Lucknow Desk: विदेश दौरे से लौटने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम साढ़े चार बजे दिल्ली के सेवा तीर्थ में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक की अध्यक्षता करने वाले हैं। इस बैठक को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर काफी चर्चा है। माना जा रहा है कि इसमें केंद्र सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री शामिल होंगे।
इस बैठक की खास बात यह है कि यह ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में लगातार तनाव बना हुआ है और उसके असर को लेकर भारत सरकार भी सतर्क नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक में तेल की बढ़ती कीमतों, ईंधन आपूर्ति पर संभावित असर और महंगाई से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। सरकार इस बात पर नजर बनाए हुए है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर कम से कम पड़े।
साथ ही इस बैठक को कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मोदी सरकार 3.0 के एक साल पूरे होने से पहले मंत्रिमंडल विस्तार और बदलाव की अटकलें लगातार तेज हैं। सूत्रों की मानें तो जून के दूसरे सप्ताह में मंत्रिपरिषद में कुछ बदलाव संभव हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले सरकार मंत्रालयों के कामकाज और उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा भी कर रही है।
बैठक में मौजूदा परिस्थितियों का आकलन भी किया जाएगा। सरकार पहले ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय अनौपचारिक समूह बना चुकी है, जो वैश्विक हालात और भारत पर उसके प्रभाव की निगरानी कर रहा है। इस समूह में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल हैं। हाल ही में राजनाथ सिंह ने कहा था कि सरकार चौबीसों घंटे हालात पर नजर रख रही है और देश में कच्चे तेल, ऊर्जा और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
करीब 11 महीने बाद हो रही इस मंत्रिपरिषद बैठक को प्रशासनिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है। बैठक लगभग चार से पांच घंटे चल सकती है। इसमें ऊर्जा, वित्त, रेलवे, वाणिज्य, श्रम, कृषि, वन एवं पर्यावरण, सड़क परिवहन, परमाणु ऊर्जा और डीपीआईआईटी समेत कई मंत्रालयों की ओर से प्रेजेंटेशन दिए जाने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार सभी मंत्रालय पहले ही पिछले दो वर्षों में किए गए सुधारों और उपलब्धियों की रिपोर्ट कैबिनेट सचिवालय को सौंप चुके हैं। अब बैठक में आगे की रणनीति और आने वाले सुधारों का रोडमैप भी रखा जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान सरकार के अगले एजेंडे और प्राथमिकताओं पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दे सकते हैं।
ऐसे में अब सबकी नजर इस बैठक पर टिकी है कि क्या यह सिर्फ समीक्षा बैठक होगी या फिर इसके बाद सरकार कोई बड़ा राजनीतिक या प्रशासनिक फैसला भी ले सकती है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: पश्चिम बंगाल में बकरीद से पहले कुर्बानी और खुले में नमाज को लेकर राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है। इस मुद्दे पर लगातार बयानबाजी हो रही है और राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर निशाना साध रही हैं। आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने इस पूरे मामले पर भाजपा और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि मुस्लिम समुदाय कुर्बानी के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। उनके मुताबिक यह धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला है, इसलिए इसमें किसी तरह की रोक या दखल को स्वीकार नहीं किया जाएगा। हुमायूं कबीर ने यह भी कहा कि संविधान का सम्मान हर किसी को करना चाहिए, लेकिन धार्मिक परंपराओं के तहत कुर्बानी की जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि जो जानवर धार्मिक रूप से मान्य हैं, उनकी कुर्बानी पर कोई रोक नहीं हो सकती। ‘आग से मत खेलो’ — हुमायूं कबीर का बयान उन्होंने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कुर्बानी