Lucknow Desk: आज राजधानी जयपुर समेत पूरे राजस्थान में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार पूरी आस्था, अकीदत और सम्मान के साथ मनाया गया। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में भारी भीड़ देखने को मिली, जहां लोगों ने बकरीद की विशेष नमाज अदा की। नमाज के बाद देश की तरक्की, शांति और दुनिया में अमन-चैन कायम रहने की दुआ मांगी गई।
जयपुर की सबसे बड़ी ईदगाह में इस बार भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बताया जा रहा है कि यहां करीब एक लाख लोगों ने एक साथ नमाज अदा की। हालांकि ईदगाह परिसर की क्षमता केवल कुछ हजार लोगों की ही है, इसलिए बड़ी संख्या में लोगों को बाहर सड़क और आसपास के इलाकों में भी नमाज पढ़नी पड़ी। इसी वजह से जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और जाम की स्थिति भी बनी।
हालांकि सड़क पर नमाज पढ़े जाने को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों का कहना है कि भीड़ ज्यादा होने और जगह कम होने की वजह से यह व्यवस्था जरूरी हो जाती है, जबकि कुछ संगठनों ने इस पर आपत्ति जताते हुए सड़क पर धार्मिक गतिविधियों को लेकर नियमों की सख्ती की मांग की है। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली।
BJP के कुछ नेताओं और विश्व हिंदू परिषद ने सड़क पर नमाज को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक जगहों पर इस तरह के आयोजन से आम लोगों को परेशानी होती है और इसलिए इसे नियंत्रित किया जाना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेताओं ने इन बयानों का विरोध किया है। उनका आरोप है कि इस तरह के मुद्दों को उठाकर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश की जाती है।
जयपुर में कई जगहों पर ईद की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। नमाज के बाद लोग एक-दूसरे से गले मिलते नजर आए और ईद की मुबारकबाद दी। घरों में पारंपरिक पकवान जैसे सेवइयां बनाई गईं और लोगों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया।
बकरीद के मौके पर कुर्बानी की रस्म भी धार्मिक परंपरा के अनुसार निभाई गई। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और सफाई के विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। साथ ही कई जगहों पर युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज में सकारात्मक संदेश देने की भी अपील की गई।
कुल मिलाकर, जयपुर और पूरे राजस्थान में बकरीद का त्योहार भाईचारे, आस्था और सामाजिक एकता के संदेश के साथ मनाया गया। लोग पूरे उत्साह के साथ इस पर्व में शामिल हुए और अमन-चैन की दुआ के साथ अपने-अपने घर लौटे।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: आज राजधानी जयपुर समेत पूरे राजस्थान में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार पूरी आस्था, अकीदत और सम्मान के साथ मनाया गया। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में भारी भीड़ देखने को मिली, जहां लोगों ने बकरीद की विशेष नमाज अदा की। नमाज के बाद देश की तरक्की, शांति और दुनिया में अमन-चैन कायम रहने की दुआ मांगी गई। जयपुर की सबसे बड़ी ईदगाह में इस बार भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बताया जा रहा है कि यहां करीब एक लाख लोगों ने एक साथ नमाज अदा की। हालांकि ईदगाह परिसर की क्षमता केवल कुछ हजार लोगों की ही है, इसलिए बड़ी संख्या में लोगों को बाहर सड़क और आसपास के इलाकों में भी नमाज पढ़नी पड़ी। इसी वजह से जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और जाम की स्थिति भी बनी। हालांकि सड़क पर नमाज पढ़े जाने को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों का कहना है कि भीड़ ज्यादा होने और जगह कम होने की वजह से यह व्यवस्था जरूरी हो जाती है, जबकि कुछ संगठनों ने इस पर आपत्ति जताते हुए सड़क पर धार्मिक गतिविधियों को लेकर नियमों की सख्ती की मांग की है। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली। BJP के कुछ नेताओं और विश्व हिंदू परिषद ने सड़क पर नमाज को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक जगहों पर इस तरह के आयोजन से आम लोगों को परेशानी होती है और इसलिए इसे नियंत्रित किया जाना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेताओं ने इन बयानों का विरोध किया है। उनका आरोप है कि इस तरह के मुद्दों को उठाकर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश की जाती है। जयपुर में कई जगहों पर ईद की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। नमाज के बाद लोग एक-दूसरे से गले मिलते नजर आए और ईद की मुबारकबाद दी। घरों में पारंपरिक पकवान जैसे सेवइयां बनाई गईं और लोगों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। बकरीद के मौके पर कुर्बानी की रस्म भी धार्मिक परंपरा के अनुसार निभाई गई। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और सफाई के विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। साथ ही कई जगहों पर युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज में सकारात्मक संदेश देने की भी अपील की गई। कुल मिलाकर, जयपुर और पूरे राजस्थान में बकरीद का त्योहार भाईचारे, आस्था और सामाजिक एकता के संदेश के साथ मनाया गया। लोग पूरे उत्साह के साथ इस पर्व में शामिल हुए और अमन-चैन की दुआ के साथ अपने-अपने घर लौटे।
