहे हैं।

 

इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सबसे अहम चर्चा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच होने वाली ब्रेकफास्ट मीटिंग को लेकर है। यह बैठक बेंगलुरु स्थित मुख्यमंत्री के सरकारी आवास कावेरीमें होने वाली है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद दोनों नेता एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं, जिसमें नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही सभी अटकलों पर स्थिति साफ की जा सकती है।

 

यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसीदेखने को मिल रही है। इससे पहले भी दिसंबर 2025 में दोनों नेताओं के बीच ऐसी बैठक हो चुकी है, जिसमें पार्टी ने एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की थी। उस समय भी मुख्यमंत्री पद की अदला-बदली को लेकर काफी चर्चा थी।

 

सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में इस मुद्दे पर गंभीर मंथन चल रहा है। कहा जा रहा है कि पार्टी नेता राहुल गांधी ने सिद्धारमैया से मुख्यमंत्री पद छोड़ने पर चर्चा की है, ताकि डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जा सके। साथ ही सिद्धारमैया को केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका और उनके बेटे यतींद्र को उपमुख्यमंत्री पद देने जैसे विकल्पों पर भी विचार हो रहा है।

 

हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से किसी भी तरह की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन राजनीतिक हलचल और नेताओं के बीच बढ़ती गतिविधियों ने यह साफ कर दिया है कि कर्नाटक की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

Tags

Siddaramaiah Karnataka-Politics Karnataka-News DK-Shiv-Kumar Rahul-gandhi Breaking-News
Popular post
Bihar Chunav से पहले Anant Singh की बढ़ी मुश्किलें, दुलार चंद यादव के हत्या मामले में फंसे बाहुबली

Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।

नाती अगस्त्य की Ikkis का ट्रेलर देखकर इमोशनल हुए Amitabh Bachchan!

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।

Brijbhushan Sharan Singh के हेलीकॉप्टर की खेत में इमरजेंसी लैंडिंग! इस वजह से बिगड़ा संतुलन

Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद

अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति

Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।

Shahrukh Khan ने मनाया 60वां जन्मदिन, विदेशों से भी जुटे फैंस

Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।

Karnataka News
Karnataka की सियासत में बड़ा सस्पेंस, चार डिप्टी सीएम फॉर्मूला और नेतृत्व बदलाव की अटकलें?

Lucknow Desk: कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत दे रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं ने राज्य के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। इसी बीच एक नया फॉर्मूला सामने आया है, जिसमें कहा जा रहा है कि राज्य में एक नहीं बल्कि चार उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।   सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व जातीय और सामाजिक संतुलन को साधने के लिए इस नए मॉडल पर विचार कर रहा है। प्रस्तावित फॉर्मूले में दलित, ओबीसी, लिंगायत और अल्पसंख्यक—चारों वर्गों से एक-एक उपमुख्यमंत्री बनाने की बात सामने आ रही है। इसका मकसद सभी बड़े सामाजिक समूहों को सरकार में प्रतिनिधित्व देना बताया जा रहा है।   अगर संभावित नामों की बात करें तो दलित कोटे से कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे का नाम चर्चा में है। ओबीसी वर्ग से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया का नाम सामने आ रहा है। वहीं लिंगायत समुदाय से एम बी पाटिल और ईश्वर खंड्रे को संभावित माना जा रहा है। अल्पसंख्यक कोटे से के जे जॉर्ज, यू टी खादर और जामीर अहमद खान के नाम भी रेस में बताए जा रहे हैं।   इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सबसे अहम चर्चा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच होने वाली ब्रेकफास्ट मीटिंग को लेकर है। यह बैठक बेंगलुरु स्थित मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘कावेरी’ में होने वाली है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद दोनों नेता एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं, जिसमें नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही सभी अटकलों पर स्थिति साफ की जा सकती है।   यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की ‘ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी’ देखने को मिल रही है। इससे पहले भी दिसंबर 2025 में दोनों नेताओं के बीच ऐसी बैठक हो चुकी है, जिसमें पार्टी ने एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की थी। उस समय भी मुख्यमंत्री पद की अदला-बदली को लेकर काफी चर्चा थी।   सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में इस मुद्दे पर गंभीर मंथन चल रहा है। कहा जा रहा है कि पार्टी नेता राहुल गांधी ने सिद्धारमैया से मुख्यमंत्री पद छोड़ने पर चर्चा की है, ताकि डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जा सके। साथ ही सिद्धारमैया को केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका और उनके बेटे यतींद्र को उपमुख्यमंत्री पद देने जैसे विकल्पों पर भी विचार हो रहा है।   हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से किसी भी तरह की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन राजनीतिक हलचल और नेताओं के बीच बढ़ती गतिविधियों ने यह साफ कर दिया है कि कर्नाटक की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

TV 24 Network May 27, 2026 0
Rajiv Krishna, Renuka Mishra, Piyush Anand

Uttar Pradesh को जल्द मिल सकता है स्थायी DGP, तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम सबसे आगे

Cockroach Janata Party

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) विवाद: सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ी लोकप्रियता, फिर अकाउंट ब्लॉक होने का दावा

Humayun Kabir

West Bengal में कुर्बानी और खुले में नमाज पर सियासत तेज, सुवेंदु को Humayun Kabir ने दी चेतावनी

PM Modi Cabinet Meeting
PM Modi Cabinet Meeting: विदेश दौरे से लौटते ही पीएम मोदी की बड़ी बैठक, क्या होने वाला है कोई बड़ा फैसला?