को लेकर किसी तरह की रोक लगाने की कोशिश की गई, तो इसका असर गंभीर हो सकता है। उन्होंने सीधे सुवेंदु अधिकारी को संबोधित करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर “आग से मत खेलो”, क्योंकि यह संवेदनशील मामला है और इससे तनाव बढ़ सकता है। बीफ और स्लॉटर हाउस पर भी उठाए सवाल हुमायूं कबीर ने बीफ और स्लॉटर हाउस को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय बीफ का सेवन करता है और अगर इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो पहले सरकार को यह भी साफ करना चाहिए कि लाइसेंस वाले स्लॉटर हाउसों पर क्या नीति होगी? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सरकार बीफ कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने की दिशा में जा रही है या नहीं। उनका कहना था कि अगर नियम बनाए जा रहे हैं तो सबके लिए एक समान रूप से होने चाहिए। खुले में नमाज को लेकर क्या कहा? खुले में नमाज के मुद्दे पर हुमायूं कबीर ने कहा कि ईद जैसी बड़ी नमाज के लिए सरकार को पर्याप्त मैदान की व्यवस्था करनी चाहिए। उनका कहना था कि अगर जगह नहीं मिलेगी, तो लोग मजबूरी में सड़कों पर नमाज पढ़ सकते हैं। हालांकि इस पर भाजपा नेताओं का कहना है कि उनका विरोध किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए है। उनका तर्क है कि सड़क पर किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि से यातायात और कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। वे यह भी कहते हैं कि कई देशों में भी सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की अनुमति सीमित होती है। बकरीद से पहले सरकार का निर्देश इस बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने बकरीद से पहले एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि गाय, बैल, बछड़े और भैंस की कुर्बानी के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट जरूरी होगा। सरकार ने साफ किया है कि बिना प्रमाण पत्र किसी भी जानवर की हत्या नहीं की जा सकती। यह प्रमाण पत्र दो अधिकृत अधिकारियों के हस्ताक्षर के बाद ही मान्य होगा। अगर कोई इस नियम का उल्लंघन करता है, तो इसे अपराध माना जाएगा। इसके लिए छह महीने तक की जेल और एक हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इस तरह से देखा जाए तो एक तरफ धार्मिक मुद्दों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है, वहीं दूसरी तरफ सरकार कानून व्यवस्था और नियमों के पालन पर जोर दे रही है।
Lucknow Desk: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। सीएम सुवेंदु अधिकारी ताबड़तोड़ एक्शन कर रहे हैं। इसी बीच पहली बार जीत कर बीजेपी विधायक बनी रेखा पात्रा ने गाय का बर्थ सर्टिफिकेट मांगकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। जिस पर TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने चुटकी लेते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। रेखा पात्रा का वीडियो वायरल दरअसल, बीजेपी विधायक रेखा पात्रा ने हिंगलगंज में मवेशी ले जा रहे एक वाहन को रोका, जिसमें कुछ लोग गोवंश लेकर जा रहे थे। जब वाहन मालिक ने गाड़ी छोड़ने की गुहार लगाई तो उन्होंने पशुओं के बर्थ सर्टिफिकेट मांग कर दी। इस दौरान रेखा पात्रा ने आरोप लगाया कि उनके इलाके में पशुओं की तस्करी हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने एक गाइडलाइन जारी की है, जिसमें कहा गया है कि 14 साल से कम उम्र के मवेशियों को काटा नहीं जा सकता। अगर कोई उन्हें अवैध रूप से ले जाने की कोशिश करता है, तो हमें उन्हें तुरंत पकड़ना चाहिए। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने ली चुटकी इस दौरान जब रेखा पात्रा की टिप्पणी सोशल मीडिया में आई तो टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इसे शेयर किया और लिखा कि बंगाल में नई चुनी गई बीजेपी विधायक मवेशियों की उम्र साबित करने के लिए उनके जन्म प्रमाण पत्र मांग रही रही हैं। परिवर्तन। क्या सरकारी है नियम? पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बन गई है। सीएम सुवेंदु अधिकारी लगातार एक्शन में दिख रहे हैं। सुवेंदु अधिकारी ने गाय काटने और अवैध तरीके से गौ तशकरी के खिलाफ अभियान चलाया है। सरकार बनते ही शुभेंदु ने 1950 के बंगाल कानून और 2018 के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि बिना वैध प्रमाण पत्र के गायों को काटना प्रतिबंधित है। वहीं उस आदेश के मुताबिक, अगर कोई भी व्यक्ति किसी भी जानवर को तब तक नहीं काटेगा, जब तक उसे इस संबंध में यह प्रमाण पत्र न मिल जाए कि वह जानवर काटने के लिए उपयुक्त है। नियमों का उल्लघन करने पर सजा बता दें, प्रमाण पत्र नगर निगम या पंचायत अधिकारियों और सरकारी पशु चिकित्सक के साथ मिलकर जारी किया जाना चाहिए। यह प्रमाण पत्र जानवर की उम्र, स्वास्थ्य और फिटनेस के आधार पर दिया जाएगा। प्रमाण पत्र देने से इनकार किए जाने पर 15 दिनों के भीतर अपील की जा सकती है। पश्चिम बंगाल सरकार ने पशु वध नियंत्रण अधिनियम 1950 के हवाले से चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर छह महीने तक की जेल होगी और 1,000 रुपये का जुर्माने देना होगा।
Lucknow Desk: चुनाव आयोग ने देश के बड़े हिस्से में मतदाता सूची को अपडेट और सही करने के लिए तीसरे चरण के तहत SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की घोषणा कर दी है। इस चरण में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत कुल 16 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश शामिल किए गए हैं। आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी ताकि हर मतदाता तक सही जानकारी पहुंच सके और वोटर लिस्ट पूरी तरह त्रुटिरहित बनाई जा सके। इस बार का SIR अभियान बेहद व्यापक है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर लगभग पूरा देश इसके दायरे में आ रहा है। इन तीन क्षेत्रों के लिए अलग से कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करेंगे। साथ ही राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त लगभग 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी इस काम में सहयोग करेंगे। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटे नहीं और किसी भी गलत एंट्री को हटाया जा सके। कुल मिलाकर लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं तक यह अभियान पहुंचेगा। राज्यों में SIR का चरणबद्ध शेड्यूल चुनाव आयोग ने अलग-अलग राज्यों के लिए अलग समय निर्धारित किया है ताकि काम व्यवस्थित तरीके से पूरा हो सके। ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में 1 जुलाई से SIR प्रक्रिया शुरू होगी। इन क्षेत्रों में फाइनल वोटर लिस्ट 6 सितंबर को जारी की जाएगी। दादरा और नगर हवेली तथा दमन-दीव जैसे केंद्रशासित प्रदेशों में भी इसी समय के आसपास प्रक्रिया चलेगी। उत्तराखंड में भी 1 जुलाई से मतदाता सूची का पुनरीक्षण शुरू होगा और इसकी अंतिम सूची 15 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ में SIR की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसका अंतिम परिणाम 22 सितंबर को सामने आएगा। अक्टूबर से शुरू होगा बड़ा चरण सबसे बड़ा चरण 1 अक्टूबर से शुरू होगा, जिसमें कई महत्वपूर्ण राज्य शामिल हैं। तेलंगाना और पंजाब में इस तारीख से वोटर लिस्ट की गहन समीक्षा शुरू की जाएगी। खास बात यह है कि पंजाब में यह प्रक्रिया चुनाव से पहले पूरी कर ली जाएगी। इसी समय कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली में भी SIR की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके अलावा नगालैंड में भी 1 अक्टूबर से यह काम शुरू होकर 22 नवंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है। त्रिपुरा में यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू होकर 23 दिसंबर तक चलेगी, जिससे वहां भी अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी। बता दें कि यह SIR अभियान देश के लोकतंत्र को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। करोड़ों मतदाताओं तक पहुंचकर वोटर लिस्ट को सही और अपडेट करना इस प्रक्रिया का मुख्य लक्ष्य है। आने वाले महीनों में यह अभियान पूरे देश में चुनावी तैयारियों को एक नई दिशा देगा।