Lucknow Desk: पश्चिम बंगाल में बकरीद से पहले कुर्बानी और खुले में नमाज को लेकर राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है। इस मुद्दे पर लगातार बयानबाजी हो रही है और राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर निशाना साध रही हैं। आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने इस पूरे मामले पर भाजपा और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि मुस्लिम समुदाय कुर्बानी के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। उनके मुताबिक यह धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला है, इसलिए इसमें किसी तरह की रोक या दखल को स्वीकार नहीं किया जाएगा। हुमायूं कबीर ने यह भी कहा कि संविधान का सम्मान हर किसी को करना चाहिए, लेकिन धार्मिक परंपराओं के तहत कुर्बानी की जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि जो जानवर धार्मिक रूप से मान्य हैं, उनकी कुर्बानी पर कोई रोक नहीं हो सकती। ‘आग से मत खेलो’ — हुमायूं कबीर का बयान उन्होंने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कुर्बानी को लेकर किसी तरह की रोक लगाने की कोशिश की गई, तो इसका असर गंभीर हो सकता है। उन्होंने सीधे सुवेंदु अधिकारी को संबोधित करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर “आग से मत खेलो”, क्योंकि यह संवेदनशील मामला है और इससे तनाव बढ़ सकता है। बीफ और स्लॉटर हाउस पर भी उठाए सवाल हुमायूं कबीर ने बीफ और स्लॉटर हाउस को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय बीफ का सेवन करता है और अगर इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो पहले सरकार को यह भी साफ करना चाहिए कि लाइसेंस वाले स्लॉटर हाउसों पर क्या नीति होगी? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सरकार बीफ कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने की दिशा में जा रही है या नहीं। उनका कहना था कि अगर नियम बनाए जा रहे हैं तो सबके लिए एक समान रूप से होने चाहिए। खुले में नमाज को लेकर क्या कहा? खुले में नमाज के मुद्दे पर हुमायूं कबीर ने कहा कि ईद जैसी बड़ी नमाज के लिए सरकार को पर्याप्त मैदान की व्यवस्था करनी चाहिए। उनका कहना था कि अगर जगह नहीं मिलेगी, तो लोग मजबूरी में सड़कों पर नमाज पढ़ सकते हैं। हालांकि इस पर भाजपा नेताओं का कहना है कि उनका विरोध किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए है। उनका तर्क है कि सड़क पर किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि से यातायात और कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। वे यह भी कहते हैं कि कई देशों में भी सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की अनुमति सीमित होती है। बकरीद से पहले सरकार का निर्देश इस बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने बकरीद से पहले एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि गाय, बैल, बछड़े और भैंस की कुर्बानी के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट जरूरी होगा। सरकार ने साफ किया है कि बिना प्रमाण पत्र किसी भी जानवर की हत्या नहीं की जा सकती। यह प्रमाण पत्र दो अधिकृत अधिकारियों के हस्ताक्षर के बाद ही मान्य होगा। अगर कोई इस नियम का उल्लंघन करता है, तो इसे अपराध माना जाएगा। इसके लिए छह महीने तक की जेल और एक हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इस तरह से देखा जाए तो एक तरफ धार्मिक मुद्दों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है, वहीं दूसरी तरफ सरकार कानून व्यवस्था और नियमों के पालन पर जोर दे रही है।
Lucknow Desk: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। सीएम सुवेंदु अधिकारी ताबड़तोड़ एक्शन कर रहे हैं। इसी बीच पहली बार जीत कर बीजेपी विधायक बनी रेखा पात्रा ने गाय का बर्थ सर्टिफिकेट मांगकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। जिस पर TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने चुटकी लेते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। रेखा पात्रा का वीडियो वायरल दरअसल, बीजेपी विधायक रेखा पात्रा ने हिंगलगंज में मवेशी ले जा रहे एक वाहन को रोका, जिसमें कुछ लोग गोवंश लेकर जा रहे थे। जब वाहन मालिक ने गाड़ी छोड़ने की गुहार लगाई तो उन्होंने पशुओं के बर्थ सर्टिफिकेट मांग कर दी। इस दौरान रेखा पात्रा ने आरोप लगाया कि उनके इलाके में पशुओं की तस्करी हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने एक गाइडलाइन जारी की है, जिसमें कहा गया है कि 14 साल से कम उम्र के मवेशियों को काटा नहीं जा सकता। अगर कोई उन्हें अवैध रूप से ले जाने की कोशिश करता है, तो हमें उन्हें तुरंत पकड़ना चाहिए। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने ली चुटकी इस दौरान जब रेखा पात्रा की टिप्पणी सोशल मीडिया में आई तो टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इसे शेयर किया और लिखा कि बंगाल में नई चुनी गई बीजेपी विधायक मवेशियों की उम्र साबित करने के लिए उनके जन्म प्रमाण पत्र मांग रही रही हैं। परिवर्तन। क्या सरकारी है नियम? पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बन गई है। सीएम सुवेंदु अधिकारी लगातार एक्शन में दिख रहे हैं। सुवेंदु अधिकारी ने गाय काटने और अवैध तरीके से गौ तशकरी के खिलाफ अभियान चलाया है। सरकार बनते ही शुभेंदु ने 1950 के बंगाल कानून और 2018 के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि बिना वैध प्रमाण पत्र के गायों को काटना प्रतिबंधित है। वहीं उस आदेश के मुताबिक, अगर कोई भी व्यक्ति किसी भी जानवर को तब तक नहीं काटेगा, जब तक उसे इस संबंध में यह प्रमाण पत्र न मिल जाए कि वह जानवर काटने के लिए उपयुक्त है। नियमों का उल्लघन करने पर सजा बता दें, प्रमाण पत्र नगर निगम या पंचायत अधिकारियों और सरकारी पशु चिकित्सक के साथ मिलकर जारी किया जाना चाहिए। यह प्रमाण पत्र जानवर की उम्र, स्वास्थ्य और फिटनेस के आधार पर दिया जाएगा। प्रमाण पत्र देने से इनकार किए जाने पर 15 दिनों के भीतर अपील की जा सकती है। पश्चिम बंगाल सरकार ने पशु वध नियंत्रण अधिनियम 1950 के हवाले से चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर छह महीने तक की जेल होगी और 1,000 रुपये का जुर्माने देना होगा।