Lucknow Desk: विदेश दौरे से लौटने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम साढ़े चार बजे दिल्ली के सेवा तीर्थ में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक की अध्यक्षता करने वाले हैं। इस बैठक को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर काफी चर्चा है। माना जा रहा है कि इसमें केंद्र सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री शामिल होंगे।   इस बैठक की खास बात यह है कि यह ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में लगातार तनाव बना हुआ है और उसके असर को लेकर भारत सरकार भी सतर्क नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक में तेल की बढ़ती कीमतों, ईंधन आपूर्ति पर संभावित असर और महंगाई से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। सरकार इस बात पर नजर बनाए हुए है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर कम से कम पड़े।   साथ ही इस बैठक को कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मोदी सरकार 3.0 के एक साल पूरे होने से पहले मंत्रिमंडल विस्तार और बदलाव की अटकलें लगातार तेज हैं। सूत्रों की मानें तो जून के दूसरे सप्ताह में मंत्रिपरिषद में कुछ बदलाव संभव हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले सरकार मंत्रालयों के कामकाज और उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा भी कर रही है।   बैठक में मौजूदा परिस्थितियों का आकलन भी किया जाएगा। सरकार पहले ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय अनौपचारिक समूह बना चुकी है, जो वैश्विक हालात और भारत पर उसके प्रभाव की निगरानी कर रहा है। इस समूह में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल हैं। हाल ही में राजनाथ सिंह ने कहा था कि सरकार चौबीसों घंटे हालात पर नजर रख रही है और देश में कच्चे तेल, ऊर्जा और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है।   करीब 11 महीने बाद हो रही इस मंत्रिपरिषद बैठक को प्रशासनिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है। बैठक लगभग चार से पांच घंटे चल सकती है। इसमें ऊर्जा, वित्त, रेलवे, वाणिज्य, श्रम, कृषि, वन एवं पर्यावरण, सड़क परिवहन, परमाणु ऊर्जा और डीपीआईआईटी समेत कई मंत्रालयों की ओर से प्रेजेंटेशन दिए जाने की संभावना है।   जानकारी के अनुसार सभी मंत्रालय पहले ही पिछले दो वर्षों में किए गए सुधारों और उपलब्धियों की रिपोर्ट कैबिनेट सचिवालय को सौंप चुके हैं। अब बैठक में आगे की रणनीति और आने वाले सुधारों का रोडमैप भी रखा जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान सरकार के अगले एजेंडे और प्राथमिकताओं पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दे सकते हैं।   ऐसे में अब सबकी नजर इस बैठक पर टिकी है कि क्या यह सिर्फ समीक्षा बैठक होगी या फिर इसके बाद सरकार कोई बड़ा राजनीतिक या प्रशासनिक फैसला भी ले सकती है।

TV 24 Network May 21, 2026 0
Jahangir Khan

Bengal उपचुनाव से पहले TMC को झटका, Jahangir Khan ने नाम लिया वापस

Teachers Recruitment Protest

Lucknow News: 69 हजार शिक्षक भर्ती मामला पर लखनऊ में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री आवास का किया घेराव

BJP MLA Rekha Patra

Bengal में BJP विधायक ने मांगा गाय का बर्थ सर्टिफिकेट, TMC सांसद ने ली चुटकी

Lucknow
Lucknow में वकीलों के चैंबर पर चला बुलडोजर, हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुआ एक्शन!

Lucknow Desk: लखनऊ में रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब जिला कोर्ट परिसर और उसके आसपास नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम बुलडोजर लेकर पहुंच गई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की गई, जिसके तहत करीब 240 अवैध चैम्बर और दुकानों को हटाया जा रहा है। कार्रवाई शुरू होते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में वकील विरोध में उतर आए।   दरअसल, नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ सुबह-सुबह कोर्ट परिसर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। देखते ही देखते बुलडोजर अवैध निर्माणों पर चलने लगा। प्रशासन का कहना है कि जिला कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में लंबे समय से अवैध निर्माण की शिकायतें मिल रही थीं। सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक जगहों पर बनाए गए चैम्बर और दुकानों की वजह से आम लोगों, वादकारियों और खुद वकीलों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।   नगर निगम ने पहले ऐसे करीब 240 निर्माण चिन्हित किए थे, जिन्हें नियमों के खिलाफ बताया गया। इनमें कई वकीलों के चैम्बर भी शामिल हैं। प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के बाद की जा रही है और इससे पहले नोटिस की प्रक्रिया भी पूरी की गई थी।   लेकिन जैसे ही बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई, बड़ी संख्या में वकील मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकीलों का आरोप है कि बिना उचित सूचना दिए उनके चैम्बर तोड़े जा रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को पहले बातचीत करनी चाहिए थी। विरोध बढ़ने पर वकीलों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।   स्थिति उस वक्त और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ वकीलों ने बुलडोजर रोकने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारी वकीलों के बीच झड़प हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स और वरिष्ठ अधिकारी तैनात हैं।   उधर, वकीलों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है और विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। वकीलों का कहना है कि वे इस कार्रवाई के खिलाफ आगे भी आंदोलन करेंगे। वहीं प्रशासन साफ कर चुका है कि अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और किसी भी तरह की अतिक्रमण की अनुमति नहीं दी जाएगी।   बता दें कि राजधानी लखनऊ को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। इससे पहले भी कई इलाकों में अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया जा चुका है। लेकिन जिला कोर्ट परिसर में हुई इस कार्रवाई ने नया विवाद खड़ा कर दिया है, क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में वकीलों के चैम्बर भी शामिल हैं।   फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। बुलडोजर कार्रवाई अभी भी जारी है और प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार दिखाई दे रहा है।

TV 24 Network May 17, 2026 0
PM Modi Arrives in Abu Dhabi

PM Modi पहुंचे अबू धाबी, UAE ने किया भव्य स्वागत

Rekha Gupta

Delhi सरकार के नए फैसले, पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की बड़ी कोशिश

SIR

Breaking News: चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, देशभर में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण की घोषणा

0 Comments